Homeदेश-समाजमणिपुर में फिर गोलीबारी, एक बच्चे और कमांडो समेत 4 की मौत: भीड़ ने...

मणिपुर में फिर गोलीबारी, एक बच्चे और कमांडो समेत 4 की मौत: भीड़ ने वाहनों को किया आग के हवाले, जवानों से हथियार छीनने की कोशिश

मणिपुर में पिछले लगभग ढाई महीने से हिंसा हो रही है। इस हिंसा में अब तक 125 से अधिक लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। वहीं, 3000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात को संभालने के लिए इलाके में 40000 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर (Manipur Violence) में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। शनिवार (8 जुलाई 2023) को हुई हिंसा में एक किशोर और पुलिस वाले समते चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में कई लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अपराधियों ने दो वाहनों में भी आग लगा दी।

मणिपुर के बिष्णुपुर और चुराचाँदपुर जिले के बीच सीमावर्ती इलाकों में यह हिंसा हुई है। दरअसल, शुक्रवार (7 जुलाई 2023) की शाम को संदिग्ध आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक किशोर और दो पुलिसकर्मी की मौत हो गई। वहीं, वहीं, एक अलग घटना में मणिपुर पुलिस के कमांडो 39 वर्षीय पुखम रनबीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इंफाल के कांगला फोर्ट के पास 150-200 लोगों की भीड़ ने कुछ वाहनों को आग लगा दिया। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद भीड़ को हटाने के लिए सेना को आना पड़ा।

सेना के अनुसार, बिष्णुपुर में कुकी और मेइती समुदाय आसपास ही है। इसके कारण यह एक संवेदनशील क्षेत्र है। सुरक्षा बलों ने इलाके में ‘बफर जोन’ बनाया है और स्थिति को बढ़ने से रोकने के लिए तैनात हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों के बदमाश एक-दूसरे पर गोलीबारी करने के लिए पहाड़ी इलाकों और घाटी के गाँवों में घुस जाते हैं।

बताते चलें कि मणिपुर में पिछले लगभग ढाई महीने से हिंसा हो रही है। इस हिंसा में अब तक 125 से अधिक लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। वहीं, 3000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालात को संभालने के लिए इलाके में 40000 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -