Sunday, July 21, 2024
Homeदेश-समाजजिस जमीन को लेकर दरभंगा के एक गाँव में हिंदू और मुस्लिम परिवार में...

जिस जमीन को लेकर दरभंगा के एक गाँव में हिंदू और मुस्लिम परिवार में रार वह ‘सरकारी’, पुलिस ने धार्मिक और दबंगई के दावों को किया खारिज

जाँच के क्रम में सामने आया कि दोनों पड़ोसियों के बीच में एक लंबी सरकारी जमीन है, जो खाली पड़ी रहती है। इसी को लेकर विवाद पैदा हो रहा है।

बिहार के दरभंगा में एक मामला सामने आया था, जहाँ एक परिवार ने हिन्दू बहुल गाँव में इस्लामी धर्मांतरण का दबाव बनाए जाने और इसके लिए प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया था। हालाँकि, स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। मामला भालपट्टी थाना क्षेत्र के मुरिया गाँव का है। दरभंगा पुलिस ने इस खबर को महज एक अफवाह करार देते हुए कहा है कि घटना धर्म-परिवर्तन नहीं, बल्कि जमीनी विवाद से जुड़ी हुई है।

दरभंगा स्थित वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा इस संबंध में एक प्रेस-विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि रविवार (4 फरवरी, 2024) को राजधन देवी एवं उनके बेटे विक्की कुमार के आवेदन पर जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पुलिस पदाधिकारी (सदर) को प्रकरण की जाँच का आदेश दिया था। जाँच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि ये मामला धर्मांतरण या धार्मिक विवाद से बिलकुल भी जुड़ा हुआ नहीं है।

पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि ये मामला जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों की मानें तो शिकायतकर्ता अपने अपने घर का दरवाजा और खिड़कियाँ उत्तर दिशा की ओर खोलना चाहता है। वहाँ सरकारी जमीन है। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि आवेदक का पड़ोसी उसे ऐसे करने से रोक रहा था। जाँच के क्रम में सामने आया कि दोनों पड़ोसियों के बीच में एक लंबी सरकारी जमीन है, जो खाली पड़ी रहती है। इसी को लेकर विवाद पैदा हो रहा है।

अब अंचल अमीन एवं अंचल अधिकारी द्वारा उस जमीन की पैमाइश भी कराई गई है। उक्त जमीन का इस्तेमाल सड़क बनाने के लिए किया जाना है। दोनों पक्षों को निर्देश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन न किया जाए। इस प्रेस-विज्ञप्ति में बताया गया है कि जाँच के दौरान वहाँ महिलाएँ भी उपस्थित थीं और कई ग्रामीण भी मौजूद थे, लेकिन किसी भी प्रकार का धार्मिक विवाद या फिर दबंगई का कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।

बता दें कि इससे पहले पीड़ित परिवार ने मोहम्मद गुड्डू और मोहम्मद लड्डू समेत उनके पाँच भाइयों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। पीड़िता महिला ने अपने बेटे के माध्यम से जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में कहा था कि उसका परिवार जिस गाँव में रहता है, वह पूरा इलाका मुस्लिमों का है और गाँव में उसका अकेला हिन्दू परिवार है और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। हालाँकि, अब पुलिस-प्रशासन ने इस मामले को नकार दिया है। इसे अफवाह करार दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कमाल का है PM मोदी का एनर्जी लेवल, अनुच्छेद-270 हटाने के लिए चाहिए था दम’: बोले ‘दृष्टि’ वाले विकास दिव्यकीर्ति – आर्य समाज और...

विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कि कॉलेज के दिनों में कई मुस्लिम दोस्त उनसे झगड़ा करते थे, क्योंकि उन्हें RSS के पक्ष से बहस करने वाला माना जाता था।

हर दिन 14 घंटे करो काम, कॉन्ग्रेस सरकार ला रही बिल: कर्नाटक में भड़का कर्मचारियों का संघ, पहले थोपा था 75% आरक्षण

आँकड़े कहते हैं कि पहले से ही 45% IT कर्मचारी मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, 55% शारीरिक रूप से दुष्प्रभाव का सामना कर रहे हैं। नए फैसले से मौत का ख़तरा बढ़ेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -