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रामनवमी शोभायात्रा को वामपंथियों ने ‘मुजरा’ बताया, जवाब में लगे ‘जय श्रीराम’ के नारे: वर्धा यूनिवर्सिटी में बवाल, केस दर्ज

विश्वविद्यालय के एक छात्र ने TOI से हुई बातचीत में कहा है कि वामपंथी संगठन से जुड़े छात्र रामनवमी के दिन शाम को रामनवमी शोभा यात्रा के लिए कथित तौर पर 'मुजरा' शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद हिंदुओं के साथ उनकी झड़प हो गई।

महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में हिंसक झड़प होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के वामपंथी संगठन से जुड़े कुछ छात्रों ने रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद हिंसा झड़प हुई।

इस पूरे मामले की शुरुआत 26 मार्च 2023 को हुई। दरअसल, एक रजनीश कुमार अंबेडकर नामक एक दलित छात्र ने 26 मार्च से विश्वविद्यालय के खिलाफ 4 दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। अंबेडकर ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसकी पीएचडी थीसिस बीते 11 महीने से जमा है। लेकिन जातिवाद के चलते विश्वविद्यालय के अधिकारी उसकी जाँच नहीं कर रहे।

कुछ दिनों बाद रजनीश कुमार अंबेडकर को विश्वविद्यालय के कुछ और छात्रों का समर्थन मिल गया। इससे थीसिस की जाँच को लेकर उसकी माँग को बल मिला। हालाँकि विश्वविद्यालय के कुलपति रजनीश कुमार शुक्ला का इस मामले पर कहना है कि वामपंथी संगठन से जुड़े छात्र विश्वविद्यालय में अशांति और सांप्रदायिक कलह पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि रजनीश कुमार अंबेडकर समेत कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के मेन गेट के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।

विश्वविद्यालय की ओर से आगे कहा गया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने रामनवमी शोभा यात्रा के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। यही नहीं, इन छात्रों ने रामनवमी को शाम के समय भगवान श्रीराम के लिए भी अपमानजनक भाषा का उपयोग किया। इसके बाद कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्र मौके पर पहुँचे और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने ‘जय भीम’ के नारे लगाए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद ही दोनों छात्र समूहों के बीच झड़प शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों और कथित तौर पर एबीवीपी से जुड़े छात्रों के बीच 31 मार्च 2023 को झड़प हुई थी। झड़प की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए दोनों समूहों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। यही नहीं, विश्वविद्यालय ने रजनीश कुमार अंबेडकर के साथ प्रदर्शन कर रहे छात्रों विवेक मिश्रा, अंतास सर्वानंद, नीरज ओबेरॉय, राजेश कुमार यादव, चंदन सरोज, आदर्श पाठक और जतिन चौधरी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसके अलावा कथित तौर पर ABVP से जुड़े छात्रों को भी नोटिस जारी किया गया है।

विश्वविद्यालय के एक छात्र ने TOI से हुई बातचीत में कहा है कि वामपंथी संगठन से जुड़े छात्र रामनवमी के दिन शाम को रामनवमी शोभा यात्रा के लिए कथित तौर पर ‘मुजरा’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद हिंदुओं के साथ उनकी झड़प हो गई।

छात्र ने कहा है, “सर्वानंद वीडियो शूट कर रहा था और शोभा यात्रा के लिए लगातार ‘मुजरा’ शब्द का इस्तेमाल कर कर रहा था। रामनवमी की शोभा यात्रा हमारे लिए एक त्योहार है। इसलिए हमने उन्हें सबक सिखाने का फैसला किया।” इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हालाँकि रजनीश कुमार अंबेडकर ने अपने ऊपर लगे ‘आरोपों’ को खारिज कर दिया है। उसने कहा है कि रामनवमी की शाम को किसी भी प्रदर्शनकारी ने ‘मुजरा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने इसका इस्तेमाल किया हो, लेकिन यह किसी अन्य चीज को लेकर किया गया होगा। महाराष्ट्र में मुजरा का मतलब सलामी भी होता है।

वहीं, इस मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति रजनीश कुमार शुक्ला का कहना है कि परिसर में न तो किसी प्रकार के सांप्रदायिक नारे लगाए गए और न ही रजनीश कुमार अंबेडकर के साथ मारपीट हुई। मामले को शांत कराने के लिए मौके पर पहुँचे 15-17 सुरक्षा गार्डों को गंभीर चोटें आई हैं। राम नगर पुलिस ने दोनों पक्ष के छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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