Homeदेश-समाजजाति गिनने वाले बिहार से कमाने पंजाब आए सुशील मंडल, फिर भी पेट भरने...

जाति गिनने वाले बिहार से कमाने पंजाब आए सुशील मंडल, फिर भी पेट भरने को पड़े लाले तो तीन बेटियों को दूध में जहर देकर मार डाला

सुशील और उसकी पत्नी मंजू देवी ने अपने बचाव में बच्चियों के अगवा होने की झूठी कहानी रची, मगर ये पुलिस के आगे अधिक देर तक टिक नहीं सकी।

पंजाब के जालंधर से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। जालंधर के कानपुर में बिहार के कटिहार से आया एक दंपती अपने 5 बच्चों, जिसमें 4 बेटियाँ और एक बेटा था, के साथ रहता था। इस दंपती ने अपनी तीन बड़ी बेटियों को जहर मिला दूध पिला दिया और उन्हें बक्से में बंद कर दिया। तीनों बच्चियों की तड़प कर मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपित माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

बिहार के कटिहार का रहने वाला है आरोपित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जालंधर के कानपुर में सुशील मंडल अपने परिवार के साथ रहता था। वो बिहार के कटिहार जिले के पोठिया ओपी क्षेत्र में आने वाले डुमर पंचायत का निवासी था और जालंधर में चार साल से मजदूरी करता था। सुशील शराब पीने का आदी था और कमाई कम थी। इस वजह से उसने अपनी तीन बड़ी बेटियों को पत्नी के साथ मिलकर मार डाला, क्योंकि वो पाँचों बच्चों का पालन-पोषण नहीं कर पा रहा था। मरने वाली बच्चियों के नाम अमृता कुमारी (9 वर्ष), साक्षी (7 वर्ष) और कंचन (4 वर्ष) थी।

पुलिस ने जाँच के बाद किया गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक, सुशील और उसकी पत्नी मंजू देवी ने अपने बचाव में बच्चियों के अगवा होने की झूठी कहानी रची, मगर ये पुलिस के आगे अधिक देर तक टिक नहीं सकी। जालंधर के एसएसपी (ग्रामीण) मुखविंदर सिंह भुल्लर और एसपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने इस मामले में मीडिया से बातचीत की और बताया कि सूचना पाकर डीएसपी बलवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे थे। उन्होंने शुरूआती जाँच के बाद हत्यारोपी सुशील मंडल और उसकी पत्नी मंजू देवी को गिरफ्तार कर लिया।

रविवार सुबह जहरीला दूध पिलाया

एसएसपी ने बताया कि आरोपित सुशील मंडल शराब का आदी था। उसने रविवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे बच्चियों को जहरीला दूध पिलाकर बक्से में बंद कर दिया और खुद काम पर चला गया। इसमें उसकी पत्नी मंजू देवी ने भी साथ दिया। वो सोमवार को घर छोड़कर भागने वाले थे, लेकिन बक्से की वजह से फँस गए। उन्होंने कहा कि दंपती के बाकी बचे दोनों बच्चों अनुष्का (2 वर्ष) और एक साल के बेटे शनि को चाइल्ड केयर होम भेजा जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -