Homeदेश-समाजजीतेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी हरिद्वार से गिरफ्तार, धर्म संसद मामले में गुलबहार...

जीतेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी हरिद्वार से गिरफ्तार, धर्म संसद मामले में गुलबहार खान ने की थी उत्तराखंड में शिकायत

यति नरसिंहानंद जीतेंद्र नारायण त्यागी की गिरफ्तारी के मामले में इस बात पर अड़े हुए हैं कि या तो उन्हें पुलिस छोड़े या फिर नरसिंहानंद को भी गिरफ्तार करे।

उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार में हुई धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने के मामले में जीतेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) (Wasim Rizvi alias Jitendra Narayan Tyagi) को उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें हरिद्वार के नारसन बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया। रिजवी हरिद्वार नगर कोतवाली लेकर आई है। इस बीच उनके समर्थन में कोतवाली में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है।

इस घटना को लेकर ऑपइंडिया ने स्वामी यति नरसिंहानंद महाराज (Yati Narsinghanand Maharaj) से संपर्क किया। उन्होंने जीतेंद्र नारायण त्यागी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। यति नरसिंहानंद जीतेंद्र नारायण त्यागी की गिरफ्तारी के मामले में इस बात पर अड़े हुए हैं कि या तो उन्हें पुलिस छोड़े या फिर नरसिंहानंद को भी गिरफ्तार करे।

उल्लेखनीय है कि हरिद्वार निवासी गुलबहार खान ने ही पुलिस में शिकायत की थी। इस शिकायत में ये आरोप लगाय़ा गया था, “वसीम रिज़वी जो अब जितेंद्र नारायण त्यागी के नाम से जाने जाते हैं, ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर पैगम्बर मोहम्मद और उनके अनुयायियों के खिलाफ गलत बयानी की है। यह एक सोची-समझी साजिश है। आरोपितों ने इन बयानों को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है।” ये धर्म संसद खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में 7 से 19 दिसंबर 2021 के दौरान आयोजित हुआ था।

गौरतलब है कि इस मामले में उनके खिलाफ पुलिस ने धारा 153A के तहत केस दर्ज किया था। अपने खिलाफ केस दर्ज कराए जाने पर जितेंद्र नारायण त्यागी ने ऑपइंडिया को बताया था। उन्होंने कहा था, “मेरे विरुद्ध हरिद्वार में जो मुकदमा दर्ज करवाया गया है, इससे पहले असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में भी मुकदमा दर्ज करवाया था। भारत के विभिन्न थानों में हेट स्पीच बता कर मेरे विरुद्ध जो मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं ये कट्टरपंथी मुल्लाओं की, मुस्लिम समाज के आतंकी लोगों की बौखलाहट है। क्योंकि वो समझ रहे हैं कि उनकी पोल खुल चुकी है। सच्चाई कहना हेट स्पीच नहीं है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सतलुज’ में जसवंत सिंह खालड़ा हैं लेकिन पंजाब में बस से उतारकर मार डाले गए हिंदू यात्री कहाँ हैं? खालिस्तानी आतंकवाद के नैरेटिव से...

पंजाब में आतंकवाद के दौर पर फिर बहस छिड़ी है। एक पक्ष सभी पीड़ितों के दर्द की बात करता है, जबकि दूसरा इसे खालिस्तान समर्थक नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करता है।

26 साल से जेल में बंद दारा सिंह होंगे रिहा: वकील का दावा, बताया- सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त तक जेल से छोड़ने का...

दारा सिंह के वकील एपी सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को 15 अगस्त 2026 तक उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।
- विज्ञापन -