Advertisements
Saturday, May 30, 2020
होम देश-समाज हमें हिंदू औरतें चाहिए... कश्मीर की हर मस्जिद से 19/1/1990 की रात आ रही...

हमें हिंदू औरतें चाहिए… कश्मीर की हर मस्जिद से 19/1/1990 की रात आ रही थी यही आवाज

"मेरे दादाजी रसोई की चाकू और जंग लगी कुल्हाड़ी लेकर हमें मारने के लिए खड़े थे, ताकि वो हमें उस बर्बरता से बचा सकें, जो जिंदा रहने पर हमारा आगे इंतजार कर रही थी।"

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

90 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं पर हुआ हत्याचार एक ऐसी कड़वी सच्चाई है, जिसे चाहकर भी भुला पाना असंभव है। रातों-रात खुद को बचाने के लिए कश्मीर में अपना घर, संपत्ति छोड़कर भागे लोगों के मन में आज भी उस रात की टीस बाकी है, जब उन्होंने इस्लामिक कट्टरपंथी का शिकार होते अपनी आँखों के सामने बर्बरता से अपने लोगों को जिंदा जलते-मरते देखा और जिन्हें इंसाफ की लड़ाई लड़ते-लड़ते 30 साल हो गए।

बीते साल 14 नवंबर 2019 को ऐसी ही अनगिनत कहानियों को अपने दिल में समेट कर भारतीय स्तंभकार सुनंदा वशिष्ठ टॉम लैंटॉस एचआर द्वारा आयोजित यूएस कॉन्ग्रेस की बैठक के लिए वॉशिंगटन डीसी पहुँचीं थीं। हालाँकि वहाँ जाने से पहले ही उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दे दी थी कि आयोजन में वह सिर्फ़ कश्मीर से जुड़ी उन कहानियों के बारे में बात करने वाली हैं, जिन्हें लोगों ने कभी नहीं सुना होगा या फिर जिन्हें बताने से हमेशा बचा गया। लेकिन जब उन्होंने वहाँ बोलना शुरू किया और कश्मीरी हिंदुओं पर हुए अत्याचारों की आवाज बनीं… तो मानो जैसे सब सिहर गए।

बतौर कश्मीर के हालातों की चश्मदीद, उन्होंने आयोजन में बोलना प्रारंभ किया। इस दौरान घाटी में पसरे इस्लामिक कट्टरपंथ के कारण उन्होंने कश्मीर की तुलना सीरिया से की। उन्होंने 30 साल पहले का समय याद करते हुए कहा कि उन लोगों ने ISIS के स्तर की दहशत और बर्बता कश्मीर में झेली है। इसलिए उन्हें खुशी है कि आज इस तरह मानवाधिकारों की बैठक यहाँ हो रही हैं, क्योंकि जब मेरे जैसों ने अपने घर और अपनी जिंदगी सब गँवा दी थी, तब पूरा विश्व शांत था।

अपना गुस्सा जाहिर करते हुए सुनंदा वशिष्ठ ने लोगों से पूछा कि आखिर तब मानवाधिकार के वकील कहाँ थे, जब हमारे अधिकार हमसे छीने गए।

“कहाँ थे वो लोग जब 19 जनवरी 1990 की रात घाटी के हर मस्जिद से एक ही आवाज आ रही थी कि हमें कश्मीर में हिंदू औरतें चाहिए, लेकिन बिना किसी हिंदू मर्द के।”

उस रात की पीड़ा को जाहिर करते हुए सुनंदा ने आगे पूछा, “इंसानियत के रखवाले उस समय कहाँ थे जब मेरे दादाजी रसोई की चाकू और जंग लगी कुल्हाड़ी लेकर हमें मारने के लिए हमारे सामने केवल इसलिए खड़े थे, ताकि वो हमें उस बर्बरता से बचा सकें, जो जिंदा रहने पर हमारा आगे इंतजार कर रही थी।”

बैठक में उन्होंने बताया था कि उनके लोगों को आतंकियों ने उस रात केवल 3 विकल्प दिए थे। या तो वे कश्मीर छोड़कर भाग जाएँ, या फिर धर्मांतरण कर लें या फिर उसी रात मर जाएँ। सुनंदा वशिष्ठ के अनुसार उस रात करीब 4 लाख कश्मीरी हिंदुओं ने दहशत में आकर अपनी घर- संपत्ति सब जस का तस छोड़ दिया और खुद को बचाने के लिए वहाँ से भाग निकले।

उनके मुताबिक, आज 30 साल बाद भी वह कश्मीर स्थित उनके घर नहीं जा पाती। क्योंकि वहाँ उनका स्वागत ही नहीं होता। उन्हें आज भी वहाँ अपनी आस्था मानने की आजादी नहीं है। उनके घर को दूसरे समुदाय के लोगों ने घेर लिया है और घरों पर सिर्फ कब्जा नहीं हुआ बल्कि उन्हें जलाया जा चुका है।

कश्मीर पर बात करते हुए उन्होंने उस अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल को भी याद किया, जिसका मजहब इस्लाम न होने के कारण ISIS ने उसका सिर कलम कर दिया था, लेकिन फिर भी उसके आखिरी शब्द थे- “मेरे पिता एक यहूदी थे, मेरी माता एक यहूदी थी और मैं भी एक यहूदी ही हूँ।”

इस दौरान अपनी तुलना डेनियल पर्ल से करते हुए सुनंदा ने उनके आखिरी शब्दों को अपनी स्थिति बयान करने के लिए इस्तेमाल किया और कहा, “मेरे पिता एक कश्मीरी हैं, मेरी माता कश्मीरी हिंदू हैं और मैं भी एक कश्मीरी हिंदू ही हूँ। ”

इस बैठक में आपबीती सुनाते हुए भारतीय स्तंभकार ने दावा किया कि कश्मीर में उनका और उनके लोगों का पूरा जीवन कट्टरपंथ इस्लाम के कारण बर्बाद कर दिया गया। वे इस दौरान गिरिजा टिक्कू जैसी औरतों का भी जिक्र करती नजर आईं, जिनका अपहरण करके क्रूरता के साथ मार दिया। जिनके साथ सामूहिक बलात्कार हुए और जिन्हें टुकड़ों में काटकर फेंक दिया गया। उन्होंने बीके गंजू जैसे लोगों के बारे में भी बात की। जिन्हें अपने पड़ोसियों पर विश्वास करने के बदले सिर्फ़ विश्वासघात मिला। जिन्हें कंटेनर में ही गोली मार दी गई और उनकी पत्नी को खून से सने चावल (वो भी पति के ही खून से सने) खाने को मजबूर किया गया।

बता दें कि सुनंदा द्वारा यूएस कॉन्ग्रेस की बैठक में कही गई इन बातों के लिए उन्हें खूब सराहा गया था। स्वयं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उनके वीडियो को शेयर कर उन्हें शाबाशी दी थी। उन्होंने लिखा था कि ये वो आवाज है, जो सुनी जानी चाहिए।

Advertisements

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

POK में ऐतिहासिक बौद्ध धरोहरों पर उकेर दिए पाकिस्तानी झंडे, तालिबान पहले ही कर चुका है बौद्ध प्रतिमाओं को नष्ट

POK में बौद्ध शिलाओं और कलाकृतियों को नुकसान पहुँचाते हुए उन पर पाकिस्तान के झंडे उकेर दिए गए हैं।

पिंजड़ा तोड़ की नताशा नरवाल पर UAPA के तहत मामला दर्ज: देवांगना के साथ मिल मुसलमानों को दंगों के लिए उकसाया था

नताशा नरवाल जेएनयू की छात्रा है। दंगों में उसकी भूमिका को देखते हुए UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है।

J&K: कुलगाम में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

कुलगाम जिले के वानपोरा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो आतंकवादियों को मार गिराया। आतंकियों के छुपे होने की खुफ़िया जानकारी मिली थी।

‘मरीज मर जाएँ तो हमें दोष मत दीजिएगा’: उद्धव राज में बाल ठाकरे ट्रॉमा सेंटर की उखड़ी साँसें, ऑक्सीजन की कमी से 12 मरे

जोगेश्वरी के HBT ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉक्टरों ने कहा है कि हाँफते हुए मरीजों को दम तोड़ते देख उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

चीन के पर कतरे, WHO से रिश्ते तोड़े, हांगकांग का विशेष दर्जा छीना जाएगा: ट्रंप के ताबड़तोड़ फैसले

ट्रंप ने WHO से सारे संबंध खत्म करने का ऐलान किया है। चीन पर कई पाबंदियॉं लगाई है। हांगकांग का विशेष दर्जा भी वापस लिया जाएगा।

राजस्थान: अब दौसा में हेड कॉन्स्टेबल ने लगाई फाँसी, 7 दिन में तीसरे पुलिसकर्मी ने की आत्महत्या

दौसा के सैंथल में हेड कॉन्स्टेबल गिरिराज सिंह ने आत्महत्या कर ली। राज्य में सात दिनों के भीतर सुसाइड करने वाले वे तीसरे पुलिसकर्मी हैं।

प्रचलित ख़बरें

असलम ने किया रेप, अखबार ने उसे ‘तांत्रिक’ लिखा, भगवा कपड़ों वाला चित्र लगाया

बिलासपुर में जादू-टोना के नाम पर असलम ने एक महिला से रेप किया। लेकिन, मीडिया ने उसे इस तरह परोसा जैसे आरोपित हिंदू हो।

ISKCON ने किया ‘शेमारू’ की माफ़ी को अस्वीकार, कहा- सुरलीन, स्याल पर कार्रवाई कर उदाहारण पेश करेंगे

इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने शेमारू के इस माफ़ीनामे से संतुष्ट नहीं लगते और उन्होने घोषणा की कि वे बलराज स्याल और सुरलीन कौर के इस वीडियो को प्रसारित करने वाले शेमारू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

टिड्डियों के हमले को जायरा वसीम ने बताया अल्लाह का कहर, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ली क्लास

इस्लाम का हवाला देकर एक्टिंग को अलविदा कहने वाली जायरा वसीम ने देश में टिड्डियों के हमले को घमंडी लोगों पर अल्लाह का कहर बताया है।

जैकलीन कैनेडी की फोटो पास में रख कर सोते थे नेहरू: CIA के पूर्व अधिकारी ने बताए किस्से

सीआईए के पूर्व अधिकारी ब्रूस रिडेल का एक क्लिप वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने नेहरू और जैकलीन कैनेडी के संबंधों के बारे में बात की है।

दिल्ली में अस्पताल और श्मशान में शव रखने की जगह नहीं, हाइकोर्ट ने भेजा केजरीवाल सरकार, तीनों निगमों को नोटिस

पाँच दिन पहले जिनकी मौत हुई थी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से मॉर्चरी में हर दिन संख्या बढ़ती चली जा रही है। पिछले हफ्ते जमीन पर 28 की जगह 34 शव रखें हुए थे।

हमसे जुड़ें

209,526FansLike
60,747FollowersFollow
244,000SubscribersSubscribe
Advertisements