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जिस दिन माँ-बाप की शादी की सालगिरह उस दिन ही उनका गला काट डाला, बहन को भी नहीं छोड़ा… मॉर्निंग वॉक से लौट रची ट्रिपल मर्डर की कहानी, ताले से खुली

अर्जुन ने जिस धारदार चाकू से तीनों हत्या की वह उसके पिता की ही थी। इसे उसने छिपाकर रखा था। वह काफी समय से हत्या की प्लानिंग कर रहा था। 4 दिसंबर को उसके माता-पिता की शादी की 27वीं सालगिरह थी, इसलिए हत्या के लिए यही दिन चुना।

दक्षिण दिल्ली के नेब सराय इलाके का देवली गाँव। इसी गाँव के एक घर में 4 दिसंबर 2024 की सुबह तीन लाश मिली। तीनों हत्या गला काट कर की गई थी। जिनकी हत्या की गई वे थे- 51 साल के राजेश कुमार, उनकी 46 वर्षीय पत्नी कोमल और 23 साल की बेटी कविता। पुलिस को हत्या की सूचना राजेश के ही 20 साल के बेटे अर्जुन ने दी, जिसका कहना था कि वह घटना के समय मॉर्निंग वॉक पर गया था।

राजेश मूल रूप से हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गाँव खेड़ी तलवाना के निवासी थे। हत्या की यह वारदात जिस इलाके की है वह सघन बस्ती वाला क्षेत्र है। मकान एक-दूसरे से सटे हैं। बावजूद किसी ने मरने वालों की चीख नहीं सुनी। पुलिस ने पाया कि घर का कोई सामान भी गायब नहीं है। पड़ोसियों ने बताया कि राजेश का किसी से कोई विवाद नहीं था। घर में हत्यारों के साथ संघर्ष के भी कोई निशान नहीं थे, जबकि राजेश सेना से रिटायर थे। एनएसजी में भी रह चुके थे। फिलहाल सिक्योरिटी अफसर का काम कर रहे थे। वहीं उनकी बेटी जूडो में ब्लैक बेल्ट थी।

आसपास के सीसीटीवी खँगाले गए तो कोई बाहर से घर में घुसता भी नहीं दिखा। मेन गेट पर जो ताला गला था उसे भी तोड़ा नहीं गया था।ऐसे में पुलिस यह समझ नहीं पा रही थी कि मेन गेट पर ताला लगे होने के बाद भी कोई कैसे बाहर से आकर हत्या कर सकता है और फिर फरार हो सकता। पुलिस को अर्जुन की कहानी पर शक हुआ। उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने तीनों हत्या कबूल कर ली।

रिपोर्टों के अनुसार अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसे बॉक्सिंग करना पसंद था। लेकिन पिता पढ़ाई नहीं करने को लेकर टोकते रहते थे। हाल ही में सबके सामने उसकी पिटाई भी कर दी थी। उसे यह भी लगता था कि माँ-बाप उसकी बहन कविता को अधिक प्यार करते हैं। उसे लगता था कि वे सारी संपत्ति भी उसकी बहन के नाम कर देंगे। इसी नफरत में उसने तीनों की हत्या करने का प्लान बनाया।

उसने जिस धारदार चाकू से तीनों हत्या की वह उसके पिता की ही थी। इसे अर्जुन ने छिपाकर रखा था। वह काफी समय से हत्या की प्लानिंग कर रहा था। 4 दिसंबर को उसके माता-पिता की शादी की 27वीं सालगिरह थी, इसलिए हत्या के लिए यही दिन चुना।

अपनी प्लानिंग के अनुसार 4 दिसंबर को उसने एक-एक कर तीनों की हत्या कर दी। सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर पर सो रही बहन का गला रेता। फिर ऊपर की मंजिल पर सो रहे पिता का गला काटा। उनके सिर पर भी चाकू से वार किए। उसकी मां बाथरूम में थी। जैसे ही वह बाहर निकली उनके गले पर भी चाकू से वार कर दिया। तीनों हत्या करने के बाद वह आराम से टहलने निकल गया। फिर एक घंटे बाद लौटकर घटना को अलग रंग देने में जुट गया।

पड़ोसियों को चीख नहीं सुनाई दे इसलिए उसने सबके गले पर झटके से वार किया। खून रोकने के लिए गर्दन पर चाकू मारते ही वह कपड़े से दबा देता था। उल्लेखनीय है कि राजेश के गले में चुन्नी लिपटी हुई थी, जबकि कोमल और कविता का शव कंबल से ढका हुआ मिला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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