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हरिद्वार में विशालकाय मस्जिद बनाई, खड़ी कर दी ऊँची मीनार… लेकिन नहीं ली कोई अनुमति: CM धामी के एक्शन के बाद रुका निर्माण, कागज दिखाने को भी कहा

यह मस्जिद हरिद्वार के नगर पंचायत सुल्तानपुर में बनाई जा रही है। ऊँची-ऊँची मीनारों वाली इस मस्जिद में तेजी से काम चल रहा था। इसको लेकर हिन्दुओं ने चिंता जताई। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने इस पर रिपोर्ट माँगी। मुख्यमंत्री के रिपोर्ट माँगने के बाद यहाँ हरिद्वार के DM ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।

उत्तराखंड के हरिद्वार में अवैध रूप से बनाई जा रही बड़ी मस्जिद का काम रोक दिया गया है। इसका निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर रोका गया है। इस मस्जिद को बनाने की अनुमति तक नहीं ली गई थी। इसका निर्माण उस हरिद्वार जिले में हो रहा था, जो हिन्दू आस्था का केंद्र है।

यह मस्जिद हरिद्वार के नगर पंचायत सुल्तानपुर में बनाई जा रही है। ऊँची-ऊँची मीनारों वाली इस मस्जिद में तेजी से काम चल रहा था। इसको लेकर हिन्दुओं ने चिंता जताई। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने इस पर रिपोर्ट माँगी। मुख्यमंत्री के रिपोर्ट माँगने के बाद यहाँ हरिद्वार के DM ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।

हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित ने इस मस्जिद के निर्माण स्थान का दौरा भी किया। उन्होंने इसके बाद बताया कि कुछ दिनों पहले मीडिया के जरिये सुल्तानपुर में इस मस्जिद निर्माण की सूचना मिली थी और पता चला था कि उसकी मीनार काफी ऊँची हैं।

उन्होंने आगे बताया कि अब सुल्तानपुर में निर्माण मस्जिद का काम रुकवा दिया गया है और मस्जिद की जमीन और निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। डीएम दीक्षित ने यह भी बताया कि इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने मस्जिद कमिटी से कागज दिखाने तक निर्माण रोकने के लिए भी हाल ही में बैठक की थी।

इस मामले में एक्शन हिन्दू संगठनों और साधु-संतों के आवाज उठाने के बाद हुआ है। उन्होंने ही मुख्यमंत्री धामी से इस मस्जिद के निर्माण पर रोक लगाने की माँग की थी। हालाँकि, निर्माण रुकने के बाद हिन्दू संगठन लगातार इस बात की जाँच की माँग कर रहे है कि इतनी बड़ी मस्जिद बनाने का पैसा कहाँ से आ रहा है।

उन्होंने विदेशी फंडिंग की जाँच करवाने की माँग की है। यह मस्जिद जिस तहसील में बन रही है वहाँ पहले भी कई अवैध ढांचों पर कार्रवाई हो चुकी है। धामी सरकार राज्य में 500 से अधिक अवैध मजार भी ध्वस्त करवा चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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