Homeदेश-समाजदिल्ली के जामिया नगर में लकड़ी के संदूक में मिली भाई-बहन की लाश, घर...

दिल्ली के जामिया नगर में लकड़ी के संदूक में मिली भाई-बहन की लाश, घर से खेलने निकले थे: मस्जिद से भी हुआ था लापता होने का ऐलान

जिस संदूक में दोनों बच्चों के शव मिले हैं, वो काफी पुराना और बेहद भारी बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनो बच्चों के शवों पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। वहीं, एक बच्चे के मुँह से झाग आने की बात कही जा रही है।

राजधानी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में मंगलवार (6 जून 2023) को बच्चों के शव मिले। ये शव लकड़ी के एक बक्से में बंद करके रखे गए थे। मृतक भाई-बहन बताए जा रहे हैं। दोनों मृतक एक दिन पहले सोमवार से लापता थे। बच्चों के पिता का नाम बलबीर है, जो चौकीदार की नौकरी करते हैं। मृतक का परिवार मूल रूप से नेपाल से है। पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों नीरज की उम्र 8 साल और मृतक आरती की उम्र 6 साल है। ये दोनों जोगबाई एक्सटेंशन के मकान नंबर F-2 में अपने पिता बलबीर और माँ के साथ रहते थे। बलबीर प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड हैं। वहीं, दोनों का शव जामिया नगर से बरामद किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार (5 जून) को दोनों बच्चों ने दोपहर लगभग 3 बजे अपने माता-पिता के साथ खाना खाया। इसके आधे घंटे बाद लगभग 3:30 पर दोनों बाहर खेलने के लिए गए और वहीं से लापता हो गए। बलबीर और उनकी पत्नी ने बच्चों की खोजबीन शुरू की, लेकिन वे नहीं मिले।

बच्चों की तलाश में मोहल्ले के अन्य लोग भी जुटे, पर उन्हें भी सफलता नहीं मिली। आखिरकार एक दिन बाद उन दोनों के शव लकड़ी के एक बॉक्स से मिले। ये बॉक्स जामिया की एक लकड़ी की गोदाम में रखा हुआ था। यहीं पर बच्चों के पिता चौकीदार की नौकरी भी करते हैं। हालाँकि, बच्चे वहाँ तक कैसे पहुँचे अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है।

जिस संदूक में दोनों बच्चों के शव मिले हैं, वो काफी पुराना और बेहद भारी बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनो बच्चों के शवों पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। वहीं, एक बच्चे के मुँह से झाग आने की बात कही जा रही है।

मृतकों की माँ ने बच्चों की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने सवाल किया कि एक बॉक्स में 2 बच्चे कैसे पहुँचे और उसमें दोनों के शव कैसे समा गए? पीड़ित माँ ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को खोजने के लिए मस्जिद से एलान भी करवाया था।

वहीं, पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। प्रथम दृष्ट्या मौत की वजह दम घुटना माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक टीम भी मौके पर छानबीन में जुटी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आर्टिकल 370 हटने के समय संभाली J&K में कमान, आतंकी नेटवर्क की तोड़ी कमर: जानिए कौन हैं वो ‘डॉक्टर’ महेश दीक्षित, जिन्हें मोदी सरकार...

महेश दीक्षित पहले पेशे से डॉक्टर थे, देशसेवा के लिए वो पुलिस सर्विस में आए और अब उन्हें उनका अनुभव व योगदान देखते हुए आईबी का प्रमुख चुना गया है।

पुणे के महात्मा फुले वाडा में वट पूर्णिमा पूजा को पुरातत्व विभाग की हरी झंडी, हिंदू संगठनों के भारी विरोध के बाद महाराष्ट्र सरकार...

महात्मा फुले वाडा में वट पूर्णिमा पूजा पर रोक का आदेश वापस, हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद परंपरा जारी रखने की अनुमति मिली।
- विज्ञापन -