Saturday, April 13, 2024
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हिंदुओं को हजारों साल क्यों गुलाम रखा गया, समझना मुश्किल नहीं है: कंगना रनौत ने सदगुरु के समर्थन में ट्रोल्स को लताड़ा

"यह समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि हिंदुओं को हजारों साल गुलाम क्यों रखा गया। कोई रणनीति नहीं, कोई योजना नहीं, कोई अलाइनमेंट नहीं। बेवकूफ लोग। क्या आप उन्हें कावेरी को बचाने, ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई कराने या मंदिरों को बचाने में सपोर्ट कर सकते हैं? अगर नहीं तो चुपचाप रहिए।"

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने सदगुरु जग्गी वासुदेव का समर्थन करते हुए वामपंथी और दक्षिणपंथी ट्रोल्स को लताड़ लगाई है। कंगना ने अपनी पोस्ट में कहा, “वामपंथी ये कहकर सदगुरु को परेशान कर रहे हैं कि वे हिंदू संस्कृति योग और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देते हैं। दक्षिणपंथी उन्हें यह कहकर तंग और ट्रोल कर रहे हैं कि वे लिबरल हैं और हिंदू देवताओं और धर्मग्रंथों का सम्मान नहीं कर रहे हैं।”

अपने अगले ट्वीट में कंगना ने लिखा,  “यह समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि हिंदुओं को हजारों साल गुलाम क्यों रखा गया। कोई रणनीति नहीं, कोई योजना नहीं, कोई अलाइनमेंट नहीं। बेवकूफ लोग। क्या आप उन्हें कावेरी को बचाने, ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई कराने या मंदिरों को बचाने में सपोर्ट कर सकते हैं? अगर नहीं तो चुपचाप रहिए।”

बता दें कि इस समय कृष्ण और यशोदा के रिश्ते को माँ-बेटे के रिश्ते से ऊपर बताने के कारण सदगुरु को ट्रोल किया जा रहा है। इसी बाबत कंगना ने अपने दोनों ट्वीट किए हैं। इससे पहले भी कंगना रनौत सदगुरु को ट्रोल करने वाले लोगों को पहले भी करारा जवाब दे चुकी हैं। 8 मार्च को जब उन्होंने स्त्री को एक आयाम बताया था तो सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें उलटा-सीधा कहना शुरू कर दिया था।

उस समय भी कंगना ने सदगुरु के लिए लिखा था, “जिन इडियट्स को चूहों का आईक्यू और कीड़ों का अस्तित्व मिला है, वे स्त्री को एक लिंग नहीं बल्कि आयाम बताने पर सदगुरु को निशाना बना रहे हैं। वे यह जानकर हैरान रह जाएंँगे कि उनके पास सूर्य और चंद्रमा हैं, उनकी माँ और पिता, मर्द और स्त्री दोनों उनमें हैं। बेवकूफ अपने आपकों शर्मिंदा करना बंद करें।”

उल्लेखनीय है कि सदगुरु वासुदेव कुछ दिन पहले अपनी एक पुरानी वीडियो वायरल होने के बाद विवादों में आए। इसमें उन्होंने कहा था:

यशोदा, कृष्ण की पालक माँ। वो अपने पुत्र के साथ गहरे प्रेम में थीं। वो कृष्ण को सिर्फ़ बेटा नहीं, उससे बढ़कर मानती थीं। जब कृष्ण छोटे थे, तो ये सब (प्यार) उस छोटे से बच्चे के लिए था। लेकिन जब वो (कृष्ण) बड़े हुए तो काफ़ी तेज़ी से बढ़े। उनका विकास अभूतपूर्व था। कोई भी माँ अपनी ममता को इस तरह के विकास के साथ समायोजित नहीं कर सकती। इसलिए कृष्ण के 5-6 साल के होते-होते यशोदा का मातृत्व कहीं खो गया। उसके बाद वो उनकी माँ नहीं रह सकती थीं। वह एक तरह से उनकी प्रेमिका बन गईं। उन्होंने बस उनसे प्रेम किया। तो यशोदा का कृष्ण के साथ संबंध इस तरह से बढ़ा कि वो भी गोपियों में से एक बन गईं। वो भी रास का हिस्सा थीं। वो राधा को पसंद नहीं करती थीं क्योंकि उन्हें लगता था कि ये लड़की बहुत तेज है।”

अपने इस बयान के लिए सदगुरु हाल में माफी माँग चुके हैं। उन्होंने एक अन्य कार्यक्रम की वीडियो को साझा करते हुए उसमें कहा था कि उनके कहने का वो अर्थ नहीं था जो ले लिया गया। वह बस कहना चाहते थे कि कृष्ण प्रेम हैं, प्रेम का अवतार हैं और लोगों के पास उन्हें प्रेम करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। लेकिन बावजूद इसके यदि किसी को दुख हुआ तो वह माफी माँगते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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