Homeदेश-समाजझारखंड में गिरा करोड़ों की लागत से बन रहा वो पुल, जिसे JMM-कॉन्ग्रेस सरकार...

झारखंड में गिरा करोड़ों की लागत से बन रहा वो पुल, जिसे JMM-कॉन्ग्रेस सरकार बनवा रही थी: नहीं झेल पाया एक भी बारिश

इस पुल का निर्माण झारखंड का पथ निर्माण विभाग कर रहा था। इसके लिए ओम नमः शिवाय नाम की एक कम्पनी को ठेका मिला हुआ था। यह भी जानकारी सामने आई है कि यह पुल ₹5.5 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा था।

झारखंड के गिरिडीह जिले में करोड़ों की लागत से बनाया जा रहा एक पुल बारिश के बीच गिर गया। निर्माणाधीन पुल बारिश की एक मार भी नहीं झेल सका और उसका बड़ा हिस्सा गिर गया। अब पुल के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरिडीह के देवरी थाना क्षेत्र में अरगा नदी पर एक पुल का निर्माण हो रहा था। जिस सड़क के लिए यह पुल बनाया जा रहा था, वह इस इलाके के डुमरीटोला और कारिपहरी गाँवों को जोड़ती है। इसके निर्माण के बीच ही शनिवार (29 जून, 2024) को तेज बारिश हुई जिससे अरगा नदी का जलस्तर बढ़ गया।

नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस पुल के लिए डाला गया गार्डर गिर गया। यह गार्डर एक पिलर से सहारे खड़ा था, पिलर नदी में पानी बढ़ने के कारण नीचे धंस गया, इसके कारण इसका ढाँचा अस्थिर हो गया। इसके कुछ देर बाद ही यह गिर कर नदी में समा गया।

इस पुल का निर्माण झारखंड का पथ निर्माण विभाग कर रहा था। इसके लिए ओम नमः शिवाय नाम की एक कम्पनी को ठेका मिला हुआ था। यह भी जानकारी सामने आई है कि यह पुल ₹5.5 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा था।

अब इस पुल के गिरने के बाद इसकी निर्माण की गुणवत्ता को लेकर प्रश्न झारखंड सरकार पर प्रश्न उठ रहे हैं। इससे पहले बारिश के कारण बिहार में पुल गिरने पर भी खूब बवाल हुआ था। इन पुलों के गिरने को लेकर बिहार सरकार को घेरा गया था। मामले में स्थानीय अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया है।

गिरिडीह के पथ प्रमंडल विभाग के इंजीनियर बिनय कुमार भी इस घटनास्थल पर पहुँचे हैं। ऑपइंडिया को बिनय कुमार ने बताया है कि बड़ा नुकसान नहीं है। मामले की जाँच के लिए आगे बातचीत चल रही है। निर्माण का जिम्मा लेने वाली कम्पनी ने अपने खर्च पर दोबारा पुल तैयार करने की सहमति दी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।
- विज्ञापन -