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‘जामा मस्जिद में रखा है बम’: जुमे के दिन छुट्टी के लिए मदरसे के लड़के ने किया था फर्जी फोन कॉल, G20 समिट से पहले अटक गई थीं सुरक्षा एजेंसियों की साँसें

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार (8 सितंबर, 2023) की सुबह करीब 7:50 मिनट पर जामा मस्जिद थाने को मस्जिद में बम रखे होने की सूचना मिली।

दिल्ली में G20 समिट का समापन हो गया है। दुनिया के तमाम बड़े नेता अपने-अपने वतन जा चुके हैं या जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस समिट का मुख्य कार्यदिवस शनिवार (9 सितंबर, 2023) और रविवार को था, लेकिन इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली के जामा मस्जिद में सुबह सुबह ही बन रखे जाने की सूचना आ गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों के लोग सकते में आ गए थे।

दरअसल, इस जी-20 समिट के लिए दिल्ली को सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया था, लेकिन उसी दिल्ली की सबसे मशहूर जगहों में से एक जामा मस्जिद में ही बम रखे जाने की सूचना मिली थी।

जी-20 समिट से एक दिन पहले हुई थी बदमाशी!

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार (8 सितंबर, 2023) की सुबह करीब 7:50 मिनट पर जामा मस्जिद थाने को मस्जिद में बम रखे होने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई थी। साथ ही कॉलर को भी ट्रैक किया जा रहा था। कॉल करने वाले की पहचान 14 साल के मदरसा छात्र के रूप में हुई, जो शुक्रवार को छुट्टी चाहता था, इसलिए उसने ही बम रखे होने की सूचना दी थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे खेल में उसका एक दोस्त भी शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों से कड़ी पूछताछ की, साथ ही जामा मस्जिद जैसे जगह की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली। जाँच में जब कॉल का फर्जी होने पाया गया, तब जाकर सुरक्षा एजेंसियों के लोगों ने राहत की साँस ली।

बदमाशी या सतर्कता?

हालाँकि अमर उजाला की रिपोर्ट में बताया गया है कि लड़के ने एक लावारिस बैग देखा था, जिसकी सूचना उसने पुलिस को दी थी। इस बैग से कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। वो लड़का भी घटनास्थल के नजदीक ही मिला और उसने बताया कि एहतियात के तौर पर उसने कॉल किया था।

जी-20 समिट का समापन, नवंबर तक भारत रहेगा अध्यक्ष

जी-20 की अध्यक्षता भारत के पास है। इसके शिखर सम्मेलन का आयोजन समाप्त हो चुका है। जी-20 की बैठकों के दौरान उठे अधिकतर मुद्दों पर एक साझा सहमति भी बनाई गई, तो पर्यावरण की रक्षा के लिए बायोफ्यूल्स के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी सहमति बनी। इसके लिए एक एलायंस का भी ऐलान किया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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