Homeदेश-समाजमोमोज चैलेंज के कारण चली गई युवक की जान, दोस्तों के उकसाने पर खा...

मोमोज चैलेंज के कारण चली गई युवक की जान, दोस्तों के उकसाने पर खा गया था 150 मोमो: पिता का आरोप- जहर देकर की बेटे की हत्या

थाना प्रभारी शशि रंजन कुमार का कहना है कि दोस्तों के बीच मोमोज खाने को लेकर शर्त लगी थी। अधिक मोमोज खाने के चलते ही उसकी मौत हुई। हालाँकि पुलिस घटना की जाँच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सारी चीजें क्लियर होंगी।

बिहार के गोपालगंज में मोमोज खाने को लेकर दोस्तों के बीच लगी शर्त एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गई। दरअसल, दोस्तों के बीच अधिक से अधिक मोमोज खाने की शर्त लगी थी। इस शर्त के चलते युवक करीब 150 मोमोज खा गया। इसके चलते उसकी मौत हो गई। हालाँकि मृतक के पिता ने दोस्तों पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना गुरुवार (13 जुलाई, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृत युवक गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के सिहोरवा गाँव का निवासी है। उसकी पहचान विपिन कुमार पासवान के रूप में हुई। वह मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। घटना के दिन यानि गुरुवार को भी वह अपनी दुकान पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसके कुछ दोस्त दुकान आए। दोस्तों के बीच अधिक मोमोज खाने को लेकर शर्त लग गई। इसके बाद विपिन अपने दोस्तों के साथ मोमोज की दुकान पहुँच गया। जहाँ उसने करीब 150 मोमोज खा लिए।

इसके बाद वह वापस अपनी दुकान आ गया। जहाँ कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया। विपिन को बेहोश देख उसे आनन-फानन में सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक विपिन के पिता विशुन ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दो लड़के दुकान आकर उनके बेटे को ले गए थे। इसके बाद उन लोगों ने जहर देकर विपिन की हत्या कर दी।

इस घटना पर थावे थाना प्रभारी शशि रंजन कुमार का कहना है कि दोस्तों के बीच मोमोज खाने को लेकर शर्त लगी थी। अधिक मोमोज खाने के चलते ही उसकी मौत हुई। हालाँकि पुलिस घटना की जाँच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सारी चीजें क्लियर होंगी। इस मामले में सदर हॉस्पिटल के डॉ. एसके रंजन ने कहा है कि मोमोज को ठीक से चबाकर नहीं खाना मौत का कारण बन सकता है। यदि मोमोज को ठीक से चबाए बिना सीधा निगल लिया जाएगा। तो वह गले में फँस सकता है। इससे जान जा सकती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एक सैनिक, एक लॉन्चर और दुश्मन के टैंक पर अंतिम प्रहार: DRDO की स्वदेशी MPATGM को मिली हरी झंडी, जानें- कितनी ताकतवर है यह...

52 हजार करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी। MPATGM समेत कई स्वदेशी हथियार भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमता बढ़ाएँगे।

स्किन-केयर बिजनेस में पाकिस्तानी दे रहे इंसानी गर्भनाल से सहयोग, चीन से वियतनाम तक फैला था गिरोह: जानिए एंटी-एजिंग और कॉस्मेटिक उत्पादों में कैसे...

पाकिस्तान में अवैध रूप से इंसानी गर्भनाल प्रोसेस कर विदेश भेजने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जहाँ अस्पतालों से प्लेसेंटा खरीदा जाता था।
- विज्ञापन -