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अंसार खान की छत पर पड़ोसी मुजम्मिल अल्वी ने रखे थे IED, बताया था दिल्ली दंगों का गुनहगार: दिल्ली पुलिस ने खोला सच

मुजम्मिल अल्वी ने सख्ती से पूछताछ में बताया कि उसने स्थानीय बाजार से पोटेशियम और अन्य सामग्री खरीदी थी और फिर बाँस के खंभे का उपयोग करके अंसार खान की छत पर आईईडी लगाए थे।

दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के नाम पर कुछ लोगों ने अपनी पुरानी रंजिशों का बदला भी लिया है। ये साबित होता है अंसार खान से जुड़ा मामला जानने के बाद। अंसार दिल्ली दंगों में बम बनाने और सप्लाई करने के आरोपित थे। 31 जुलाई को इस संबंध में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और SWAT शार्पशूटर्स ने उनके लोनी स्थित घर में छापेमारी की थी। ये छापेमारी इसी इनपुट पर की गई थी कि अंसार IED बनाकर सप्लाई करते हैं और दिल्ली दंगों में उनका हाथ है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि इस मामले की जाँच में अंसार पूरी तरह से निर्दोष पाए गए हैं। पुलिस ने पता लगाया है कि ये सब उनके पड़ोसी मुजम्मिल अल्वी का किया-धरा है जिसने अपनी ज्यादती दुश्मनी निकालने के चक्कर में अंसार का नाम गंभीर आरोपों में लिया।

अंसार खान कैसे निकले निर्दोष

जाँच टीम ने हर कड़ी को जोड़ा और अंसार को कहीं से कहीं तक किसी भी आरोप से जुड़ता नहीं पाया। मगर, पुलिस को बताया गया था कि अंसार के आतंकी लिंक हैं तो उन्होंने छापेमारी की। खान खुद हैरान थे कि आखिर बेलनाकार कंटेनर उनकी छत पर कैसे मिले। इन कंटेनरों में कागजों में लिपटे पाइप बम थे। सारे बमों को बम दस्ते द्वारा निष्क्रिय किया गया और खान को त्वरित कार्रवाई के साथ पकड़ा गया। खान इस दौरान अपने तीनों बच्चों की कसम खाते रहे लेकिन सबूत उनके ख़िलाफ़ थे। 

पुलिस को कुछ शक हुआ और डीसीपी कुशवाहा ने इस मामले में जाँच के लिए स्पेशल टीम बनाई। शक उनके पड़ोसी पर गहराया। सवाल यह था कि अगर अंसार इन सबमें शामिल नहीं है तो आखिर किसने उनके विरुद्ध गलत जानकारी दी। छानबीन में देखा गया कि जिस कंटेनर की तस्वीर पुलिस को दी गई उसके आसपास कोई पीले और हरे निशान थे लेकिन पुलिस को अंसार की छत पर ऐसा कुछ नहीं मिला।

आखिरकार जाँच में निकल आया कि ये सब अल्वी का किया-धरा है जिसने पुरानी रंजिश के चलते अंसार को फँसाया। खान ने कथिततौर पर एक दफा छेड़खानी के मामले में पंचायत बुलवाकर ये निर्णय लेने को कहा था कि अल्वी के साथ क्या किया जाना चाहिए, जिसपर पहले से ही लड़कियों के शोषण के तमाम मामले दर्ज है। इसी घटना के बाद से दोनों में मनमुटाव था।

अल्वी ने उगला सच

शक होने पर पुलिस ने अल्वी को पकड़ा और घटना वाले दिन उसकी लोकेशन के बारे में पूछा। कुछ देर अल्वी ने पूछताछ में अंसार से दुश्मनी से मना किया, मगर आखिरकार उसने सारी सच्चाई उगल दी। उसने बता दिया कि कैसे उसने बम अंसार की छत पर रखे, क्योंकि वो अपनी बदनामी का बदला लेना चाहता था।

उसने आगे बताया कि उसने स्थानीय बाजार से पोटेशियम और अन्य सामग्री खरीदी थी और फिर बाँस के खंभे का उपयोग करके खान की छत पर आईईडी लगाए थे। रही बात तस्वीरों की तो वह उसने अपनी ही छत से खींचीं थी। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस की सहायता से अल्वी के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की है और जब्त बम और सबूत भी यूपी पुलिस को सौंपे हैं। लोनी पुलिस स्टेशन में विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और आगे की जाँच जारी है। खान को क्लीन चिट दे दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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