Homeदेश-समाजहिंदू लड़के को मुस्लिम लड़की से था प्यार, मुहर्रम के दिन पहुँच गया मिलने:...

हिंदू लड़के को मुस्लिम लड़की से था प्यार, मुहर्रम के दिन पहुँच गया मिलने: कर्नाटक में दोनों समुदायों में विवाद के बाद खूनी संघर्ष, 2 की मौत और 6 घायल

इस घटना में 22 साल के पाशा वल्ली और 60 साल के येनकप्पा तलावड की मौत हो गई। वहीं, घायल लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

कर्नाटक (Karnataka) के कोप्पल जिले के हुलीहैदर गाँव में दो समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 6 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। हालात को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।

कहा जा रहा है कि एक हिंदू लड़का इलाके के ही एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था। मुहर्रम के दिन लड़का अपनी प्रेमिका के बुलावे पर उससे मिलने के गया था। कहा जा रहा है कि इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई।

इसके बाद दोनों समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए और बात बिगड़ गई। इसके बाद दोनों समुदाय के लोगों के बीच विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और जमकर पत्थरबाजी हुई।

इस घटना में 22 साल के पाशा वल्ली और 60 साल के येनकप्पा तलावड की मौत हो गई। वहीं, घायल लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद मौके पर पहुँचकर प्रशासन कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दिया है। इसके साथ इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की भी तैनाती कर दी गई है। इस घटना को लेकर मामला दर्ज करने के बाद पुलिस इसकी जाँच कर रही है।

 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -