Tuesday, November 24, 2020
Home देश-समाज टीका लाल टपलू की हत्या और कश्मीरी पंडितों को भगाने के लिए नारा -...

टीका लाल टपलू की हत्या और कश्मीरी पंडितों को भगाने के लिए नारा – ‘जलजला आया है कुफ्र के मैदान में, लो मुजाहिद आ गए मैदान में’

कई मुस्लिम लड़कियों की शादी करवाने वाले टीका लाल टपलू 14 सितंबर को 1989 को सुबह घर से निकल एक रोती बच्ची के पास गए। गोद में उठा कर 5 रुपए देकर चुप कराया। तभी आतंकियों ने उनकी छाती गोलियों से छलनी कर दीं। इस वारदात के साथ ही...

14 सितंबर 1989 यानी आज से ठीक 31 साल पहले कश्मीर में टीका लाल टपलू नामक कश्मीरी पंडित की हत्या को अंजाम दिया गया था। पंडित टीका लाल टपलू कश्मीरी पंडितों के बीच सबसे जाना-माना चेहरा थे। उनकी हत्या के बाद ही कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार का सिलसिला शुरू हुआ था। 

पंडित टपलू को मारने के लिए बड़ी ही बारीकी से आतंकियों ने साजिश रची थी। मगर, फिर भी टपलू को इसका आभास हो चुका था, शायद इसीलिए उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को दिल्ली पहुँचाया और फिर दोबारा 8 सितंबर को कश्मीर लौट आए। उनकी निर्मम हत्या कश्मीरी पंडितों को घाटी से भगाने की दिशा में पहला कदम माना जाता है।

8 सितंबर को दिल्ली से कश्मीर लौटने के बाद उनके घर पर 12 सितंबर को एक हमला हुआ था। यह हमला उन्हें डराने के लिए था। लेकिन कश्मीरी पंडितों का नेतृत्व करने की ठान चुके पंडित टीका लाल इससे घबराए नहीं और चिंक्राल मोहल्ले में स्थित अपने आवास पर टिके रहे। नतीजतन मात्र 2 दिन के अंदर उनकी हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया गया।

14 सितंबर की सुबह पंडित टीका लाल के लिए सामान्य सुबह थी। उन्होंने अपने आवास के बाहर एक बच्ची को रोते हुए देखा,और वह बिन कुछ सोचे-समझे घर से बाहर निकल आए। बच्ची की माँ से उसके रोने की वजह पूछने पर पता चला कि उसके स्कूल में कोई फंक्शन है और उसके पास पैसे नहीं है, इसलिए वह रो रही है।

यह बात सुन कर पंडित टपलू ने उसे गोद में उठाया और पाँच रुपए देकर चुप करा दिया। मगर, तभी सामने से आतंकवादी आ गए और उन्होंने उनकी छाती गोलियों से छलनी कर दीं। इस वारदात के साथ ही कश्मीरी पंडितों को यह अहसास करवा दिया गया था कि वहाँ पर अब निजाम ए मुस्तफा का राज ही चलेगा।

कश्मीरी लेखक राहुल पंडिता के अनुसार, जिस दिन पंडित टीका लाल को मारा गया, उस दिन उनके पिता उन्हें घर ले आए थे और उन्हें दो दिन तक स्कूल जाने नहीं दिया गया था। यानी साफ है कि आतंकी कश्मीरी पंडितों को जो संदेश देना चाहते थे, वो उन तक पहुँच गया था।

लेखक अपने एक लेख में कश्मीरी पंडितों की आपबीती लिखते हुए जिक्र करते हैं कि पंडित टीका लाल की हत्या के मात्र एक महीने बाद यानी 14 अक्टूबर को उनके पिता ने एक कार्यक्रम में शिरकत की थी, जहाँ से लौटने के बाद उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भीड़ नारे लगा रही थी:

यहाँ क्या चलेगा, निजाम ए मुस्तफा
ला शरकिया ला गरबिया, इस्लामिया इस्लामिया;

जलजला आया है कुफ्र के मैदान में 
लो मुजाहिद आ गए हैं मैदान में

मौजूदा जानकारी के अनुसार, पंडित टीका लाल पेशे से वकील थे, लेकिन शुरुआती समय से ही उनका जुड़ाव आरएसएस से था। इसके अलावा घटना के समय वह जम्मू कश्मीर में भाजपा उपाध्यक्ष भी थे। लोग उन्हें लालाजी यानी बड़ा भाई कहकर संबोधित करते थे। अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से वकालत पढ़ने के बावजूद पंडित टपलू ने कभी अपनी पढ़ाई का इस्तेमाल पैसा कमाने के लिए नहीं किया था।

उन्होंने जो भी कमाया, सब विधवा औरतों और उनके बच्चों की पढ़ाई में ही खर्च किया। उन्होंने घाटी में रहते हुए कई मुस्लिम लड़कियों की भी शादी करवाई थी। उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि लोग जात-पात धर्म-मजहब से ऊपर उठ कर उनका सम्मान करते थे।

उनकी यही छवि अलगाववादियों के लिए गले में फँसी हड्डी जैसी थी, जिन्हें अपना अस्तित्व बचाने के लिए कश्मीरी पंडितों को हटाना था। लेकिन पंडित टीका लाल के जीवित रहते उन्हें यह काम असंभव लग रहा था।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, पंडित टीका लाल टपलू की मृत्यु के बाद काशीनाथ पंडिता ने कश्मीर टाइम्स में लेख लिख कर अलगाववादियों से पूछा था कि आखिर वह चाहते क्या हैं। जिसके जवाब में उन्होंने बताया था कि कश्मीरी पंडित भारत का समर्थन देना या तो बंद कर दें और अलगाववादी आंदोलन का साथ दें या कश्मीर छोड़ दें।

बता दें, जिस समय पंडित टीका लाल की हत्या को अंजाम दिया गया, उस दौरान जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट अपनी राजनैतिक पैठ बनाने की कोशिशों में जुटा हुआ था। उनकी अंतिम यात्रा के समय में जब केदार नाथ साहनी और लाल कृष्ण आडवाणी जैसे लोग हजारों कश्मीरी पंडितों के साथ श्रीनगर पहुँचे और घटना के विरोध में कश्मीरी हिंदू संगठनों ने बंद का आयोजन किया तो जेकेएलएफ ने आयोजन पर पत्थरबाजी भी करने की कोशिश की। हालाँकि वह अपने इरादों में सफल नहीं हो पाए। मगर, इन सबसे अलगाववादी इरादों की भनक कश्मीरी पंडितों को जरूर लग गई थी।

आज भाजपा नेता पंडित टीका लाल टपलू को उनके राष्ट्रवादी भावना और अदम्य साहस के लिए याद किया जाता है। कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार की बात जब-जब होती है, उसकी पृष्ठभूमि समझने के लिए पंडित टीका लाल की हत्या सबसे पहली घटना बन कर सामने आती है।

आज 14 सितंबर के मौके पर और उनकी निर्मम हत्या के 31 साल बीत जाने पर, अनुपम खेर लिखते हैं, “आज से 31 साल पहले 59 वर्षीय सोशल वर्कर श्री टीका लाल टपलू जी की आतंकवादियों द्वारा 14 सितंबर को श्रीनगर में हत्या कर दी गई थी। और यहाँ से शुरू हुआ था कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार का एक लंबा सिलसिला। ये घाव भले ही भर गए हो। लेकिन भूले नहीं हैं। और भूलने चाहिए भी नहीं।”

इसी तरह हरीश चंद्र लिखते हैं, “आज से 31 साल पहले 14 सितम्बर को सामाजिक कार्यकर्ता श्री टीका लाल टपलू की इस्लामी आतंकवादियों द्वारा श्रीनगर में हत्या करके कश्मीर को हिन्दूविहीन बनाने का जिहादी षड्यंत्र प्रारम्भ हुआ। कश्मीर के हिन्दुओं पर जिहादियों द्वारा किया गया अत्याचार भारत भूल नहीं सकता।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

408 पन्ने, ₹106 करोड़: कॉन्ग्रेस हेडक्वार्टर में पहुँचाई गई बेहिसाब नकदी, 2016-19 के बीच कैशियर ने रिसीव की

कॉन्ग्रेस मुख्यालय में बेहिसाब नकदी भेजे जाने की आयकर विभाग जाँच कर रहा है। कुछ पैसे आम चुनाव से ठीक पहले भेजे गए थे।

18 लाख उइगर कैद, 613 इमाम गायब; इस्लामिक तरीके से दफनाने भी नहीं दे रहा है चीन

चीन के शिनजियांग प्रांत में सैकड़ों उइगर इमाम को हिरासत में लिया गया है। इससे उइगरों के बीच दहशत का माहौल है।

‘रोशनी’ के नाम पर नाते-रिश्तेदारों के लिए भी हड़पी जमीन, पीडीपी-NC-कॉन्ग्रेस नेताओं के सामने आए नाम

रोशनी एक्ट के नाम पर जम्मू-कश्मीर में जमीन हड़पने वालों के नाम सामने आने लगे हैं। अब तक जिनके नाम सामने आए हैं, उनमें कई पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथी हैं।

क्या है एप्पल का M1 प्रोसेसर, क्यों बदल जाएगा आपका लैपटॉप सदा के लिए पावर और परफॉर्मेंस दोनों में

M1 चिप में 16 बिलियन ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया गया है। एप्पल का कहना है कि उसने पहली बार एक चिप में इतने ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया है।

‘हिन्दुस्तान की शपथ नहीं लूँगा’: बिहार की विधानसभा में पहुँचते ही ओवैसी के MLA दिखाने लगे रंग

जैसे ही सदस्यता की शपथ के लिए AIMIM विधायक का नाम पुकारा गया, उन्होंने शपथ पत्र में लिखा ‘हिन्दुस्तान’ शब्द बोलने से मना कर दिया और...

9 साल में ₹150 करोड़ की कमाई, 13 साल में गूगल में ₹20 करोड़ की जॉब: ‘वुल्फ गुप्ता’ का क्यों हुआ मर्डर?

दिल्ली हाई कोर्ट में 'Wolf Gupta' मामले की सुनवाई हुई है। यह पूरा मामला WhiteHatJr के एक एड के इर्द-गिर्द घूमता है।

प्रचलित ख़बरें

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।

बहन से छेड़खानी करता था ड्राइवर मुश्ताक, भाई गोलू और गुड्डू ने कुल्हाड़ी से काट डाला: खुद को किया पुलिस के हवाले

गोलू और गुड्डू शाम के वक्त मुश्ताक के घर पहुँच गए। दोनों ने मुश्ताक को उसके घर से घसीट कर बाहर निकाला और जम कर पीटा, फिर उन्होंने...

मुस्लिम लड़का-हिन्दू लड़की, मंदिर प्रांगण में कई किसिंग सीन, लव जिहाद को बढ़ावा: Netflix के खिलाफ FIR

इस वेब सीरीज पर मंदिर प्रांगण में अश्लील दृश्य फिल्माने और लव जिहाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है।

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने पहचान उजागर कर खुफिया अधिकारियों का जीवन खतरे में डाला: पूर्व रॉ अधिकारी का दावा

एक कश्मीरी युवा पर रॉ की नजर थी। रॉ के स्टेशन चीफ, डीबी माथुर को साथी अधिकारियों ने इसके बारे में अंसारी को सूचना नहीं देने की सलाह दी। हालाँकि, माथुर ने अंसारी को इसकी जानकारी दे दी। कथित तौर पर अंसारी ने इसकी सूचना ईरान के विदेश विभाग को दी, जिससे एसएवीएके को इसकी भनक लग गई और ​फिर माथुर अगवा हो गए।

‘हिन्दुस्तान की शपथ नहीं लूँगा’: बिहार की विधानसभा में पहुँचते ही ओवैसी के MLA दिखाने लगे रंग

जैसे ही सदस्यता की शपथ के लिए AIMIM विधायक का नाम पुकारा गया, उन्होंने शपथ पत्र में लिखा ‘हिन्दुस्तान’ शब्द बोलने से मना कर दिया और...

17 साल की लड़की को माँ-बेटे ने किया किडनैप, इस्लाम कबूल करा 2 महीने तक 5 लोगों ने बलात्कार किया

पीड़िता ने बताया कि 5 मुस्लिम युवकों ने उसे बंधक बना कर उसके साथ बलात्कार किया। निकाह का फर्ज़ी इस्लामी प्रमाण पत्र और...
- विज्ञापन -

तमिलनाडु: हिंदू महासभा नेता की घर के बाहर निर्मम हत्या, सुरक्षा देने की माँग पुलिस ने ठुकरा दी थी

तमिलनाडु हिंदू महासभा के राज्य सचिव नागराज की होसुर के आनंद नगर में उनके आवास के पास हत्या कर दी गई।

408 पन्ने, ₹106 करोड़: कॉन्ग्रेस हेडक्वार्टर में पहुँचाई गई बेहिसाब नकदी, 2016-19 के बीच कैशियर ने रिसीव की

कॉन्ग्रेस मुख्यालय में बेहिसाब नकदी भेजे जाने की आयकर विभाग जाँच कर रहा है। कुछ पैसे आम चुनाव से ठीक पहले भेजे गए थे।

18 लाख उइगर कैद, 613 इमाम गायब; इस्लामिक तरीके से दफनाने भी नहीं दे रहा है चीन

चीन के शिनजियांग प्रांत में सैकड़ों उइगर इमाम को हिरासत में लिया गया है। इससे उइगरों के बीच दहशत का माहौल है।

‘रोशनी’ के नाम पर नाते-रिश्तेदारों के लिए भी हड़पी जमीन, पीडीपी-NC-कॉन्ग्रेस नेताओं के सामने आए नाम

रोशनी एक्ट के नाम पर जम्मू-कश्मीर में जमीन हड़पने वालों के नाम सामने आने लगे हैं। अब तक जिनके नाम सामने आए हैं, उनमें कई पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथी हैं।

132 आरोपों की चार्जशीट के जवाब में TRS ने कहा- BJP सरकार पर दायर होनी चाहिए 132 करोड़ चार्जशीट

TRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने कहा है कि BJP सरकार पर 132 करोड़ चार्जशीट दायर होनी चाहिए। बीजेपी के 132 आरोपों के जवाब में उन्होंने यह बात कही है।

मंदिर में किसिंग सीन: Netflix के 2 अधिकारियों पर MP में FIR, गृह मंत्री ने दिए थे जाँच के आदेश

नेटफ्लिक्स के दो अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एक वीडियो के जरिए इसकी जानकारी दी।

बंगाल की खाड़ी में Nivar चक्रवा: तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जानिए क्या हो सकता है असर

दक्षिण-पश्चिम तटों और बंगाल की दक्षिणी खाड़ी में हवा का दबाव बढ़ने की वजह से तमिलनाडु और पुडुचेरी में चक्रवात ‘निवार’ का खतरा मंडरा रहा है।

बंगाल में ‘बिहार मॉडल’ लागू किया तो खून-खराबा होगा: ओवैसी को झटका दे ममता से मिल गए अनवर पाशा

AIMIM को बंगाल में बड़ा झटका लगा है। अनवर पाशा तृणमूल कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने ओवैसी को चेताते हुए ममता बनर्जी को सबसे बड़ा सेकुलर बताया है।

क्या है एप्पल का M1 प्रोसेसर, क्यों बदल जाएगा आपका लैपटॉप सदा के लिए पावर और परफॉर्मेंस दोनों में

M1 चिप में 16 बिलियन ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया गया है। एप्पल का कहना है कि उसने पहली बार एक चिप में इतने ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया है।

‘गुलाम नबी आजाद ने हरियाणा में कॉन्ग्रेस का बेड़ा गर्क कर दिया’: वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता ने बताया गाँधी परिवार का गद्दार

पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई ने आरोप लगाया कि हरियाणा में बतौर कॉन्ग्रेस प्रभारी काम करते हुए गुलाम नबी आजाद ने राज्य में पार्टी का बेड़ा गर्क कर दिया।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,315FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe