Homeदेश-समाजईसाई मजहब नहीं अपनाया तो दर्ज करा दिया छेड़खानी का मुकदमा, घर में फेंक...

ईसाई मजहब नहीं अपनाया तो दर्ज करा दिया छेड़खानी का मुकदमा, घर में फेंक देते थे मांस: दिव्यांग युवती की मौत, धर्मांतरण कर ईसाई बने पड़ोसियों का अत्याचार

मुकदमा दर्ज होने के बाद गोपाल अपने घर पर कम ही वक्त गुजारने लगे। केस दर्ज होने के बाद गोपाल का काम भी प्रभावित हुआ और परिवार में परेशानी ने घर कर लिया।

मध्य प्रदेश के इंदौर में काजल नाम की एक दिव्यांग युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला गुरुवार (09 फरवरी, 2023) की रात और शुक्रवार (10 फरवरी, 2023) की सुबह का है। काजल की बड़ी बहन खुशबू और पिता गोपाल यादव ने पड़ोसी दशरथ अहिरवार पर धर्म-परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पड़ोसी की वजह से काजल डिप्रेशन में थी।

रिपोर्टों के अनुसार इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र के सोलंकी नगर में गोपाल यादव अपने परिवार के साथ रहते हैं। गोपाल इलेक्ट्रीशियन का काम करते हैं। उनकी तीन बेटियाँ और एक 4 साल का बेटा है। गोपाल की दूसरी बेटी काजल (24 साल) की मौत हुई है। गोपाल और उनकी बड़ी बेटी खुशबू का आरोप है कि घर के सामने रहने वाला ईसाई परिवार पहले अहिरवार सरनेम लगाता था। पूरा परिवार धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन गया। इसके बाद गोपाल पर भी धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाने लगा। ईसाई धर्म अपनाने के लिए कई प्रलोभन भी दिए गए।

गोपाल ने जब अपना धर्म छोड़ने से इनकार कर दिया तो धर्मांतरित ईसाई परिवार गोपाल के परिवार को परेशान करने लगे। आरोप है कि उन्हें पूजा पाठ करते देख घर के पास अंडे व मांस के टुकड़े फेक दिए जाते। आरती के समय तेज आवाज में ईसाई उपदेश बजाया जाता। बड़ी बेटी घर से बाहर निकलती तो उसका रास्ता रोक लिया जाता। इन सब से भी जब मन नहीं भरा तो उनलोगों ने गोपाल पर छेड़खानी का झूठा मुकदमा करवा दिया।

मुकदमा दर्ज होने के बाद गोपाल अपने घर पर कम ही वक्त गुजारने लगे। केस दर्ज होने के बाद गोपाल का काम भी प्रभावित हुआ और परिवार में परेशानी ने घर कर लिया। ऐसे में दिव्यांग काजल अवसाद का शिकार हो गई। बड़ी बहन के मुताबिक घर की परेशानी की वजह से वह रोती रहती थी। यहाँ तक की कई दिनों से काजल ने खाना-पीना छोड़ दिया था। इसी बीच गुरुवार रात को जब वह सोई तो सुबह उठी ही नहीं।

गोपाल ने काजल की लाश के साथ विजय नगर थाने में प्रदर्शन किया और पुलिस से ईसाई परिवार के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने कहा है कि शिकायत के आधार पर मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेहरू से राहुल तक आ गई कॉन्ग्रेस, पर राम मंदिर से खत्म नहीं हो रही घृणा: ‘इमाम-ए-हिंद’ वाली राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे...

जैसे ही चुनाव सिर पर आते हैं, तब कॉन्ग्रेसी 'इच्छाधारी सनातनी' बन जाती है। कभी राम को काल्पनिक बताती है, तो कभी 'इमाम-ए-हिंद' कहती है।

1973 का इजरायल-अरब युद्ध, तेल का संकट और ब्राजील का गन्ना मॉडल: कैसे दुनिया को मिला पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का फॉर्मूला, भारत भी...

एथेनॉल ब्लेंडिंग नया प्रयोग नहीं है। ब्राजील ने 1970 के तेल संकट के बाद इसे अपनाया और भारत ने भी दो दशक पहले इसकी शुरुआत की। विस्तार से पढ़ें।
- विज्ञापन -