Monday, July 15, 2024
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‘मिट्टी में मिला’ मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों का दो मंजिला मकान, बिन नक्शा पास करवाए मुख्य मार्ग पर बनवाया था

बुलडोजर कार्रवाई मऊ के थाना दक्षिण टोला क्षेत्र के जहांगीराबाद के मुख्य मार्ग के साइड में बने घर पर हुई। नगर मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार ने बताया दोनों बेटों के नाम से दो मंजिला मकान था। इसमें नीचे बेसमेंट भी था। पूरे मकान को बिना नक्शा पास करवाए बनाया गया था।

माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ हो रही कार्रवाई के क्रम में अब उसके दोनों बेटों के घर पर योगी सरकार का बुलडोजर चला है। जानकारी के मुताबिक अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के दो मंजिला मकान को डीएम के आदेश पर मिट्टी में मिला दिया गया। ये मकान बिन नक्शा पास कराए बनवाया गया था। कार्रवाई शाम 4 बजे भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मकान मऊ के थाना दक्षिण टोला क्षेत्र के जहांगीराबाद के मुख्य मार्ग के साइड ही बनाया गया था। बुलडोजर कार्रवाई पर नगर मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार ने बताया दोनों बेटों के नाम से दो मंजिला मकान था। इसमें नीचे बेसमेंट भी था। कथिततौर पर पूरे मकान को बिना नक्शा पास करवाए बनाया गया था।

प्रशासन ने इसे अवैध मानते हुए बुलडोजर से ध्वस्त करवा दिया। कार्रवाई के दौरान वहाँ नगर मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार सिंह, उप-जिलाधिकारी, तहसीलदार, नगरपालिका के अधिकारी और तीन थाने के इंस्पेक्टर मौजूद रहे।

बता दें कि अब्बास अंसारी, मऊ से विधायक है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसे 3 माह की जेल हो रखी है। इस बीच उसकी बीवी निकहत उससे लगातार मिलती थीं। वह चित्रकूट जेल में नियमों को ताक पर रख अपने विधायक पति अब्बास अंसारी से मिलने जाती थीं। जब पुलिस ने उन्हें रिमांड में लेकर पूछताछ की तो उसमें कई खुलासे हुए।

निकहत के खुलासे के आधार पर पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया। फराज, निकहत का सबसे बड़ा सहयोगी था। निकहत को घर दिलवाने से लेकर जेल अधिकारियों से साठ-गाँठ करने में उसकी अहम भूमिका रही है।

वहीं, एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा है कि निकहत अंसारी अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ 18 दिसंबर, 2022 को चित्रकूट आई थी। इसके बाद उसने अब्बास अंसारी से मिलने के लिए कई जगह संपर्क बनाने की कोशिश की। लेकिन, दिसंबर में संपर्क नहीं बन पाए। हालाँकि, जनवरी की शुरुआत में ही उसके जेल अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए।

एसपी वृंदा शुक्ला ने आगे कहा है कि जनवरी माह में जेल अधिकारियों से निकहत के संपर्क इतने अच्छे हो गए थे कि वह अब्बास से मिलने आए दिन जेल पहुँच जाती थी। जनवरी में वह अब्बास से 25 दिन, वहीं फरवरी में 9 दिन मिलने गई थी। 10 फरवरी को गिरफ्तार होने से पहले निकहत जनवरी में 9 दिन तथा फरवरी में महज 1 दिन ही वह अब्बास से मिलने नहीं पहुँची।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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