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घरों से बाहर निकलो, भीड़ में छींक कर कोरोना फैलाओ, कहने वाला इन्फोसिस कर्मी मुजीब मोहम्मद हुआ गिरफ्तार

"मुजीब मोहम्मद ने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से लोगों से अपील की थी कि आओ घर से बाहर निकलो, कोरोना को फैलाने में हाथ मिलाएँ और पब्लिक के बीच मुँह खोल कर छींकें जिससे यह कोरोना वायरस और फ़ैल सके।"

वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए जहाँ एक तरफ सारी दुनिया एक साथ खड़ी नजर आ रही है वहीं कुछ लोग इस मौके पर भी घृणात्मक विचार फैलाने से बाज नहीं आ रहे। इन्फोसिस में काम करने वाला मुजीब मोहम्मद नामक व्यक्ति ऐसे ही लोगों में शुमार है, जिसे आज पुलिस ने नफरत फैलाने वाले विचारों के आरोप में गिरफ्तार किया।

यह व्यक्ति कोरोना संक्रमण से मानवता की लड़ाई के इस वक्त में भी उलटे सीधे बयान देकर लोगों में नफरत फैलाने का काम कर रहा था। अंशुल सक्सेना ने एक ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। अंशुल ने अपने ट्वीट के जरिए बताया कि मुजीब मोहम्मद ने अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से लोगों से अपील की थी कि आओ घर से बाहर निकलो, कोरोना को फैलाने में हाथ मिलाएँ और पब्लिक के बीच मुँह खोल कर छींकें जिससे यह कोरोना वायरस और फ़ैल सके।

अंशुल के अलावा एक अन्य ट्विटर यूजर ने भी इस बारे में ट्वीट कर अंशुल सक्सेना के ट्वीट की पुष्टि की। इन ट्वीट्स पर अन्य ट्विटर यूजर्स की प्रतिक्रिया बेहद आक्रामक और गुस्से से भरी आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे जहाँ जिहाद का एक फॉर्म बताया, तो कुछ ने इसके जरिए मीडिया गैंग की पुअर हेडमास्टर संस थ्योरी को याद किया।

फाइंडिंग लाइफ नाम के इस ट्विटर यूजर ने लिखा कि बरखा दत्त को इसकी खबर देनी चाहिए, शायद इसकी भी कोई दर्दनाक स्टोरी हो इसके पास्ट से जुड़ी हुई जहाँ क्लास 5th में किसी क्लासमेट ने इसे पीटा हो या ऐसा कुछ।

याद रहे कि कोरोना वायरस को लेकर इस तरह की नफरत फैलाने वाली बात कहने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी चरमपंथी इस्लामिस्ट्स राणा अयूब ने भी कोरोना के संबंध में पूरे देश को बद्दुआ देते हुए कहा था कि जो देश इतना नैतिक रूप से पतित हो चुका हो उसका कोरोना भी क्या करेगा? जिस पर मीडिया गैंग की भी तरफ से काफी तीखी प्रतिक्रिया आई थी। लेकिन बरखा दत्त की जिहादिनों ने जिसका समर्थन किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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