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राजस्थान में पहले से तय था जुलूस का रूट, फिर भी अलग मुड़ गई इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़; पुलिस के रोकने पर नोकझोंक-नारेबाजी, लेकिन नहीं चल पाई मनमानी

काफी देर की आपाधापी के बाद ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस उसी राह से आगे बढ़ा, जो पहले से ही तय था। पुलिस के मुताबिक बल प्रयोग की जरूरत नहीं पड़ी।

राजस्थान के बाराँ जिले में बारावफात के मौके पर इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने बवाल किया है। यहाँ तय रुट से अलग जाने की जिद पर आमादा भीड़ पुलिस से ही भिड़ गई। मुस्लिम भीड़ अचानक ही तय रुट से अलग जाने लगी जिसका पुलिस ने विरोध किया। पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की की गई। भीड़ में कुछ लोगों ने नारेबाजी की। फ़िलहाल पुलिस ने काफी मशक्क्त कर हंगामे को शाँत किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला बाराँ जिले के प्रताप चौक का है। यहाँ सोमवार (16 सितंबर 2024) को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस निकाला था। जुलूस में इस्लामी झंडों के साथ सैकड़ों की तादाद में लोग शामिल थे। पुलिस और प्रशासन ने पिछले लम्बे समय से इन जुलूस की तैयारियाँ मुकम्मल की थीं। सभी वर्गों से बात कर के एक रुट तय किया गया था। साथ ही एक नियमावली भी बनाई गई थी, जिसका पालन सबके लिए अनिवार्य किया गया था।

बताया जा रहा है कि दोपहर में यह जुलूस तय रुट से होता हुआ प्रताप चौक पर पहुँचा। तभी इसमें मौजूद कुछ लोगों ने अपना रास्ता बदल कर तय मार्ग से अलग चलना शुरू कर दिया। रुट में बदलाव की कोशिश होती देख कर पुलिस ने उन लोगों को आगे जाने से रोक दिया। इस बात पर रास्ता बदलने पर आमादा लोग भड़क गए। उन्होंने बीच सड़क पर ही हंगामा करना शुरू कर दिया। नारेबाजी के साथ आसपास मौजूद बाकी लोगों को भी भड़काने की कोशिश की गई।

हालाँकि इस हंगामे के बावजूद पुलिस ने तय रुट में किसी भी प्रकार से बदलाव से साफ़ इंकार कर दिया। आखिरकार मौके पर पुलिस के सीनियर अधिकारी पहुँचे। उन्होंने लोगों को नियमों का हवाला देते हुए समझाया। काफी देर की आपाधापी के बाद ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस उसी राह से आगे बढ़ा, जो पहले से ही तय था। पुलिस के मुताबिक बल प्रयोग की जरूरत नहीं पड़ी। जिले के पुलिस अधीक्षक ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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