Homeदेश-समाजघर में धमाके के बाद घायल हुआ शख्स, बना रहा था देसी बम: केरल...

घर में धमाके के बाद घायल हुआ शख्स, बना रहा था देसी बम: केरल के कन्नूर में ही RSS कार्यकर्ता के घर के पास भी हुआ था धमाका

शुरुआती जाँच में यह सामने आया है कि जितिन के घर के अंदर एक देसी बम फटा था। पुलिस कमिश्नर अजीत कुमार ने आशंका जताई है कि इसे जितिन ने अपने घर में ही बनाया हो सकता है।

केरल के कन्नूर जिले के थालास्सेरी के पास एक घर में बम धमाका हुआ है। धमाके में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर है। गुरुवार (12 जनवरी, 2023) को हुए धमाके की जानकारी पुलिस ने शुक्रवार (13 जनवरी, 2023) को दी। कन्नूर पुलिस ने घटनास्थल के पास और भी बम होने की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को थालास्सेरी के लोटस टॉकीज के पास जितिन नादम्मल के घर पर धमाका हुआ। धमाके में जितिन घायल हो गया। जिसके बाद उसे पास के अस्पताल ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे कन्नूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर अजीत कुमार ने स्थानीय मीडिया से घर में एक से अधिक बम होने की संभावना जताई है।

शुरुआती जाँच में यह सामने आया है कि जितिन के घर के अंदर एक देसी बम फटा था। पुलिस कमिश्नर अजीत कुमार ने आशंका जताई है कि इसे जितिन ने अपने घर में ही बनाया हो सकता है। पुलिस के मुताबिक पहले भी वह देसी बम बनाकर अपने घर में रखता रहा है। हो सकता है लंबे समय से रखे होने और गर्मी की वजह से धमाका हुआ हो। अजीत कुमार ने कहा है कि जितिन हिरासत में है और ठीक होने के बाद उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाके की वजह से घर का एक कमरा पूरी तरह से तबाह हो गया है। धमाके के वक्त जितिन घर पर अकेला था। उसका पैर बुरी तरह जख्मी हुआ है। फिलहाल पुलिस ने पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। डॉग स्क्वायड ने भी मौके का मुआयना किया है। इसके पहले भी कन्नूर के चावासेरी इलाके में इसी तरह की घटना सामने आई थी। सितंबर 2022 में आरएसएस कार्यकर्ता के घर से कुछ ही दूरी पर बम धमाका हुआ था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -