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IAS बेटी ऑडी पर बत्ती लगाकर बनाती थी भौकाल, माँ-बाप FIR के बाद फरार: पूजा खेडकर को जाँच के बाद डॉक्टरों ने नहीं माना था मानसिक दिव्यांग, फिर भी बोला झूठ

आईएएस पूजा खेडकर इस समय हर ओर से फँसी हुई हैं। उनके आईएएस बनने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पूछा जा रहा है कि जब डॉक्टर ने लोकोमोटर डिसेबिलिटी का प्रमाण देने से मना कर दिया तो वो आखिर कैसे आईएएस बनीं।

महाराष्ट्र की विवादित ट्रेनी आईएएस (IAS) ऑफिसर अपने दुर्व्यवहार के कारण पिछले दिनों चर्चा में आई थीं, लेकिन अब उनसे जुड़े विवाद बढ़ते ही जा रहे हैं। हाल में उनकी माँ की वीडियो वायरल हुई थी। वीडियो में वो किसानों को धमकाती दिखाई दे रह थीं। इसी वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को उनके खिलाफ इस मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर कर ली है और आरोपितों की तलाश जारी है। न पूजा खेडकर के पिता मिल रहे हैं न माँ।

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने इस मामले में कहा, “आरोपित फरार हैं। हम उनसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कहीं कोई बात नहीं हो पा रही हैं। उन लोगों का फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। हम उनके आवास तक पहुँचने की भी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहाँ कोई है ही नहीं। स्थानीय अपराध शाखा की कई टीमें उनकी तलाश कर रही हैं। उनके फार्म हाउस और अन्य जगहों पर छानबीन हो रही हैं। अगर वे लोग मिल जाते हैं तो हम उनसे पूछताछ करेंगे। उसके बाद कार्रवाई होगी।”

मालूम हो कि मनोरमा खेडकर की तलाश के क्रम में पुणे नगर निगम भी है। उन्होंने मनोरमा खेडकर को बंगले से सटे ‘अवैध निर्माण’ को लेकर नोटिस जारी किया है। हालाँकि ये नोटिस वो खेडकर को नहीं दे पाए। शनिवार शाम को नगर निगम के अधिकारियों ने शहर के बानेर रोड स्थित ‘ओम दीप’ बंगले पर मनोरमा खेडकर को नोटिस सौंपने की कोशिश की, लेकिन दरवाजे की घंटी बजाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने बंगले के मुख्य दरवाजे पर नोटिस चिपका दिया। नोटिस में कहा गया है, “हमें आपके बंगले के बाहर अवैध निर्माण के बारे में शिकायत मिली है जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। कृपया अगले सात दिनों में बंगले की चारदीवारी से सटे ‘अवैध निर्माण’ को हटा दें।”

पूजा खेडकर को प्रमाण पत्र देने से कर दिया गया था मना

बता दें कि आईएएस पूजा खेडकर और उनके माता-पिता इस समय हर ओर से फँसे हुए हैं। पहले उनके ऊपर नीली-लाल बत्ती वाली कार, वीआईपी नंबर प्लेट, अलग चैंबर आदि सेवाओं के लिए अधिकारियों को तंग करने आरोप था लेकिन अब जब से ये पूरा मामला खुला है उसके बाद से पता चला है उनके आईएएस बनने पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जैसे कहा जा रहा है कि उन्होंने मानसिक दुर्बलता के बारे में झूठ बोला। एनडीटीवी की खबर के अनुसार अगस्त 2022 में पूजा ने दिव्यांगता दिखाने के लिए प्रमाण पत्र आवेदन किया था, लेकिन डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे खारिज कर दिया। उन्हें कहा गया कि आपको दिव्यांगता का सर्टिफिकेट देना संभव नहीं है।

देख सकते हैं कि खबर में जोड़े गए सर्टिफिकेट में सर्टिफिकेट देने से साफ है मना किया गया था। इससे पहले पूजा खेडकर मामले में खबरें आई थीं जिसमें बताया गया था कि उन्होंने नियुक्ति के लिए होने वाले मेडिकल चेक अप 6 बार स्किप किया था। हर बार अलग-अलग बहाने देकर। बावजूद इसके यह स्पष्ट नहीं है कि जब पूजा ने सही से मेडिकल टेस्ट कराया ही नहीं, तो उन्हें नियुक्त कैसे किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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