Homeदेश-समाजविदेश से लौटे एयर इंडिया के कर्मचारियों को परेशान कर रहे पड़ोसी, बुला रहे...

विदेश से लौटे एयर इंडिया के कर्मचारियों को परेशान कर रहे पड़ोसी, बुला रहे पुलिस

एयर इंडिया के लोगों को देखते ही पड़ोसी RWA और पुलिस बुला रहे। कई सोसायटी, RWA और पड़ोसियों ने चालक दल के सदस्यों को परेशान करना शुरू किया। उन्हें ड्यूटी करने से रोका जा रहा है और पुलिस तक बुलाई जा रही। ऐसा इसलिए क्योंकि वे हाल ही में विदेश से लौटे हैं।

कोरोना वायरस के दहशत की वजह से जहाँ लोग अपनों से मिलने से भी परहेज कर रहे हैं, वहीं एयर इंडिया के कर्मचारी विदेशों में फँसे लोगों को अपनी जान पर खेलकर देश वापस ला रहे हैं। विदेशों में फँसे भारतीयों को वापस लाने के लेकर एयर इंडिया के प्रयासों को लेकर पीएम मोदी व अन्य मंत्रियों ने सराहना की।

लेकिन इन जाबाँजों को अपने ही पड़ोसियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। स्थिति यह है कि पड़ोसी उन्हें देखते ही आरडब्ल्ययूए और पुलिस बुला रहे हैं। कंपनी ने रविवार (मार्च 22, 2020) को बताया कि कई सोसायटी, आरडब्ल्यूए और पड़ोसियों ने उनके चालक दल के सदस्यों को परेशान करना शुरू कर दिया है। उन्हें ड्यूटी करने से रोका जा रहा है और पुलिस तक बुलाई जा रही। ऐसा इसलिए क्योंकि वे हाल ही में विदेश से लौटे हैं। 

क्रू मेंबर्स की इन परेशानियों को लेकर एअर इंडिया ने प्रशासन और आम लोगों से एक अपील की है। एयर इंडिया ने रविवार को बताया कि एयरलाइन्स की टीम ने विदेशों में कोराना वायरस से प्रभावित इलाकों से भारतीय नागरिकों को निकालने का सराहनीय काम किया है। एअर इंडिया ने लिखा कि लोग ये तक भूल जाते हैं कि एयर इंडिया के इन नायकों के कारण ही कईयों के साथी, माँ-बाप, भाई-बहन या बच्चे कोरोना प्रभावित इलाकों से लौट कर वापस आ सके हैं। एअर इंडिया ने पुलिस वगैरह जैसी संस्थाओं से मदद माँगी। एयरलाइन कंपनी ने कहा कि संस्थाएँ ये तय करें कि एयर इंडिया के कर्मचारियों से लोग सलीके से पेश आएँ, उन्हें सम्मान और आजादी मिले।

एयर इंडिया ने बताया कि विदेश की उड़ानों में जाने वाले चालक दल के सदस्य बचाव के सभी प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। साथ ही विदेश से आने के बाद उनकी डॉक्टरी जाँच की जाती है और वे 14 दिन सबसे अलग भी रहते हैं।

कंपनी ने कहा कि कुछ लोग यह भूल जा रहे हैं कि विदेशो में फँसे उनके करीबियों को वापस बुलाने के लिए ये क्रू मेंबर्स लगातार मेहनत कर रहे हैं। लेकिन सोसाइटी के लोग इसकी तारीफ करने की बजाय उन्हें परेशान कर रहे हैं। वे उन्हें घर से निकलने से रोक रहे हैं और कई बार उन्होंने पुलिस को बुला लिया है। एयरलाइन ने कहा कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और आम लोगों से अपील की है कि वो क्रू मेंबर्स के सही बर्ताव करें। उनकी ​इज्जत करें और आम नागरिक की तरह ही पेश आएँ। चालक दल के सदस्य ही कोरोना प्रभावित कई देशों में फँसे लोगों को सुरक्षित उनके घर पहुँचाया है।

बता दें कि सिर्फ एयर इंडिया के क्रू मेंबर्स के साथ ही नहीं, बल्कि उन डॉक्टरों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार हो रहा है, जो दिन रात एक करके मरीजों को ठीक करने का प्रयास करते हैं। इस विषम परिस्थिति में भी अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएँ सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इस बारे में सूरत के बीजेपी विधायक हर्ष सिंघवी से बात की। जिसके बाद सिंघवी ने स्थानीय प्रशासन से बात करके उन्हें मामले पर संज्ञान लेने के लिए कहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -