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2 JDU नेता – एक के बालू माफिया ने तोड़ डाले दोनों पैर तो दूसरे के 24 ठिकानों पर ED की छापेमारी: हलवाई से बन गए MLC, बालू का लंबा-चौड़ा कारोबार

हालिया पुलिस छापेमारी से नाराज अपराधियों ने उन्हें पुलिस मुखबिर बता कर उन पर हमला कर दिया। अस्पताल से निकलने के बाद पुलिस उनसे बयान लेगी।

बिहार में बालू माफिया का आतंक सिर चढ़ कर बोल रहा है। पुलिस से लेकर नेता तक कोई भी इनसे बच नहीं पा रहा है। ताज़ा घटना समस्तीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र स्थित डुमरिया गाँव की है। रविवार (4 जून, 2023) को बालू माफिया के गुर्गों ने जदयू नेता मनोज सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। रॉड से मार कर उनका दोनों पैर तोड़ डाला गया। चीख-पुकार सुन कर ग्रामीण वहाँ जमा हुए और किसी तरह उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया।

मोतीउद्दीननगर के एक प्राइवेट अस-अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। उन्हें ICU में भर्ती रखा गया है। दरअसल, जदयू नेता रात के समय गाँव के डाक अधिकारी के यहाँ आयोजित सत्यनारायण भगवान की कथा में हिस्सा लेने गए थे। वहाँ पूजा का प्रसाद खाने के बाद वो देर रात लगभग 11 बजे बाइक से अपने घर वापस लौट रहे थे। जब वो गाँव के प्राथमिक विद्यालय के पास से गुजरे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें घेर लिया।

हालिया पुलिस छापेमारी से नाराज अपराधियों ने उन्हें पुलिस मुखबिर बता कर उन पर हमला कर दिया। अस्पताल से निकलने के बाद पुलिस उनसे बयान लेगी। ये घटना तब हुई है, जब बालू माफिया से संबंधों के कारण जदयू के ही एक विधान पार्षद राधाचरण सेठ के यहाँ ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने छापेमारी की है। IT रेड में उनकी 200 करोड़ रुपए की संपत्ति का पहले ही खुलासा हो चुका है। पटना से लेकर राँची तक उनके कई ठिकानों पर रेड पड़ी।

राधाचरण साह को उनके समर्थक ‘सेठ जी’ कहते हैं। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में उनके 24 ठिकानों को ED ने खँगाला है। वो स्थानीय प्राधिकरण क्षेत्र से MLC हैं। पहले वो हलवाई हुआ करते थे। उनके आवास से लेकर मिठाई की दुकान और फार्महाउस पर भी ED के अधिकारी पहुँचे। उनके अलावा राजद नेता सुभाष यादव के घर पर भी ED ने छापेमारी की है। बता दें कि बिहार में एक निर्माणाधीन पुल के दोबारा ध्वस्त होने के कारण राज्य की जदयू-राजद-कॉन्ग्रेस सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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