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महामंडेलश्वर यति नरसिंहानंद गिरि पर चौथी FIR, महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मीडिया से बदसलूकी का मामला: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

हरिद्वार पुलिस ने बताया कि महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए दर्ज़ मुक़दमे में यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी हुई थी। हालाँकि उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार की एक अदालत ने जब उन्हें पेश किया, तो उसमें हेट स्पीच के मामले का भी जिक्र था।

महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में शनिवार (15 जनवरी, 2022) को हरिद्वार के गिरफ्तार हुए जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि पर एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। यह उन पर दर्ज चौथा मामला है। यह मुकदमा नरसिंहानंद गिरी पर दिल्ली से उनके सत्याग्रह को कवर करने गई मीडिया टीम से बदसलूकी को लेकर दर्ज हुआ है। वहीं यति नरसिंहानंद गिरि को पुलिस ने हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद मामले में मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी है। नरसिंहानंद गिरी से पहले जितेंद्र त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) को पुलिस ने शुक्रवार (14 जनवरी, 2022) को गिरफ्तार किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी के विरोध में सत्याग्रह पर बैठे यति नरसिंहानंद का इंटरव्यू लेने के लिए दिल्ली से एक मीडिया टीम हरिद्वार गई थी। जहाँ कुछ आपत्तिजनक सवाल पूछने पर यति नरसिंहानंद मीडिया पर भड़क गए और यह आरोप लगाया जा रहा है कि उनके साथियों ने टीम को पकड़ कर उनके कैमरे आदि जब्त कर लिए। इस घटना को लेकर ही पुलिस ने मीडिया टीम के रिपोर्टर की तहरीर पर नरसिंहानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

एएनआई के अनुसार, हरिद्वार पुलिस ने बताया कि महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए दर्ज़ मुक़दमे में यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी हुई थी। हालाँकि उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार की एक अदालत ने जब उन्हें पेश किया, तो उसमें हेट स्पीच के मामले का भी जिक्र था। बता दें कि कोर्ट ने नरसिंहानंद को रविवार (16 जनवरी, 2022) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार पुलिस थाने के थानाध्यक्ष रकिंदर सिंह कठैत ने बताया कि नरसिंहानंद को रोशनाबाद जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 295 (क) और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि यति नरसिंहानंद को हरिद्वार के गंगा तट से शनिवार रात गिरफ्तार किया गया था जहाँ वह धर्म संसद मामले में एक अन्य आरोपित जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) की गिरफ्तारी के विरोध में ‘सत्याग्रह’ कर रहे थे। उत्तराखंड पुलिस के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गे था कि धर्म संसद मामले हेड स्पीच के कारण त्यागी की गिरफ्तारी के विरोध में यति नरसिंहानंद धरने पर बैठ गए थे, जहाँ से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

गौरतलब है कि गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरी ने 17-19 दिसंबर, 2021 तक हरिद्वार में धर्म संसद कार्यक्रम का आयोजन किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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