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विकास दुबे: सपा-बसपा नेताओं का रहा है करीबी, खौफ ऐसा कि थाने में ही कर दी मंत्री की हत्या, लेकिन गवाह नहीं मिले

विकास दुबे पर साल 2000 में कानपुर के शिवली स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त सिद्धेश्वर पाण्डेय की हत्या का आरोप हैl 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दूबे हत्याकांड में भी उसका नाम शामिल हैl

उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ कर्मियों की गुरुवार रात कानपुर के बिकरू गाँव में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे चर्चा में है।

पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के लिए आधी रात दबिश दी थी। लेकिन, विकास और उसके गुर्गों ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की।

विकास पर कम से कम 60 मामले दर्ज हैं। इनमें 53 हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े हैं। उस पर राजनाथ सिह की सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा रखने वाले संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या करने का भी आरोप है। हालॉंकि इस मामले में कोई गवाह नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया था।

विकास दुबे राजनीति में भी ​सक्रिय रहा है। सपा और बसपा के कई नेताओं से उसकी करीबी रही है। उसकी पत्नी सपा के टिकट पर पंचायत का चुनाव भी लड़ चुकी है।

विकास दुबे पर साल 2000 में कानपुर के शिवली स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्त सिद्धेश्वर पाण्डेय की हत्या का आरोप हैl 2004 में केबल व्यवसायी दिनेश दूबे हत्याकांड में भी उसका नाम शामिल हैl 

उस पर साल 2018 में जेल के भीतर रह कर ही अपने चचेरे भाई की हत्या की साज़िश रचने का आरोप हैl अपराध के साथ-साथ विकास दुबे की सक्रियता राजनीति में भी बराबर रही हैl वह पूर्व प्रधान और जिला पंचायत सदस्य रह चुका है। साल 2002 के आस-पास बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के कार्यकाल में विकास दूबे का कानपुर के तमाम इलाकों में ख़ौफ़ थाl 

उत्तर प्रदेश पुलिस, हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे
सपा की तरफ से पंचायत चुनाव लड़ चुकी है विकास की पत्नी

बसपा के तमाम कद्दावर नेताओं से उसके संबंध किसी से छिपे नहीं थेl इसी दौरान उसने गैर कानूनी संपत्ति बनाई और अपना गैंग तैयार किया। बसपा के अलावा समाजवादी पार्टी के नेताओं से भी उसके संबंध रहे हैं। उसकी पत्नी भी सपा के टिकट पर पंचायत चुनाव लड़ चुकी हैl  

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक एचसी अवस्थी ने कहा कि उसे पुलिस की दबिश के बारे में पहले से ही जानकारी मिल गई थीl उसे पहले ही भनक लग गई थी कि पुलिस दबिश देने वाली हैl उनके अलावा उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि मामले में चूक पुलिस की तरफ से भी हुई हैl फिलहाल उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फ़ोर्स भी इस मामले की नए सिरे से जाँच करेगीl 

जिस तरह से विकास दूबे की तरफ से पुलिस पर हमला हुआ इससे यह साफ़ था कि उसने पहले ही हमले की तैयारी कर ली थीl गाँव के लगभग हर रास्ते को जेसीबी से बंद किया गया था, जिससे पुलिस को गाँव के भीतर दाखिल होने में परेशानी होl इसके बाद पुलिस की तरफ से हुई कार्रवाई में चौबेपुर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर दो बदमाश मारे गए हैं, दोनों की पहचान बतौर विकास दूबे के परिचित के तौर पर हुई हैl

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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