Homeदेश-समाजहम केले के लिए बाहर हैं, शहर में घूम रहे, डरने की कोई बात...

हम केले के लिए बाहर हैं, शहर में घूम रहे, डरने की कोई बात नहीं, मेरा नाम है काला दादा: जलगाँव पुलिस ने किया गिरफ्तार

दूसरी वीडियो में आप देख सकते हैं कि 'काला दादा' पुलिस स्टेशन के अंदर है, जो कि कान पकड़े हुए कहता है मैंने बहुत बड़ी गलती की है। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मुझे अब अपनी गलती का एहसास हुआ। मैं फिर कभी ऐसा काम नहीं करूँगा और जैसी गलती मैंने की है ऐसी कोई गलती आप मत करना। मैं उन पुलिस कर्मियों का शुक्रगुजार हूँ, जो 24 घंटे ड्यूटी पर हैं।

एक तरफ लोग कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद हैं। तो वहीं कुछ लोग बेवजह की बेहूदगी दिखाते लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सड़क पर घूम रहे हैं। कुछ ऐसी ही एक वीडियो पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपित व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल महाराष्ट्र के जलगाँव में एक व्यक्ति ने लॉकडाउन के दौरान पूरे शहर में बाईक घुमाते हुए वीडियो बनाई थी। इसके बाद इलाका पुलिस ने आरोपित व्यक्ति को शहर में कर्फ्यू के आदेशों की अवहेलना के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया।

वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि आरोपित व्यक्ति बिना हेलमेट के एक हाथ से तो बाइक चला रहा है और दूसरे हाथ से खुद की वीडियो बना रहा है, जबकि पीछे एक छोटा बच्चा भी बैठा हुआ है, जो कि केले का एक गुच्छा हाथ में लिए हुए है।

ट्विटर हैंडल पर पॉलिटिकल कीड़ा द्वारा अपलोड किए गए एक वीडियो में, आरोपित व्यक्ति यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि हम केले खरीदने के लिए बाहर हैं और हम शहर में घूम रहे हैं। हमें डरने की कोई बात नहीं है। हम निडर हैं क्योंकि मेरा नाम काला दादा है। अब ऐसे में पूरी दुनिया लॉकडाउन के तहत अपने-अपने घरों में कैद है और ये पिता-पुत्र बिना किसी चिंता के लॉकडाउन के बाद भी बाइक से शहर में घूम रहे हैं।

वहीं दूसरी वीडियो में आप देख सकते हैं कि आरोपित व्यक्ति एक पुलिस स्टेशन के अंदर पुलिस की गिरफ्त में दिखाई दे रहा है, जो कि कान पकड़े पुलिस की मौजूदगी में कहता है मैंने बहुत बड़ी गलती की है। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मुझे अब अपनी गलती का एहसास हुआ। मैं फिर कभी ऐसा काम नहीं करूँगा और जैसी गलती मैंने की है ऐसी कोई गलती आप मत करना। साथ ही आरोपित ने कहा कि मैं उन पुलिस कर्मियों का शुक्रगुजार हूँ, जो 24 घंटे ड्यूटी पर हैं।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान आदेशों की अवहेलना करने वाले कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। तो वहीं कई ऐसे भी केस सामने आए जब ऐसे लोगों पर पुलिस ने सख्ती की तो उन लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। कुछ ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों कोलकाता से आया था, जहाँ एक लड़की को एक पुलिसकर्मी को गाली देते और उस पर थूकते हुए देखा गया था। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान पुलिसस ने लड़की की कार को रोक लिया था। वहीं बुधवार को बेंगलुरु के संजय नगर से दो उपद्रवियों को पुलिस कर्मियों पर हमला करने और उनकी बाइक रोकने पर उन पर पथराव करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कोरोना से अब तक 4 मौतें, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 130 हो गई है। वहीं बात करें पूरे भारत की तो अब तक इससे 16 मौतें और इससे संक्रमित लोगों की संख्या 700 से अधिक हो गई है। वहीं 14 अप्रैल तक पूरे देश में लॉकडाउन जारी है। साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से 21 दिनों तक घरों में रहने की ही अपील की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -