Homeदेश-समाजकानपुर के पत्थरबाजों को मिले थे ₹500-1000, बाबा बिरयानी में रची गई साजिश: रिपोर्ट...

कानपुर के पत्थरबाजों को मिले थे ₹500-1000, बाबा बिरयानी में रची गई साजिश: रिपोर्ट में दावा पुलिस के सामने मुख्तार अहमद ने उगले कई राज

इस साजिश में 15 से 16 युवकों को हिंसा फैलाने के लिए अलग-अलग टास्क दिए गए थे। पथराव के दौरान आरोपित वीडियो कॉल करके पूरे हंगामे को देख रहा था। पूछताछ में उसने कई अन्य आरोपितों के नाम भी पुलिस को बताए हैं।

कानपुर के बेकनगंज इलाके में 3 जून 2022 को हुई हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया बाबा बिरयानी का मालिक मुख्तार अहमद ने पुलिस की पूछताछ में कई राज उजागर किए हैं। पुलिस को मुख़्तार से क्राउड फंडिंग के बारे में कई अहम जानकारियाँ मिली हैं। इसी के साथ पूछताछ में पत्थरबाजों के रेट का भी खुलासा हुआ है। वहीं बाबा बिरयानी के मालिक को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इन सबके साथ मुख़्तार अहमद पर मंदिर कब्ज़ा कर के बिरयानी की दुकान खोलने का भी आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में मुख़्तार ने बताया कि 500 रुपए से 1000 रुपए दे कर बाहर से पत्थरबाज बुलाए गए थे। वहीं पुलिस ने खुलासा किया है कि हिंसा की साजिश बाबा बिरयानी की दुकान में रची गई थी। इस साजिश में 15 से 16 युवकों को हिंसा फैलाने के लिए अलग-अलग टास्क दिए गए थे। पथराव के दौरान आरोपित वीडियो कॉल करके पूरे हंगामे को देख रहा था। पूछताछ में उसने कई अन्य आरोपितों के नाम भी पुलिस को बताए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मुख़्तार के आर्थिक स्रोतों के बारे में भी जानकारी जुटाई है। मुख़्तार को करोड़पति बनाने में एक बैंक मैनेजर का भी नाम भी सामने आ रहा है। इसके लिए हुई धोखाधड़ी में मैनेजर भी शामिल बताया जा रहा। उस पर नियमों के खिलाफ जाकर मुख़्तार को मनमानी ढंग से लोन देने का आरोप है। हालाँकि, बाद में बैंक मैनेजर को बर्खास्त कर दिया गया था। कहा जा रहा है कि पुलिस द्वारा गठित SIT जल्द ही उस बैंक मैनेजर से भी पूछताछ कर सकती है।

बता दें कि मुख़्तार अहमद को 22 जून 2022 (बुधवार) को कानपुर की एक अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस की सारी पूछताछ की वीडियोग्राफ़ी करवाई गई है। हालाँकि, शुरुआत में उसने अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इंकार किया था लेकिन बाद में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। बताया जा रहा है कि आगे की जानकारी के लिए पुलिस मुख़्तार अहमद का कस्टडी रिमांड भी ले सकती है।

गौरतलब है कि कानपुर पुलिस के मीडिया सेल ने ऑपइंडिया को बताया, “हम सभी अपडेट के बारे में प्रेसनोट जारी कर के आधिकारिक घोषणा करते हैं। फिलहाल बाबा बिरयानी के पत्थरबाजी की फंडिंग और बैंक मैनेजर केस में अभी तक हमने कोई आधिकारिक प्रेसनोट जारी नहीं की है। इसलिए हम इस खबर की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं कर सकते।” साथ ही DCP पश्चिम ने फोन नहीं उठाया। पुलिस वर्जन मिलने के बाद हम उसे खबर में अपडेट करेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

साँप की मिस्ट्री, बाली की ट्रिप और लोहागढ़ का किला: 20 साल की सिया ने 3 बार रची थी मंगेतर केतन को मारने की...

पुणे की सिया ने मंगेतर केतन अग्रवाल को तीन बार मारने की साजिश रची। पुलिस ने जाँच में साँप की मिस्ट्री का भी खुलासा किया। लोहागढ़ किला जाने से पहले सिया ने बाली की ट्रिप भी कैंसिल की थी।

कॉन्ग्रेस की ‘भगवा आतंक’ वाली थ्योरी को किया फेल, दुनिया को आतंकी इशरत का सच बताया: पढ़िए उन RVS मणि के बारे में सब,...

पूर्व अधिकारी आरवीएस मणि को पद्मश्री से नवाजा गया है। उन्होंने भगवा आतंकवाद, इशरत जहाँ केस और मोदी-शाह के खिलाफ UPA सरकार के वक्त की साजिश का खुलासा किया।
- विज्ञापन -