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गुजरात में दंगे भड़कने से 1 की मौत, दंगाइयों ने किए 25 घर आग के हवाले; इलाके में पुलिस तैनात

पुलिस ने बताया कि दंगा भड़कने के पीछे के असली कारण की फिलहाल जाँच की जा रही है और फिलहाल इस मामले में आरोपित 46 लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। इसके बाद वहाँ के हालात सामान्य बताए जा रहे हैं।

एक ओर जहाँ देशभर में नागरिकता कानून को लेकर तरह-तरह के दंगे और विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, वहीं गुजरात में आज दो समुदायों के बीच हिंसा और झड़प का मामला सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से पहले आनंद जिले के खंभात तालुका में रविवार को दो समुदायों के बीच अचानक दंगा भड़क जाने के कारण 13 लोग घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि वो अभी इस झड़प का कारण पता कर रही है।

गुजरात के आनंद जिले के खंभात तालुका में कल रविवार (फरवरी 23, 2020) को दो समुदायों के बीच अचानक दंगा भड़क गए। इस दंगों में 13 लोग घायल हो गए। दोनों समुदायों की उत्तेजित भीड़ ने एक-दूसरे के कम से कम 25 घरों-दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। खम्भात के इस इलाके में दोनों समुदायों के बीच पिछले एक महीने में सांप्रदायिक संघर्ष की यह दूसरी घटना बताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले गत जनवरी 24, 2020 को दोनों समुदायों में दंगा भड़का था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। खम्भात स्थित आनंद जिले के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक दिव्य मिश्रा ने बताया है कि रविवार को अकबरपुरा इलाके में दोनों समुदायों के बीच 24 जनवरी के दंगे को लेकर मौखिक बहस शुरू हो गई, जो आपस में मारपीट और पथराव में बदल गई।

पुलिस ने बताया कि दंगा भड़कने के पीछे के असली कारण की फिलहाल जाँच की जा रही है और फिलहाल इस मामले में आरोपित 46 लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। इसके बाद वहाँ के हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। किसी प्रकार के साम्प्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका के चलते करीब 100 पुलिसकर्मियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है।

वहीं, कुछ लोगों का सोशल मीडिया पर कहना है कि यह दंगे, आगजनी और तोड़-फोड़ मुस्लिम भीड़ द्वारा की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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