Saturday, July 13, 2024
Homeदेश-समाजकेरल के जिस घर में तड़पाकर मार दी गईं 2 औरतें, उसे देखने अब...

केरल के जिस घर में तड़पाकर मार दी गईं 2 औरतें, उसे देखने अब दूर-दूर से आ रहे ‘पर्यटक’: सबमें उस गड्ढे को देखने की इच्छा, जहाँ दफन थे शव के टुकड़े

इस घर को देखने आने वालों में एर्नाकुलम की रहने वाली रेम्या ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलने पठानमथिट्टा आई थी। इसके बाद, उन लोगों ने पूरे परिवार को साथ लेकर एलंथूर आने का फैसला किया।

केरल के पठानमथिट्टा जिले में स्थित एलंथूर गाँव का नाम कुछ दिन पहले तक शायद ही कोई जानता था, लेकिन जब से ये जगह दो महिलाओं की निर्मम हत्या के कारण खबरों में आई है तब से लोग इस जगह को देखने के लिए वहाँ मोबाइल लेकर पहुँचने लगे हैं।

दरअसल, केरल के एर्नाकुलम में पिछले दिनों दो महिलाओं के अपहरण और हत्या की खबर सामने आई थी। एक दंपत्ति ने अमीर बनने के लालच में शफी नाम के शख्स के कहने पर औरतों को न केवल शारीरिक प्रताड़ना दी थी, बल्कि निर्ममता से उनका कत्ल भी किया था।

हत्या के बाद महिलाओं के शव को काट-काटकर जिस घर में दफनाया गया था, अब उस घर को देखने के लिए सैकड़ों लोग प्रतिदिन आ रहे हैं। लोग उस घर के अलावा उन गड्ढों को देखना चाह रहे हैं जहाँ से औरतों के शरीर के हिस्से बरामद हुए।

एलंथूर गाँव के इस घर के आसपास पहले दुकानें नहीं थीं। लेकिन अब इस घर को देखने आने वालों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यहाँ कई दुकानें खुल चुकीं हैं।

द न्यूज मिनट की खबर के अनुसार इस घर को करीब 49 किमी दूर से देखने आए शशिकुमार कहते हैं, उन्होंने पहली बार ऐसी किसी घटना के बारे में सुना है इसलिए वह इस जगह को देखना चाहते थे। वह यहाँ अपने दोस्तों के साथ इस घर को देखने आए थे और इसके लिए वह काफी उत्सुक थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घर को देखने आने वालों में एर्नाकुलम की रहने वाली रेम्या ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों से मिलने पठानमथिट्टा आई थी। इसके बाद, उन लोगों ने पूरे परिवार को साथ लेकर एलंथूर आने का फैसला किया।

रेम्या कहती हैं, “जब मैंने इस घटना को समाचार में देखा था तभी से इस जगह को देखने आना चाहती थी। अब मैं यहाँ रिश्तेदारों के साथ आई हूँ।मुझे मजा आया।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस गाँव में जो हुआ वह दुर्लभ और असामान्य है। यही वजह है कि कई लोग इस जगह को देखना चाहते हैं। इस घर के अलावा यह एक सामान्य गाँव है, सामान्य घर है, कुछ खास नहीं है। वह उस घर और उन गड्ढों को देखना चाहती हैं जहाँ उन महिलाओं को मारने के बाद उन्हें दफनाया गया था। वह उन गड्ढों के पास खड़े होकर फोटो खिंचवाना चाहतीं थीं। लेकिन, उन्हें अफसोस हुआ कि पुलिस ने सब कुछ सील कर दिया।

बढ़ती भीड़ से पड़ोसी परेशान

हत्या के आरोपित भगवंत सिंह और लैला के पड़ोसी जोस का कहना है कि इस घटना के बाद से वह बेहद परेशान है। लोग उनके घर के अंदर घुस आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, केरल के सभी जिलों से हर रोज कई लोग यहाँ आते हैं। वे मेरे घर के अंदर भगवंत के घर को देखने आते हैं। मेरे घर के एक कोने से वे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। लोग मेरे घर में इसलिए आ रहे हैं क्योंकि पुलिस ने चारों तरफ से बैरिकेड्स लगा रखे हैं। यहाँ आने वाले लोग कुछ दिन पहले मेरे घर की दीवार कूदकर अंदर आ गए थे। इसलिए, अब मैं गेट खुला रखता हूँ।”

जोस यह भी कहते हैं कि यहाँ आने वाले लोग हर समय फोटो और सेल्फी लेते रहते हैं। यूट्यूब वीडियो बनाने वाले लोग भी यहाँ लगातार आ रहे हैं। हर कोई इस घर को देखते हुए फोटो और वीडियो बनाना चाहता है। बहुत सारे लोग तो बारिश में भींगते हुए भी इस घर को देखने के लिए आ रहे हैं।

एलंथूर में हुई इस घटना से जहाँ, एक ओर इस घर को देखने के लिए लगातार लोग आ रहे हैं, वहीं गाँव वाले इतनी भीड़ को देखकर खुश नहीं हैं।

एलंथूर के निवासी अशोकन कहते हैं, “एलंथूर गलत कारणों से चर्चित हो रहा है। हमारे गाँव की अपनी सांस्कृतिक विरासत है। यह अभिनेता मोहनलाल और स्वतंत्रता सेनानी के कुमार का जन्मस्थान है। इस गाँव ने केरल के सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन, अब हर कोई यहाँ उस घर को देखने के लिए आ रहा है। अब हमें यह कहते हुए भी शर्म आ रही है कि हम एलंथूर में रहते हैं।”

क्या है पूरा मामला…

केरल के पथानामथिट्टा जिले में स्थित एलंथूर गाँव में रहने वाले भगवंत सिंह और उसकी पत्नी लैला आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे थे। इसी दौरान, शफी नामक व्यक्ति ने फेसबुक पर श्रीदेवी बनकर नैचुरल थेरेपिस्ट भगवंत सिंह को फँसाया और उन्हें आर्थिक समृद्धि के लिए दो महिलाओं का सिर तन से जुदा करने के लिए कहा। शफी ने भगवंत को आश्वासन दिया था कि दो महिलाओं की कुर्बानी देने के बाद उसकी सारी आर्थिक समस्याएँ दूर हो जाएँगी।

इसके बाद मोहम्मद शफी ने भगवंत से महिलाओं को खोजने के लिए दो लाख रुपए भी ठगे और उन्हें लाने के लिए दंपत्ति से कार भी खरीदवाई। इसके बाद शफी ने रोजलिन और पद्मा नाम की दो महिलाओं का अपहरण कर उन्हें भगवंत और लैला के घर ले गया था। जहाँ, महिलाओं को चारपाई से बाँधकर गला घोंटा गया। उनके स्तन काट दिए गए और खून बहने दिया गया। इनमें से एक महिला के 56 टुकड़े कर दिए गए। आरोपित ने कथित तौर पर रोजलिन का प्राइवेट पार्ट काटकर उसे भूनकर खाया। बाद में शव के टुकड़े गढ्ढों में दबा दिए गए। वहीं, पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने कहा कि उन्होंने किसी भी इंसान का मांस नहीं खाया था।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मुख्य आरोपित मोहम्मद शफी और लैला की नजदीकियाँ बढ़ गईं थी। यह बात भी सामने आई है कि मोहम्मद शफी लैला के साथ मिलकर उसके पति भगवंत को रास्ते से हटाने की योजना बना चुका था। अगर इन महिलाओं की हत्या का भंडाफोड़ नहीं होता तो इनका अगला शिकार भगवंत ही होता। लैला भगवंत की दूसरी पत्नी है। उसकी पहली पत्नी और बच्चे विदेश में रहते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘आपातकाल तो उत्तर भारत का मुद्दा है, दक्षिण में तो इंदिरा गाँधी जीत गई थीं’: राजदीप सरदेसाई ने ‘संविधान की हत्या’ को ठहराया जायज

सरदेसाई ने कहा कि आपातकाल के काले दौर में पूरे देश पर अत्याचार करने के बाद भी कॉन्ग्रेस चुनावों में विजयी हुई, जिसका मतलब है कि लोग आगे बढ़ चुके हैं।

तिब्बत को संरक्षण देने के लिए अमेरिका ने बनाया कानून, चीन से दो टूक – दलाई लामा से बात करो: जानिए क्या है उस...

14वें दलाई लामा 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आ गये, जहाँ उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित सरकार स्थापित की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -