Sunday, August 1, 2021
Homeदेश-समाजजामिया हिंसा पर FIR: कॉन्ग्रेस का पूर्व MLA आसिफ खान भी था शामिल, दंगाइयों...

जामिया हिंसा पर FIR: कॉन्ग्रेस का पूर्व MLA आसिफ खान भी था शामिल, दंगाइयों के साथ छात्रों ने भी की पत्थरबाजी

एफआईआर में इस बात का भी उल्लेख है कि पुलिस ने इस पूरी घटना में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केवल 75 आँसू गैस के गोले दागे थे। साथ ही पुलिस ने कैंपस में प्रवेश भी किया था, लेकिन वो सिर्फ़ उपद्रवियों को पकड़ने के लिए और बाकी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रविवार (दिसंबर 15,2019 ) को जामिया नगर इलाके में भड़की हिंसा को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। ओखला के पूर्व कॉन्ग्रेसी विधायक आसिफ मुहम्मद खान को भी आरोपी बनाया गया। इसके अलावा स्थानीय नेता आशु खान, मुस्तफा और हैदर के नाम भी हैं। छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) के नेता कासिम उस्मानी, ऑल इंडिया स्टू़डेंट्स असोसिएशन (AISA) के नेता चंदन और स्टूडेंट ऑफ इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसआईओ) के आसिफ तन्हा को भी आरोपी बनाया गया है।

एफआईआर जामिया थाने के एसएचओ उपेंद्र सिंह ने दर्ज कराई है। आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की 13 धाराएँ लगाई गई हैं। आईपीसी की धारा- 143/ 147/ 148/ 149/ 186/ 353/ 332/ 308/427/435/ 323/341/120बी/34 के अलावा प्रिवेंशन ऑफ डेमेज टु पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 3/4 1984 लगाई गई हैं।

वहीं, पूर्व विधायक आसिफ मुहम्मद खान ने कहा है कि वे शाहीनबाग में शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। फिर न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और जामिया नगर में उनके ख़िलाफ क्यों मामला दर्ज किया गया है?

1_121719112611.jpg
एफआईआर का पहला पन्ना
(साभार: आजतक)

2_121719112633.jpg
एफआईआर का दूसरा पन्ना (साभार: आजतक)
3_121719112655.jpg

एफआईआर का तीसरा पन्ना (साभार: आजतक)
4_121719112714.jpg
एफआईआर का चौथा पन्ना (साभार: आजतक)

एफआईआर में इस बात का भी उल्लेख है कि पुलिस ने इस पूरी घटना में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केवल 75 आँसू गैस के गोले दागे थे। साथ ही पुलिस ने कैंपस में प्रवेश भी किया था, लेकिन वो सिर्फ़ उपद्रवियों को पकड़ने के लिए और बाकी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए। एफआईआर में बताया गया है कि हिंसा वाले दिन 7-8 छात्र ऐसे थे, जो यूनिवर्सिटी के भीतर से आराजक तत्वों के साथ पत्थरबाजी कर रहे थे।

बता दें, दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया में मंगलवार तक भी नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी रहा। सुबह से ही प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारा ‘अब्दुल कलाम आजाद’ गेट के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। लेकिन मंगलवार को जमा हुई भीड़ में विश्वविद्यावय के छात्र बहुत कम रहे। ज्यादातर प्रदर्शनकारी यहाँ कानून और दिल्ली पुलिस का विरोध करने जामिया नगर, बाटला हाउस, हमदर्द, पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद, नोएडा, हरियाणा आदि इलाकों से पहुँचे थे।

जामिया में मिले 750 फ़र्ज़ी आईडी कार्ड: महीनों से रची जा रही थी साज़िश, अचानक नहीं हुई हिंसा

CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के नाम पर दंगा भड़काने की साज़िश: व्हाट्सप्प ग्रुप से हुआ कॉन्ग्रेस नेताओं का पर्दाफाश

इस उन्माद, मजहबी नारों के पीछे साजिश गहरी… क्योंकि CAA से न जयंती का लेना है और न जोया का देना

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी चीन को भूले, Covid के लिए भारत को ठहराया जिम्मेदार, कहा- विश्व ‘इंडियन कोरोना’ से परेशान

पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि दुनिया कोरोना महामारी पर जीत हासिल करने की कगार पर थी, लेकिन भारत ने दुनिया को संकट में डाल दिया।

ये नंगे, इनके हाथ अपराध में सने, फिर भी शर्म इन्हें आती नहीं… क्योंकि ये है बॉलीवुड

राज कुंद्रा या गहना वशिष्ठ तो बस नाम हैं। यहाँ किसिम किसिम के अपराध हैं। हिंदूफोबिया है। खुद के गुनाहों पर अजीब चुप्पी है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,314FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe