Homeदेश-समाजझारखंड में बजरंगबली के मंदिर में फेंका गया माँस, मजीद मियाँ के घर वालों...

झारखंड में बजरंगबली के मंदिर में फेंका गया माँस, मजीद मियाँ के घर वालों पर आरोप: हिन्दू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस बल पहुँच गया। प्रशासन ने नाराज लोगों को समझा-बुझा कर शांत करवाया। मंदिर परिसर को साफ करवाया गया।

झारखंड के धनबाद में साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ बजरंग बली के मंदिर में मांस का टुकड़ा देख कर हिन्दू समाज के लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात सँभाला। स्थानीय लोगों ने इस हरकत का आरोप मजीद मियाँ, मोइन मियाँ, रेहान मियाँ, गुलशन खातून और फैज मियाँ समेत 15-20 अन्य अज्ञात लोगों पर लगाया है। पुलिस ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर के पूछताछ शुरू कर दी है। घटना सोमवार (9 सितंबर, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला धनबाद के थाना क्षेत्र चिरकुंडा का है। यहाँ के बाबूडंगाल सीएमडब्ल्यूओ कॉलोनी में बजरंगबली का मंदिर है। यह मंदिर आसपास के लोगों की आस्था का केंद्र है। मंगलवार को यहाँ सामान्य दिनों से अधिक भीड़ होती है। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात इस मंदिर में कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल खराब करने के लिए माँस का टुकड़ा फेंक दिया। अगले दिन मंगलवार (10 सितंबर 2024) की सुबह जब मंदिर में श्रद्धालु पहुँचे तो वो आक्रोशित हो गए।

थोड़े ही समय में आसपास यह खबर फैल गई तो लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। मामले की जानकारी होते ही हिन्दू संगठन से जुड़े लोग भी वहाँ पहुँच गए। इन सभी का आरोप था कि सोमवार को मंदिर के ही पास रहने वाले मजीद मियाँ के घर में शादी थी। इसी शादी में बने नॉनवेज का टुकड़ा किसी ने फेंक कर माहौल खराब करने की कोशिश की। आरोपितों के तौर पर मजीद मियां, मोइन मियां, रेहान मियां, गुलशन खातून, फैज मियां समेत 15-20 अज्ञात लड़कों के नाम लिए गए।

मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस बल पहुँच गया। प्रशासन ने नाराज लोगों को समझा-बुझा कर शांत करवाया। मंदिर परिसर को साफ करवाया गया। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अब तक 4 संदिग्ध आरोपितों को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है। लोगों का कहना है कि आरोपितों की तरफ से ऐसी हरकतें पहले भी की जा चुकी हैं। हालाँकि मजीद मियाँ का परिवार इस घटना में अपनी संलिप्तता होने से इंकार कर रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -