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हिंदू डॉक्टर पर निकाह और धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले रमीज को KGMU ने किया सस्पेंड, CM योगी ने दी पीड़िता को सुरक्षा: FIR के बाद हुआ फरार, पहली बीवी को भी कबूल करवाया था इस्लाम

केजीएमयू की पीड़िता के एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद डॉक्टर रमीजुद्दीन फरार है। जाँच कमेटी के सामने आरोपित डॉक्टर रमीजुद्दीन ने खुद को 'बेगुनाह' बताते हुए कहा कि पीड़िता की सहमति से ही सबकुछ हुआ। पीड़िता ने अपनी शिकायत में डॉक्टर रमीजुद्दीन की पहली बीवी की जानकारी दी है। लेकिन वह खुद को अविवाहित कह रहा है।

लखनऊ के केजीएमयू में ‘मुस्लिम बनो और निकाह करो’ कहने वाले डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक पर योगी सरकार का एक्शन शुरू हो गया है। रेजिंडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन को सस्पेंड कर दिया गया है। उसके केजीएमयू में एंट्री पर बैन लगा दिया गया है। इससे पहले पीड़िता की तहरीर पर KGMU के रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन के खिलाफ चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित केजीएमयू की जाँच कमेटी के सामने पेश होने के बाद फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

सीएम योगी से पीड़िता ने माँगी सुरक्षा

सोमवार (22 दिसंबर 2025) को पीड़िता से सीएम योगी ने फोन पर बात की थी। सीएम योगी ने बातचीत में निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया था। उन्होंने पूरे मामले पर केजीएमयू प्रशासन से रिपोर्ट भी माँगी है। घटना के बाद पीड़िता को सुरक्षा दी जा रही है। 24 घंटे उसके साथ सिपाही रहता है। वर्कप्लेस पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के लिए बनी विशाखा कमेटी ने कॉलेज प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके आधार पर ही डॉक्टर रमीजुद्दीन को सस्पेंड किया गया है।

पश्चिम बंगाल की रहने वाली है पीड़िता डॉक्टर

पीड़िता डॉक्टर पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। वह एमडी पैथोलॉजी कर रही हैं। उसका सीनियर डॉक्टर रमीजुद्दीन है। वह केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी थर्ड ईयर का स्टुडेंट है। रमीजुद्दीन उत्तराखंड का रहनेवाला है। उसके खिलाफ शुरुआती रिपोर्ट में सबूत मिले हैं।

दरअसल 17 दिसंबर को पीड़िता डॉक्टर ने कमरे में दवा की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्हें केजीएमयू में ही भर्ती किया गया। परिवार को खबर दी गई। इसके बाद परिवार के लोग 19 दिसंबर को लखनऊ पहुँचे। उसके पिता भी डॉक्टर हैं।

प्रेम जाल में फँसा कर इस्लाम कबूलने का दबाव

डॉक्टर रमीजुद्दीन से पीड़िता की मुलाकात 2023 में हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर डॉक्टर रमीजुद्दीन ने उसे प्रेम जाल में फँसाया, फिर धर्मांतरण का दबाव बनाया। उसने कहा कि मुस्लिम बनो और निकाह करो। लड़की के मना करने पर वह उसे टॉर्चर करने लगा। दरअसल लड़की को डॉक्टर रमीजुद्दीन के शादीशुदा होने का पता उसकी पहली बीवी से ही मिली थी।

डॉक्टर रमीजुद्दीन ने इतना प्रताड़ित किया कि पीड़िता दवा का ओवरडोज लेकर आत्महत्या करने कोशिश की। पीड़िता कहती है कि फरवरी 2025 में डॉक्टर रमीजुद्दीन ने दूसरी हिन्दू लड़की को फँसाकर धर्मांतरण करवाया और फिर निकाह कर लिया।

सोमवार (22 दिसंबर 2025) को डॉक्टर रमीजुद्दीन जाँच कमेटी के सामने पेश हुआ। दरअसल वह जाँच से बचने के लिए बीमारी का बहाना बना रहा था। जाँच कमेटी ने कई बार डॉक्टर रमीजुद्दीन को फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। अंत में व्हाट्सएप के जरिेए उसे मैसेज किया गया। तब उसने बीमारी का बहाना बना कर जाँच कमेटी के सामने उपस्थित होने में असमर्थता जाहिर की, लेकिन कमेटी नही मानी और उसे आना पड़ा।

डॉक्टर रमीजुद्दीन अपने पिता के साथ वहाँ पहुँचा। उसने खुद को बेगुनाह बताया। उसने ये भी दावा किया कि वह शादीशुदा नहीं है। इस पर उसे एफिडेविट देने के लिए कहा गया यानी उसे साबित करना है कि वह शादीशुदा नहीं है।

जाँच कमेटी में शामिल डॉक्टर केके सिंह के मुताबिक, आरोपित डॉक्टर रजीमुद्दीन का निकाह हुआ है या नहीं इसकी जाँच की जा रही है। हालाँकि उसने एडमिशन के वक्त खुद को अविवाहित करार दिया था। डॉक्टर के के सिंह के मुताबिक, जाँच रिपोर्ट के आधार पर ही उसे 24 घंटे के भीतर सस्पेंड किया गया है। यहाँ तक कि विश्वविद्यालय आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर डॉक्टर वीरेन्द्र आतम ने सस्पेंड करने का आदेश जारी किया।

आदेश में कहा गया है कि जाँच पूरी होने तक डॉक्टर रमीजुद्दीन कैंपस में एंट्री नहीं कर पाएगा। लेकिन उसके लखनऊ छोड़ने पर रोक लगी हुई है। क्योंकि जब जब जाँच कमेटी उसे बुलाएगी, उसे हाजिर होना पड़ेगा। इस दौरान केजीएमयू मुख्यालय में वह रहेगा। लेकिन पुलिस कह रही है कि वह फरार हो गया है।

घटना के बाद केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग के पीजी स्टूडेंट्स विभाग के अंदर हलचल कम दिख रही है। विभाग का काम सामान्य रूप से चल रहा है। लेकिन लोग आपस में इस मामले को लेकर धीरे धीरे बातें कर रहे हैं।

वीएचपी के समरेन्द्रजी के मुताबिक, केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में ये पहला मामला नहीं है। पैथॉलोजी के नर्सिंग विभाग में एक मुस्लिम महिला ने अपने हिन्दू रूम पार्टनर पर दबाव डालकर निकाह पैथोलॉजी विभाग के ही मोहम्मद नफीस अहमद से करा दिया। यहाँ तक कि पैथोलॉजी विभाग ने डॉक्टर बिटिया पर इतना दबाव बनाया कि वह अपनी जान देने की कोशिश की।

लव जिहादियों सुधर जाओ, वरना राख कर दिया जाएगा-अपर्णा यादव

22 दिसंबर 2025 को पीड़िता अपने परिवार के साथ महिला आयोग के दफ्तर में उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मुलाकात की।

पीड़िता ने आपबीती बताते हुए कहा कि उसे बहुत प्रताड़ित किया गया। वह काफी डर गई थी। वह जुलाई से आरोपित के साथ रिलेशनशिप में थी। इस दौरान पता चला कि वह शादीशुदा है। उसने कहा कि उसने जब डॉक्टर रमीजुद्दीन से दूरी बनाने की कोशिश की, तो उसका शोषण किया गया। अब वह काफी दहशत में हैं। खुद की और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी डर गई हैं।

उसकी बातें सुनकर अपर्णा यादव को गुस्सा आ गया। उन्होंने कहा कि लव जिहादियों सुधर जाओ, वरना एक-एक को राख कर दिया जाएगा। अपर्णा यादव ने आगे कहा कि लड़की को इतना प्रताड़ित किया गया कि वह अपनी जान लेने की कोशिश की।

अपर्णा यादव ने कहा, “जब माता सीता का अपहरण हुआ तो पूरे रावण कुल का नाश हो गया। जब द्रौपदी का चीरहरण हुआ तो कुरु वंश का नाश हुआ। हमारा दुर्भाग्य है कि भारत में लव जिहाद कर हिंदू बेटियों का जीवन बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही और कहा कि कोर्ट में कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश करेंगे।”

केजीएमयू के बाहर प्रदर्शन

एबीवीपी ने इस मुद्दे पर केजीएमयू के सामने धरना प्रदर्शन किया और कुलपति सोनिया नित्यानंद को ज्ञापन सौंपा। उसमें 15 दिनों के भीतर जाँच पूरी करने समेत कई माँगे हैं। इनके पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की धमकी दी गई है। मंगलवार (23 दिसंबर 2025) की शाम केजीएमयू कैंपस के गेट नंबर 1 पर नेशनल मेडिकोज संगठन यानी एनएमओ ने कैंडल मार्च निकाला है।

एबीवीपी की लखनऊ महानगर मंत्री सरिता पांडे ने कहा कि केजीएमयू जैसी संस्था में अगर धर्मांतरण के लिए दबाव डालकर लड़की को प्रताड़ित किया जा सकता है, तो दूसरे विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान में क्या होता होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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