Sunday, January 24, 2021
Home देश-समाज एजेंडा के लिए हो रहा न्यायपालिका का इस्तेमाल, सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप के लिए...

एजेंडा के लिए हो रहा न्यायपालिका का इस्तेमाल, सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप के लिए लोग जा रहे SC: हरीश साल्वे

"कई लोग सरकार को बदनाम करने का एजेंडा लिए कोर्ट में आते हैं। जब निर्णय उनके पक्ष में नहीं आता तो वो जज पर बेईमान होने का आरोप लगा देते हैं। कोर्ट के किसी फैसले के आधार पर आलोचना होना ठीक है लेकिन ये कहना कि अदालत ये करे और ये न करे, सही नहीं है।"

न्यायपालिका को कमजोर करने के लिए उस पर हो रहे हमलों पर बात करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने शनिवार (मई 30, 2020) को एक वेबिनार में उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बात करते हुए बताया कि न्यापालिका की आलोचना में क्या दायरे होने चाहिए और क्या कहा जाना चाहिए और क्या नहीं। इस वेबिनार को ‘कैन फाउंडेशन’ द्वारा होस्ट किया गया था, जिसमें साल्वे ने ये बातें कहीं।

इस दौरान साल्वे ने हर्ष मंदर की जम कर आलोचना की, जो हाल ही में सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों में समुदाय विशेष को उकसाते हुए पाया गया था। मंदर दूसरे समुदाय को भारत सरकार के खिलाफ भड़काता रहा है और वो खुद को एक्टिविस्ट भी बताता है। साल्वे ने कहा कि कई ऐसे लोग हैं, जो रोज-रोज कोर्ट को गाली देते हैं। ऐसे लोग सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करते हुए कहते हैं कि उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है और अगले ही दिन भागे-भागे कोर्ट में आते हैं।

साल्वे ने पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट को इन्हें नज़रंदाज़ करना चाहिए? उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा विकल्प यही है कि इन्हें भाव ही न दिया जाए। इसके बावजूद साल्वे ने आत्ममंथन पर जोर दिया। उन्होंने मीडिया के एक लेख के बारे में बात करते हुए कहा कि उसमें भारतीय न्यापालिका को आशाहीन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय न्यायपालिका से न्याय की उम्मीद जताई गई है। उन्होंने इसे दायरा लाँघना करार देते हुए कहा कि ये फ्रीडम ऑफ स्पीच और लिबर्टी ऑफ एक्सप्रेशन का उल्लंघन है।

साल्वे ने कहा कि कोर्ट के किसी फैसले के आधार पर आलोचना होना ठीक है लेकिन ये कहना कि अदालत ये करे और ये न करे, सही नहीं है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि आजकल लोग कोर्ट के किसी फैसले की आलोचना की जगह कोर्ट की ही आलोचना करते हैं और अपना एजेंडा पूरा करने के लिए अदालत जाते हैं। साल्वे ने सरकार से व्यक्तिगत मानहानि के लिए एक ट्रिब्यूनल के गठन की माँग की है। उन्होंने यूके का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ व्यक्तिगत मानहानि के मसलों को फ़ास्ट-ट्रैक आधार पर सुलझाया जाता है जबकि भारत में ऐसे केस सालों चलते रहते हैं।

उन्होंने इस दौरान प्रशांत भूषण के मामले का उदाहरण भी दिया। भूषण ने जस्टिस कपाड़िया के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। इस मामले में अटॉर्नी जनरल ने भी कुछ नहीं किया था, जिसके बाद साल्वे इस मुद्दे को लेकर कोर्ट गए थे। हालाँकि, जस्टिस कपाड़िया तो नहीं रहे लेकिन ये केस अभी भी लंबित पड़ा हुआ है। साल्वे ने कहा कि सामान्य ‘ट्रोल्स’ को नजरंदाज किया जा सकता है लेकिन जो लोग जनता को किसी मुद्दे पर प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं, उनसे इन मामलों में सावधानी से निपटा जाना चाहिए। इनमें एक्टिविस्ट और ओपिनियन मेकर वगैरह आते हैं। साल्वे ने कहा:

“कई लोग सरकार को बदनाम करने का एजेंडा लिए कोर्ट में आते हैं। जब निर्णय उनके पक्ष में नहीं आता तो वो जज पर बेईमान होने का आरोप लगा देते हैं। एक जज को बिना डरे काम करने और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ लेनी होती है लेकिन आज मीडिया दौर के दौर में एक जज के मन में हमेशा पब्लिक ओपिनियन उसके खिलाफ जाने का भय बना रहता है। अगर सोशल मीडिया में निंदा का ये दौर चलता ही रहा तो फिर आज से 20 साल बाद प्रैक्टिस करने के लिए कोर्ट का अस्तित्व ही न हो, ऐसा हो सकता है।”

लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित के मामले में एनडीटीवी के श्रीनिवासन जैन द्वारा किए गए मीडिया ट्रायल की भी साल्वे ने आलोचना की। उन्होंने बताया कि श्रीनिवासन जैन ने उन्हें कॉल कर के पूछा था कि आखिर पुरोहित को जमानत कैसे मिल गई? बकौल साल्वे, उन्होंने जवाब दिया कि आप इतने निश्चित कैसे हो कि बेल मिलना चाहिए था या नहीं? तब तो एडिशनल सोलिसिटर जनरल की जगह आपको ही कोर्ट में दलीलें पेश करनी चाहिए थीं?

उन्होंने बताया कि संचार एजेंसी पीटीआई ने एक बार प्रकाशित कर दिया था कि उन्होंने कोर्ट में कहा कि हाँ, उनके क्लाइंट ने टैक्स की चोरी की है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के किसी सदस्य को किसी ने ऐसा बोल दिया कि ये साल्वे के शब्द हैं और उसने छाप दिया। उन्होंने कोर्ट में लगातार जाने वाली जनहित याचिका के बारे में कहा कि यह सरकार के कामकाज पर असर डालने का एक हथियार बन गया है। उन्होंने बताया कि एक समय था, जब जुडीसियरी ही सरकार चला रही थी।

बता दें कि हरीश साल्वे ने ही इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव मामले में भारत का पक्ष रखा था। जाधव का पहरण कर के उन पर भारतीय जासूस होने का आरोप लगाया गया और फाँसी की सजा सुना दी गई। पाकिस्तानी सैन्य अदालत के इस फैसले पर अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय ने रोक लगा दी। हरीश साल्वे जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने का भी समर्थन कर चुके हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या, उनके कुत्ते भी घायल: 25 वर्ष की आयु में लिया था संन्यास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। ये घटना दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सिंधौरा गाँव में हुई।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

जय श्री राम के उद्घोष से भड़कीं ममता बनर्जी, PM मोदी से कहा- बुलाकर बेइज्जती करना ठीक नहीं

जैसे ही ममता बनर्जी मंच पर भाषण देने पहुँचीं बीजेपी कार्यकर्ता तुरंत जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने लगे, जिससे वो खफा हो गईं।

ये पल भावुक करने वाला, नेताजी के नाम से मिलती है नई ऊर्जा: जानिए PM मोदी ने ‘पराक्रम दिवस’ पर क्या कहा

“मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूँ। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूँ।”

पुलिस को बदनाम करने के लिए रची गई थी साजिश, किसान नेताओं ने दी थी हत्या की धमकी: योगेश सिंह का खुलासा

साथ ही उन्होंने उसे बुरी तरह धमकाया कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उसकी पिटाई की गई। ट्रॉली से उलटा लटका कर उसे मारा गया।

मुनव्वर फारूकी ने कोई ‘जोक क्रैक’ नहीं किया तो जैनब सच-सच बतलाना कमलेश तिवारी क्यों रेता गया

कितनी विचित्र विडंबना है, धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और उनका विरोध होता है तो साम्प्रदायिकता! लेकिन मज़हबी जज़्बात आहत होते हैं तो...।

प्रचलित ख़बरें

नकाब हटा तो ‘शूटर’ ने खोले राज, बताया- किसान नेताओं ने टॉर्चर किया, फिर हत्या वाली बात कहवाई: देखें Video

"मेरी पिटाई की गई। मेरी पैंट उतार कर मुझे पीटा गया। उलटा लटका कर मारा गया। उन्होंने दबाव बनाया कि मुझे उनका कहा बोलना पड़ेगा। मैंने हामी भर दी।"

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

‘नकाब के पीछे योगेंद्र यादव’: किसान नेताओं को ‘शूट करने’ आए नकाबपोश की कहानी में लोचा कई

किसान नेताओं ने एक नकाबपोश को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने दावा किया कि उसे किसान नेताओं को गोली मारने के लिए रुपए मिले थे।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।
- विज्ञापन -

 

नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या, उनके कुत्ते भी घायल: 25 वर्ष की आयु में लिया था संन्यास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक नागा साधु की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। ये घटना दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सिंधौरा गाँव में हुई।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

अमित शाह ने किया ‘आयुष्मान CAPF’ का शुभारंभ: 28 लाख से अधिक जवान देश में कहीं भी करा पाएँगे इलाज

आयुष्मान CAPF योजना के तहत CAPF के लगभग 10 लाख जवान और अधिकारी और 50 लाख के आसपास उनके परिवार और परिजन देश के अंदर 24 हज़ार अस्पतालों में सिर्फ कार्ड लेकर उसे स्वैप करके इलाज करा सकते हैं।

बहन को फुफेरे भाई कासिम से था इश्क, निक़ाह के एक दिन पहले बड़े भाई फिरोज ने की हत्या: अश्लील फोटो बनी वजह

इस्लामुद्दीन की 19 वर्षीय बेटी फिरदौस के निक़ाह की तैयारियों में पूरा परिवार जुटा हुआ था। तभी शनिवार की सुबह घर में टूथपेस्ट कर रही फिरदौस को अचानक उसके बड़े भाई फिरोज ने तमंचे से गोली मार दी।

योगेंद्र यादव का दावा- गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली की मिली अनुमति, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार

“बैरिकेड्स हटाए जाएँगे और हम दिल्ली में प्रवेश करेंगे। किसानों के ट्रैक्टर परेड से गणतंत्र दिवस के परेड या सुरक्षा इंतजाम पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा। किसानों का ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगा।”

कॉन्ग्रेस ने योगी सरकार को घेरने के लिए शेयर किया महिला का वीडियो, यूपी पुलिस पर लगाए झूठे आरोप: जानें क्या है सच

जिस भ्रामक दावे के साथ कॉन्ग्रेस पार्टी ने उत्तरप्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए चित्रित करने का प्रयास किया वह असल में उनकी सोच के बिल्कुल विपरीत निकला।

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

गणतंत्र दिवस के पहले नोएडा, गाजियाबाद सहित इन 6 जगहों पर बम रखे जाने की अफवाह: यूपी पुलिस अलर्ट

गणतंत्र दिवस से पहले उत्तर प्रदेश में भय और आतंक का माहौल है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और इलाहाबाद में इस सप्ताह 6 फर्जी बम रखे जाने की अफवाह के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।

किसानों के समर्थन में कॉन्ग्रेस का राजभवन मार्च: दिग्विजय समेत 20 नेता गिरफ्तार, उत्तराखंड में भी हाथापाई पर उतरे कॉन्ग्रेसी

देहरादून में भी कृषि विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजभवन पहुँचने के लिए पुलिस बैरिकेट्स तोड़ने की कोशिश की। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई पर उतर गए।

जय श्री राम के उद्घोष से भड़कीं ममता बनर्जी, PM मोदी से कहा- बुलाकर बेइज्जती करना ठीक नहीं

जैसे ही ममता बनर्जी मंच पर भाषण देने पहुँचीं बीजेपी कार्यकर्ता तुरंत जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने लगे, जिससे वो खफा हो गईं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe