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दिल्ली में पकड़ा गया सद्दाम हुसैन, मेवात से चला रहा था गैंग: अश्लील वीडियो बनाकर वकील को फँसाया, फरार होने पर कोर्ट से घोषित था ‘भगोड़ा’

मेवात की सद्दाम हुसैन गैंग का काम सीधे लोगों को हनीट्रैप में फँसाने का होता था। इसके बाद वह लोगों की अश्लील वीडियो बनाकर उनसे पैसे माँगते थे और न मिलने पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।

हरियाणा के मेवात स्थित जबरन वसूली करने वाली एक गैंग के सरगना सद्दाम हुसैन को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा है। सद्दाम हुसैन पर आरोप है कि उसने कुछ समय पहले दिल्ली के एक वकील से 20 लाख रुपए रंगदारी माँगी थी। इसके बाद से दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में थी। उसके ऊपर 20 हजार रुपए का ईनाम भी था। पुलिस को गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से एक सिंगल शॉट पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

बता दें कि मेवात की सद्दाम हुसैन गैंग का काम सीधे लोगों को हनीट्रैप में फँसाने का होता था। इसके बाद वह लोगों की अश्लील वीडियो बनाकर उनसे पैसे माँगते थे और न मिलने पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। ये लोग धमकी देते थे कि अगर उन्हें उनकी मुँह माँगी कीमत नहीं दी गई तो वह यूट्यूब पर अश्लील वीडियो को पब्लिक कर देंगे।

कुछ समय पहले इन्होंने दिल्ली के बाराखंभा रोड के पास एक व्यक्ति को अपना निशाना बनाया था और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। 22 मई को निचली अदालत ने सद्दाम को भगोड़ा घोषित किया, और उसके ऊपर 20 हजार रुपए का इनाम रखा गया।

इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह और इंस्पेक्टर सतविंदर के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस ने सद्दाम को खोजना शुरू किया। अंतत: अब जाकर उसे गिरफ्तार करने में सफल हुए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सद्दाम हुसैन की उम्र 28 साल हैं। वह राजस्थान के दौसा जिले के ग्राम कोट, मंडावर का रहने वाला है। 6 अगस्त को पुलिस ने उसे ग्राम सतबारी छतरपुर मुख्य मार्ग के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके पास दो जिंदा कारतूस और .315 की एक सिंगल शॉट पिस्तौल बरामद हुई।

गिरोह के सदस्यों ने बताया था सरगना का नाम

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेवात के जबरन वसूली करे वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े दो फरार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान अरशद खान और मुश्ताक खान के तौर पर हुई थी। ये लोग भी पिछले 9 महीने से फरार थे। इनके ऊपर पुलिस ने 20-20 हजार रुपए का ईनाम रखा हुआ था।

पुलिस ने इनमें से अरशद को छतरपुर के फूल बाजार से पकड़ा था। वहीं मुश्ताक गाँव के सुनसान घर में छिपा था। इन्हीं दोनों ने बताया था कि वह एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट के सदस्य हैं जिसे सद्दाम हुसैन चलाता है। इन्हीं लोगों ने मिलकर दिल्ली के एक वकील की ऑनलाइन अश्लील वीडियो बनाकर उसे फँसा लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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