Tuesday, October 19, 2021
Homeदेश-समाजSC ने NEET और JEE की प्रवेश परीक्षा टालने से किया मना: याचिका खारिज,...

SC ने NEET और JEE की प्रवेश परीक्षा टालने से किया मना: याचिका खारिज, कहा- अब और देरी छात्रों के समय की बर्बादी होगी

“क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? (बच्चों का) एक कीमती साल को यूँ ही बर्बाद हो जाने दिया जाए?” पीठ ने अदालत की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि इस महामारी में कोर्ट लगातार चल रहा है। ऐसे में उचित सुरक्षा उपकरणों के साथ परीक्षा भी हो सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (अगस्त 17, 2020) को IIT-JEE और NEET की परीक्षा को टालने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अब और देरी छात्रों के कीमती समय की बर्बादी होगी। इस फैसले के बाद सितंबर में परीक्षाओं का होना भी लगभग तय हो गया।

याचिका खारिज करते हुए जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा, जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने कहा कि कोरोना के कारण देश में सब कुछ रोका नहीं जा सकता।

जस्टिस मिश्रा ने कहा, “क्या देश में सब कुछ रोक दिया जाए? (बच्चों का) एक कीमती साल को यूँ ही बर्बाद हो जाने दिया जाए?” पीठ ने अदालत की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि इस महामारी में कोर्ट लगातार चल रहा है। ऐसे में उचित सुरक्षा उपकरणों के साथ परीक्षा भी हो सकती हैं।

पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को रिकॉर्ड में लिया है जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि एग्जाम के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा हर सावधानी बरती जाएगी।

बता दें अब जेईई परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, वहीं नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित की जाएगी। ये भी कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद आज या एक दो दिन में कभी भी जेईई मेन के एडमिट कार्ड जारी हो सकते हैं।

गौरतलब है कि 11 राज्यों के 11 छात्रों ने देश में तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 महामारी के मामलों की संख्या के मद्देनजर जेईई मेन और नीट यूजी परीक्षाएँ स्थगित करने के अनुरोध के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में कोरोना वायरस महामारी का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए) की 3 जुलाई की नोटिस रद्द करने का अनुरोध किया गया था। साथ ही प्रशासन से परीक्षा केंद्र की संख्या बढ़ाने की भी माँग थी।

याचिकाकर्ता ने कहा था कि प्रशासन बिहार, असम, नॉर्थ ईस्ट राज्यों के तमाम छात्रों को नहीं नकार सकते जो बाढ़ से प्रभावित हैं और जिनके लिए ऐसी स्थिति में ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी भी रूप में परीक्षा देना आसान नहीं है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इधर आतंकी गोली मार रहे, उधर कश्मीरी ईंट-भट्टा मालिक मजदूरों के पैसे खा रहे: टारगेट किलिंग के बाद गैर-मुस्लिम बेबस

कश्मीर घाटी में गैर-कश्मीरियों को टारगेट कर हत्या करने के बाद दूसरे प्रदेशों से आए श्रमिक अब वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

कश्मीर को बना दिया विवादित क्षेत्र, सुपरमैन और वंडर वुमेन ने सैन्य शस्त्र तोड़े: एनिमेटेड मूवी ‘इनजस्टिस’ में भारत विरोधी प्रोपेगेंडा

सोशल मीडिया यूजर्स इस क्लिप को शेयर कर रहे हैं और बता रहे हैं कि कैसे कश्मीर का चित्रण डीसी की इस एनिमेटिड मूवी में हुआ है और कैसे उन्होंने भारत को बुरा दिखाया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,884FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe