Homeदेश-समाजएक ही कमरे में 2 पत्नियों की हत्या, पति जमशेद आलम बच्चे के साथ...

एक ही कमरे में 2 पत्नियों की हत्या, पति जमशेद आलम बच्चे के साथ फरार

दोनों महिलाओं की कपड़े से गला दबाकर हत्या की गई है, उनके हाथ-पाँव भी बंधे हुए थे। और उनका पति जमशेद आलम अपने 10 साल के बेटे को लेकर फरार है। जमशेद बुधवार दोपहर तक उसी एरिया में देखा गया था।

साउथ ईस्ट दिल्ली के जैतपुर के सौरव विहार में डबल मर्डर की घटना सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई है। एक ही घर में दो महिलाओं के शव बरामद होने से आसपास के लोग दहशत में हैं। दरअसल सौरभ विहार की गली नंबर 7 के एक घर में जमशेद आलम नाम का एक व्यक्ति अपनी दो पत्नियों और एक बेटे के साथ रहता था। बेटे की उम्र 10 साल है।

जमशेद आलम अपनी पत्नियों और बेटे के साथ पिछले दो-तीन महीने से यहाँ एक किराए के घर में रहता था। आसपास के लोगों ने बताया कि जमशेद आलम के परिवार को आखिरी बार बुधवार (जून 27, 2019) को देखा था। बृहस्पतिवार सुबह कमरे से जब बदबू आने लगी तो पड़ोसियों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने देखा कि अंदर लाशें पड़ी हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जाँच शुरू कर दी है।

पुलिस ने अनुसार, 42 साल का जमशेद आलम करीब 1 महीने पहले जैतपुर की सौरभ विहार कॉलोनी में एक कमरे में किराए पर रहने आया था। उसके साथ एक ही कमरे में एक 40 साल और 31 साल की, 2 महिलाएँ रहती थीं। एक महिला से 10 साल का बेटा भी था। आज सुबह 11:10 पर पुलिस को जानकारी दी गई कि एक कमरे से बहुत तेज बदबू आ रही है और वहाँ दो लाशें पड़ी हैं।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कमरे का ताला तोड़ा और दोनों महिलाओं की डेड बॉडी रिकवर करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दी। दोनों महिलाओं की कपड़े से गला दबाकर हत्या की गई है, उनके हाथ-पाँव भी बंधे हुए थे। और उनका पति जमशेद आलम अपने 10 साल के बेटे को लेकर फरार है। जमशेद बुधवार दोपहर तक उसी एरिया में देखा गया था। पुलिस को शक है कि पति ने ही वारदात को अंजाम दिया है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जमशेद आलम की तलाश जारी है

पड़ोसियों का कहना है कि वो लोग पड़ोसियों से ज्यादा बात नहीं करते थे, अक्सर कमरे में ही बंद रहते थे। 10 साल का बेटा दोनों महिलाओं को अपने पिता की बीवी बताता था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -