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कालीचरण महाराज को पुणे कोर्ट ने एक दिन के पुलिस रिमांड में भेजा, छत्तीसगढ़ के बाद अब महाराष्ट्र पुलिस करेगी पूछताछ

पिछले पाँच दिनों से खड़क थाना महाराष्ट्र की एक टीम रायपुर में डेरा जमाए हुए थी। कालीचरण को लेकर जाने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रही थी।

महात्मा गाँधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुणे कोर्ट ने कालीचरण महाराज को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुणे पुलिस की एक टीम बुधवार (5 जनवरी 2022) को रायपुर सेंट्रल जेल से कालीचरण महाराज को लेकर महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गई है। दो गाड़ियों में करीब एक दर्जन पुलिस बल के साथ कालीचरण महाराज को पुलिस रायपुर से ले गई है। इसमें छत्तीसगढ़ पुलिस की गाड़ियाँ बॉर्डर क्रॉस कराने के लिए साथ में गई हैं।

ट्रांजिट रिमांड पर गए महाराष्ट्र

पिछले पाँच दिनों से खड़क थाना महाराष्ट्र की एक टीम रायपुर में डेरा जमाए हुए थी। कालीचरण को लेकर जाने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रही थी। मंगलवार (4 जनवरी 2022) को मजिस्ट्रेट भूपेंद्र कुमार वासनीकर की कोर्ट में महाराष्ट्र पुलिस की अर्जी पर सुनवाई हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने कालीचरण को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है। अब 13 जनवरी के पहले महाराष्ट्र पुलिस कालीचरण महाराज को फिर रायपुर लेकर आएगी।

गौरतलब है कि रायपुर की तरह महाराष्ट्र राज्य के खड़क थाना में कालीचरण पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने के कारण एफआईआर दर्ज है। इसीलिए कालीचरण महाराज की तलाश महाराष्ट्र पुलिस भी कर रही थी। लेकिन महाराष्ट्र पुलिस कालीचरण को गिरफ्तार करती, इससे पहले रायपुर पुलिस ने कालीचरण महाराज को कानून को ताक पर रखते हुए मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया है। वहीं कालीचरण महाराज के वकील जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए कानूनी सलाह ली जा रही है।

रायपुर में राजद्रोह का मामला 

कालीचरण ने 25 और 26 दिसंबर को रायपुर में आयोजित धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसको लेकर रायपुर में टिकरापारा थाने में कालीचरण के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए, 294, 505(2),153 ए(1)(ए), 153बी(1)(ए), 295ए, 505(1)(बी) के तहत केस दर्ज है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में संत कालीचरण महाराज पर आरोप है कि उन्होंने महात्मा गाँधी को लेकर एक धर्म संसद में अपमानजनक बातें कहीं। ये धर्म संसद 26 दिसंबर 2021 को रायपुर के रावण भाटा मैदान में आयोजित की गई थी। उन्होंने मोहनदास करमचंद गाँधी का नाम लेकर उनकी हत्या को जायज ठहराया था। साथ ही गोडसे को नमन किया था। उन्होंने मंच से कॉन्ग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए हिंदू नेता चुनने की बात भी श्रोताओं से कही थी। इसके अलावा उन्होंने इस्लाम को लेकर कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए देश पर कब्जा करने का था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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