Homeदेश-समाजVHP नेता की हत्या के बाद राँची में प्रदर्शन, धरने पर BJP विधायक: SHO...

VHP नेता की हत्या के बाद राँची में प्रदर्शन, धरने पर BJP विधायक: SHO फरीद आलम की बर्खास्तगी की डिमांड

इस मामले में जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है। मामले की जाँच 2 DSP के नेतृत्व में 4 थानों की पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक देहात नौशाद आलम के मुताबिक, अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है और ना ही इस संबंध में परिवार वाले कुछ बता पा रहे हैं।

झारखंड की राजधानी राँची के खलारी में विश्व हिन्दू परिषद (VHP) कार्यकर्ता मुकेश सोनी की हत्या के बाद हिन्दू संगठनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस दौरान हाट-बाजार पूरी तरह बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी के साथ-साथ खलारी थाना के SHO फरीद आलम को तुरंत बर्खास्त करने की माँग की है। इसके अलावा, मृतक के परिजनों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की माँग की गई है।

अपराधियों की गिरफ्तारी में देरी होने के चलते काँके से भाजपा विधायक समरी लाल ने विधानसभा के आगे धरना दिया। उन्होंने हाथों में अपनी माँगों का पोस्टर ले रखा था। यह जानकारी उन्होंने अपने फेसबुक एकाउंट पर भी दी है।

विधायक समरी लाल

मृतक मुकेश के भाई ने मीडिया से बताया, “गोली लगने की जानकारी होने पर मैं मौके पर गया। मैंने अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ मुकेश ने दम तोड़ दिया। पुलिस मुझे बाद में घटनास्थल पर ले गई थी। मौके से तीन खोखे मिले हैं। पुलिस निष्पक्ष जाँच नहीं करती है। इनकी जाँच एकतरफा होती है। पुलिस पर भरोसा नहीं है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में जाँच के लिए SIT का गठन किया गया है। मामले की जाँच 2 DSP के नेतृत्व में 4 थानों की पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक देहात नौशाद आलम के मुताबिक, अभी तक आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है और ना ही इस संबंध में परिवार वाले कुछ बता पा रहे हैं। आलम का कहना है कि ऐसी स्थिति में तकनीकी टीम से सहायता ली जा रही है। SSP सुरेंद्र कुमार झा ने ग्रामीण एसपी नौशाद आलम को खुद मामले की मॉनिटरिंग के आदेश दिए हैं।

hindu outfits protest in ranchi jharkhand after murder of vhp worker mukesh soni

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आधी रात को निकाले हजारों प्रवासी’: बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भारत की सख्त पुश-बैक नीति के खिलाफ Financial Times का विलाप, बंगाल सरकार पर बेबुनियाद...

बांग्लादेश ने भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग करने में अनिच्छा दिखाई है। ऐसे में भारतीय अधिकारियों के पास क्या विकल्प बचते हैं? घुसपैठियों के मामले वर्षों से लंबित हैं।

Insta से चाइल्ड पोर्न हटाने के आदेश को ‘ब्लूमबर्ग’ बता रहा META के लिए ‘सिरदर्द’, पड़ी गालियाँ: जानिए कैसे विदेशी मीडिया के लिए बच्चों...

जब इंस्टा से चाइल्ड पोर्नोग्राफी हटाने के लिए भारत सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी किया तो ब्लूमबर्ग ने इसे Regulatory Headache बताया, जिसे पढ़ अब लोग उन्हें गाली दे रहे हैं।
- विज्ञापन -