Homeदेश-समाजशिव तांडव स्त्रोत' वाले video से चर्चा में आए संत कालीचरण पर छत्तीसगढ़ में...

शिव तांडव स्त्रोत’ वाले video से चर्चा में आए संत कालीचरण पर छत्तीसगढ़ में FIR: ‘धर्म संसद’ में आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

धर्मसंसद की वीडियो वायरल होने के बाद संत कालीचरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में ही टिकरापारा क्षेत्र में धारा 505(2), 294 IPC के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ में संत कालीचरण महाराज के विरुद्द केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने महात्मा गाँधी को लेकर एक धर्म संसद में अपमानजनक बातें कहीं। ये धर्म संसद 26 दिसंबर 2021 को रायपुर के रावण भाटा मैदान में आयोजित की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने मोहनदास करमचंद गाँधी का नाम लेकर उनकी हत्या का जायज ठहराया। साथ ही गोडसे को नमन किया। कथिततौर पर उन्होंने मंच से कॉन्ग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए हिंदू नेता चुनने की बात भी श्रोताओं से कही। इसके अलावा उन्होंने इस्लाम को लेकर कहा कि इस्लाम का मकसद  राजनीति के जरिए देश पर कब्जा करने का है।

इस धर्मसंसद की वीडियो वायरल होने के बाद संत कालीचरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में ही टिकरापारा क्षेत्र में धारा 505(2), 294 IPC के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। ये शिकायत रायपुर के पूर्व महापौर और वर्तमान सभापति प्रमोद दुबे ने कराई है।

बता दें कि महात्मा गाँधी पर टिप्पणी करने के बाद संत कालीचरण के ख़िलाफ़़ कड़ी कार्रवाई की माँग की जा रही है। कई नेता उनके विरोध में ट्वीट कर रहे हैं। राहुल गाँधी ने भी आज महात्मा गाँधी का एक कोट शेयर किया है। आम आदमी पार्टी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी वीडियो देख पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा है ये कि कौन है जो राष्ट्रपिता को गाली दे रहा है? मोदी जी इस पर कुछ बोलेंगे या दिल से माफ नहीं कर पाएँगे।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जुलाई माह के आसपास ही कालीचरण द्वारा गाया गया शिव तांडव स्त्रोत वायरल हुआ था। उस समय जगह-जगह उनकी वीडियो शेयर करके उनकी काफी सराहना हुई थी। बाद में उनकी आवाज में कई स्त्रोतों का पाठ किया गया। हालाँकि, अब एक साल बाद गाँधी पर टिप्पणी करने के कारण उनपर केस हो रहे हैं। कथिततौर पर उसी मंच पर महंत राम सुंदर ने भी उनका विरोध किया और ताली बजाने वालों से सवाल किया क्या गाँधी ‘गद्दार थे?’ हर$#^ थे? इन टिप्पणियों को सुनने के बाद महंत राम सुंदर ने खुद को इस धर्म संसद से अलग भी कर लिया, जिसके चलते उनकी काफी तारीफें हो रही हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -