Friday, July 19, 2024
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जिनके सामने मारी गई करणी सेना अध्यक्ष को गोलियाँ, उनकी भी हुई मौत: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के इकलौते चश्मदीद थे अजीत

राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर को उनके जयपुर स्थित घर पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने नितिन फौजी और रोहित राठौर नाम के 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है। हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े रोहित गोदारा को बताया जा रहा है।

राजस्थान के बहुचर्चित सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के चश्मदीद अजीत सिंह राजावत की इलाज के दौरान मौत हो गई है। 5 दिसंबर 2023 को शूटरों ने उन्हें तब गोलियाँ मारी थी, जब वे सुखदेव सिंह को बचाने का प्रयास कर रहे थे। हमले के बाद से वे जयपुर के एक अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती थे। अजीत ने अंतिम साँस बुधवार (13 दिसंबर 2023) को ली। अजीत की मौत के बाद अस्पताल के बाहर जुटे राजपूत समाज के लोगों ने उनके परिजनों के लिए मुआवजे की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अजीत सिंह राजावत हमले के बाद से जयपुर के SMS अस्पताल में भर्ती करवाए गए थे। डॉक्टरों ने बताया कि अजीत के सीने से नीचे के शरीर में लकवा मार गया था। रीढ़ की हड्डी में गोली लगने की वजह से उनका शरीर ठीक से काम नहीं कर रहा था। बुधवार को महज 2 घंटे के भीतर उन्हें 3 बार हार्ट अटैक आया। तीसरे अटैक में उन्होंने दम तोड़ दिया।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के सुरक्षा गार्ड रहे अजीत की मौत की खबर सुनते ही SMS अस्पताल के बाहर करणी सेना के सदस्य जमा हो गए। उन्होंने राज्य सरकार से मृतक के परिजन को मुआवजा देने की माँग की। अजीत के शव के पोस्टमार्टम की तैयारियाँ की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। वहीं मामले की जाँच कर रही टीम अब शूटरों पर अजीत की हत्या की धाराओं की भी वृद्धि करेगी।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर 2023 को दोपहर में उनके जयपुर स्थित घर पर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने नितिन फौजी और रोहित राठौर नाम के 2 शूटरों को गिरफ्तार किया है। हत्या के पीछे मुख्य साजिशकर्ता लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े रोहित गोदारा को बताया जा रहा है। रोहित ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी उसके दुश्मनों की मदद कर रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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