पश्चिम बंगाल में एक ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार प्रचंड जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। पार्टी ने अभी सरकार बनाई भी नहीं है कि प्रदेश में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सरकार से चल रहा हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार (06 मई 2026) देर रात सामने आई खबर ने बंगाल में हिंसा की सारी हदें पार कर दीं। यहाँ उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ पर गोलियाँ बरसाई गईं।
गोली लगने के बाद उन्हें विवासिटी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रथ ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। चंद्रनाथ रथ की हत्या में TMC को जिम्मेदार ठहराया गया है। हालाँकि, TMC ने इसे खारिज कर दिया है और घटना की निंदा करते हुए CBI जाँच की माँग की है। पुलिस ने भी घटनास्थल के CCTV खंगालने शुरू कर दिए हैं और हमलावरों की तलाश जारी है।
वहीं शुभेंदु अधिकारी ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है। शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि हत्या का प्लान पहले ही बन गया था, हमलावरों ने 2-3 दिन तक रेकी भी की थी। साथ ही उन्होंने इसे TMC के 15 साल के महा-जंगलराज का नतीजा बताया और कहा कि अब BJP यहाँ से गुंडों को हटाने का काम शुरू करेगी।
#WATCH | North 24 Parganas | On his PA, Chandra shot dead in Madhyamgram, BJP leader Suvendu Adhikari says, "This is a pre-planned murder, and this is what DGP said. A recce was done for 2-3 days and a murdered was fully planned. The police initiated investigation… We are… pic.twitter.com/XqcQR8Vz8D
— ANI (@ANI) May 6, 2026
घर लौटते वक्त चंद्रनाथ रथ को बनाया निशाना, विदेशी हथियारों से 10 राउंड फायरिंग
पुलिस की शुरुआती जाँच के मुताबिक, हमलावरों ने बकायदा पूरी योजना बनाकर अटैक किया था। शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ को रात 10.15 बजे के करीब गोली मारी गई। उन्हें तब निशाना बनाया गया, जब वह अपनी स्कॉर्पियो कार से घर लौट रहे थे। वह अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर थे, तभी हमलावरों ने उन पर 10 राउंड फायरिंग की। शुरुआती जाँच में यह भी सामने आया कि हमलावरों ने हमले में विदेशी हथियारों का इस्तेमाल किया था।
रिपोर्ट्स में पता लगा कि हमलावरों ने 9 मिमी बोर की ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल किया था। ये 9 मिमी बोर की ग्लॉक पिस्टल भारत में प्रतिबंधित हैं। लेकिन कोलकाता में ऐसी बोर पिस्टल समेत अवैध हथियारों का काला बाजार है। इससे स्पष्ट रूप से समझ आता है कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
कैसे मारा: फर्जी नंबर प्लेट और सिल्वर रंग की कार
चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी। यह ऐसा समझा जा सकता है कि हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाने से पहले उनकी कार को ओवरटेक किया था। देर रात जब चंद्रनाथ अपनी घर लौट रहे थे और वह कार की आगे वाली सीट पर बैठे थे। तब एक सिल्वर रंग की कार उन्हें ओवरटेक करती है, ऐसे में चंद्रनाथ की कार की गति धीमी हो जाती है। तब बाइक सवार हमलावर आते हैं और 5 गोली चंद्रनाथ के सीने से निकाल दी जाती हैं।
पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा कि उन्हें शक है कि जिस सिल्वर रंग की गाड़ी ने चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो कार को रोका था, उस गाड़ी के चेसिस नंबर मिटा दिए गए थे। इस गाड़ी की नंबर प्लेट भी फर्जी है। यह गाड़ी घटनास्थल पर ही मिली, लेकिन ड्राइवर मौके से फरार हो चुका था। गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर लगी सीट बेल्ट भी गाड़ी के दरवाजे में फँसी है, जोकि दिखाता है कि वह भी हमलावर के साथ जल्दबाजी में बाइक पर फरार हो गया था।
हत्या के लिए चुना तिराहा, ताकि आसानी से भाग सकें
इतना ही नहीं जिस जगह तिराहे पर घटना को अंजाम दिया गया है। यह जगह बहुत सोच समझकर चुनी गई थी, जिससे हमलावरों के पास भागने के लिए सिर्फ गली का ही रास्ता न हो बल्कि एक तीसरा रास्ता भी हो जो सुनसान इलाके से होते हुए मेन सड़क पर जाए।
यह इलाका भी अधिक आबादी वाला है। साथ ही खंभे पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है, जो इस घटना की जाँच में बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। पुलिस सीसीटीवी खंगालकर हमलावरों का रुट मैप जानने की कोशिश कर रही है कि वे किस रास्ते से आए, किस रास्ते से भागे और उन्होंने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का पीछा करना कहाँ से शुरू किया।
चश्मदीद: ड्राइवर रो रहा था, हमने पुलिस को फोन किया
चंद्रनाथ रथ की हत्या की पूरी कहानी एक चश्मदीद ने News18 को अपनी जुबानी सुनाई। उसने बताया कि जब वह घर से बाहर निकला तो स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी थी और उसके अंदर बैठा ड्राइवर रो रहा था और कह रहा था- “सर, यह क्या हो गया!”
चश्मदीद ने आगे बताया, “जब हम वहाँ पहुँचे तो ड्राइवर ने बताया कि कुछ लोग गोली मार कर भाग गए हैं। हमने देखा कि दूसरी सीट पर एक व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में था और उसके मुँह से बस हल्की आवाज निकल रही थी। उस वक्त वह जीवित थे, लेकिन कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थे।”
इसके बाद चश्मदीद ने ड्राइवर से चंद्रनाथ रथ को अस्पताल ले जाने के लिए कहा और खुद पुलिस को फोन कर घटना की सारी जानकारी दी। चश्मदीद का कहना है कि दो लोगों को गोली लगी थी।
वायुसेना से राजनीति तक: कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ बंगाल की राजनीति में कोई चर्चित नाम नहीं थे, लेकिन BJP के भीतर उन्हें शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता था। 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पू्र्व मेदिनीपुर के चांदीपुर के रहने वाले थे, जिनका शुभेंदु अधिकारी से पुराना संबंध था।
चंद्रनाथ रथ एक शांत स्वभाव, अनुशासित और आध्यात्मिक सोच वाले व्यक्ति थे। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने रामकृष्ण मिशन में की थी और बताया जाता है कि एक समय वह संन्यासी जैसा जीवन अपनाने के बारे में भी सोचते थे। बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना (IAF) ज्वाइन की और लगभग 20 साल तक सेवा दी।
बाद में VRS लेने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉरपोरेट में काम किया और फिर धीरे-धीरे राजनीति से जुड़ गए। उनका परिवार पहले TMC से जुड़ा हुआ था। उनकी माँ हासी रथ पूर्व मेदिनीपुर के एक स्थानीय पंचायत संस्था में पद पर रह चुकी थीं। बाद में शुभेंदु अधिकारी की तरह उनका परिवार भी 2020 में BJP में शामिल हो गया।
चंद्रनाथ के दोस्त: हमें सिर्फ एनकाउंटर चाहिए
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पूरे BJP में शोक की लहर है। उधर चंद्रनाथ के दोस्त कासिम अली ने रोते हुए मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन शाम 6 बजे चंद्रनाथ रथ से आखिरी बातचीत हुई थी, तब चंद्रनाथ ने उनसे कहा था- आओ निजाम पैलेस में बैठते हैं। गप्पे मारें, चाय पियेंगे। बीजेपी की जीत को लेकर जश्न मनाएँगे।”
कासिम अली ने रोते हुए यह भी दावा किया कि टारगेट शुभेंदु अधिकारी थे, क्योंकि चंद्रनाथ उनके सबसे करीबी थे इसीलिए उन पर हमला हुआ, जिनकी बहुत दिनों से रेकी हो रही थी। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर गुस्सा करते हुए कहा, “9 मई की सुबह को हमारा सीएम शपथ लेगा और शाम तक हमें बदला चाहिए। हमें सिर्फ एनकाउंटर चाहिए।”


