Saturday, July 13, 2024
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‘पुलिस हमें टॉर्चर कर रही है, झूठ बोला जा रहा कि वो बीमार थे’: मृत BJP नेता के बेटे ने बयाँ किया दर्द, प्रत्यक्षदर्शी ने कहा – पुलिस की लाठी से हुई मौत

बेटे ने बताया कि उनके पिता ने कभी कोई दवा वगैरह खाई ही नहीं थी और न ही किसी डॉक्टर के पास उनके नाम का प्रिस्क्रिप्शन मिलेगा।

बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार (13 जुलाई, 2023) को भाजपा नेताओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान बिहार पुलिस ने भाजपा नेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। महराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल पर भी लाठियाँ बरसाई गईं। भाजपा ने आरोप लगाया कि उसके नेता विजय सिंह की पुलिस के लाठीचार्ज के बाद मौत हो गई। हालाँकि, बिहार पुलिस ने नकारते हुए कहा कि वो घटनास्थल पर थे ही नहीं और उनकी मौत लाठीचार्ज से नहीं हुई है।

अब जहानाबाद के मृत भाजपा नेता के बेटे ने बताया है कि उस दिन सुबह में करीब 10 बजे उनकी बातचीत उनके पिता से हुई थी, उस समय उन्होंने बताया था कि वो डाकबंगला चौराहे पर भाजपा के विरोध प्रदर्शन में आए हुए हैं। बेटे ने फ्री होने पर मुलाकात की बात कही तो विजय सिंह ने कहा था कि वो खुद उससे मिलने आएँगे। विजय सिंह के बेटे ने बताया कि 1 घंटे बाद कॉल किए जाने पर फोन उठा नहीं, फिर उन्होंने उनके दोस्त को कॉल कर के पूछा। पिता के दोस्त ने बताया कि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें तारा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।

पिता के अंतिम क्रिया-कर्म में व्यस्त बेटे ने ‘बिहार तक’ को बताया, “उस समय मैं इनकम टैक्स चौराहे पर था। मैं तुरंत वहाँ से अस्पताल के लिए निकला। ट्रैफिक जाम काफी ज्यादा था, इसीलिए वहाँ पहुँचने में मुझे आधे घंटे लग गए। वहाँ मेरे पिता को PMCH भेजे जाने की बात कही गई। वहाँ गया तो देखा कि दृश्य ही दूसरा था। उन्हें बेटे से ज्यादा BJP से लगाव था। वो समर्पित थे पार्टी के प्रति। लोग कह रहे हैं कि मेरे पिता की तबीयत खराब थी।”

इस दौरान विजय सिंह के बेटे ने बड़ा खुलासा किया कि परिवार को टॉर्चर करने के लिए बिहार पुलिस आई थी और उसने भी उनके पिता के तबीयत खराब होने की बात कही। बेटे ने बताया कि उनके पिता ने कभी कोई दवा वगैरह खाई ही नहीं थी और न ही किसी डॉक्टर के पास उनके नाम का प्रिस्क्रिप्शन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिवार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गाँव वाले भी कभी ऐसा नहीं कहेंगे कि वो बीमार थे, वो पैदल गाँव से जहानाबाद चले जाते थे।

बेटे ने बताया कि वो उस दिन ट्रेन से पटना गए थे। साथ ही पूछा कि ट्रेन से जाने वाला व्यक्ति बीमार कैसे होगा और अचानक से मृत्यु कैसे हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी उन्हें सच्चाई की उम्मीद नहीं है, सरकार जैसा चाहेगी डॉक्टर वैसा रिपोर्ट तैयार कर देंगे। परिवार को अब तक पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट नहीं दी गई है। पटना के डीएम ने भी बीमारी थी उन्हें। बेटे ने पूछा कि क्या सरकार ने जो बोल दिया वही सही है, मानवता नाम की कोई चीज नहीं होती है?

उन्होंने कहा कि जो उनके साथ हुआ है वो किसी के साथ हो सकता है, लेकिन फ़िलहाल वो जो झेल रहे हैं और उनके ऊपर कितने लोग निर्भर होंगे अब – इसे केवल वो ही महसूस कर रहे हैं। बेटे ने कहा कि आरा से उनका इलाज चलने के बयान भी दिए जा रहे हैं, जबकि ये सच्चाई नहीं है। वहीं इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाह रहे भरत चंद्रवंशी ने भी कहा कि लाठी चलने के कारण विजय सिंह की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने हड़बड़ी में कुछ बयान दे दिया था।

बता दें कि बिहार सरकार और प्रशासन ने विजय चंद्रवंशी को ही प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए उनका बयान जारी कर दावा किया था कि लाठीचार्ज से विजय सिंह की मौत नहीं हुई। कलपा गाँव निवासी विजय सिंह की मौत के मामले में भरत प्रसाद चंद्रवंशी अब अपने बयान से पलट गए और कहा कि पुलिस के दबाव में उन्होंने वो बयान दिया था। वो विजय सिंह के साथ ही वहाँ गए थे। उन्होंने बताया कि वहाँ लाठीचार्ज से भगदड़ मच गई और विजय सिंह को आंतरिक चोट लगी।

उन्होंने बताया कि 102 नंबर पर कॉल किया गया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आया। फिर रिक्शा पर डाल कर नजदीकी तारा हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहाँ पचासों कार्यकर्ता जुट गए थे। वहीं बताया गया कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। फिर प्राइवेट एम्बुलेंस से उन्हें PMCH ले जाया गया। भरत चंद्रवंशी ने कहा कि अंधाधुंध लाठी चली थी, पहले उन्होंने अकुलाहट में भूल से वो बयान दे दिया था। उन्होंने कहा कि वास्तविकता ये है कि लाठी चलाए जाने के कारण उनकी मौत हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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