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जानवरों की चर्बी-मांस से ‘घी’ बनाने वाला अनवर कुरैशी गिरफ्तार, MP के ढाबों-होटलों में करता था सप्लाई: भारी मात्रा में माल जब्त, पढ़ें- FIR में क्या लिखा है

अधिकारियों ने अनवर शेख बिस्मिल्लाह कुरैशी के परिसर से जानवरों की खाल, हड्डियाँ, वसा आधारित सामग्री, वसा के 69 डिब्बे, नौ ड्रम, चमड़े के टुकड़े, सींग और जानवरों के नलीदार अंग बरामद किए हैं।

मध्य प्रदेश के खंडवा में शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को पुलिस ने अनवर कुरैशी नाम के एक व्यक्ति को नकली घी बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि कुरैशी जानवरों की चर्बी, हड्डियों और खाल का इस्तेमाल कर घी जैसी चीज तैयार करता था। यह अवैध यूनिट इमलीपुरा इलाके में बेगम पार्क के पास एक संकरी गली में चल रही थी।

कुरैशी के घर पर अधिकारी (फोटो साभार: दैनिक जागरण)

अधिकारियों को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि वहाँ जानवरों को काटा जा रहा है और उनकी चर्बी, हड्डियों और खाल को प्रोसेस कर खाने-पीने की चीजों में इस्तेमाल किया जा रहा है। जिला प्रशासन, नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई और मौके पर छापा मारा गया।

अधिकारियों को शक है कि कुरैशी यह नकली घी स्थानीय बाजार में खासकर ढाबों और रेस्टोरेंट्स में सप्लाई कर रहा था। छापे के दौरान टीम को जानवरों की खाल और हड्डियों से भरे बोरे मिले। इसके अलावा चर्बी जैसे पदार्थ से भरे ड्रम और कंटेनर भी बरामद किए गए। मौके से बड़ी मात्रा में कच्चा माल, तैयार तरल पदार्थ और घी जैसी सामग्री मिली।

9 ड्रम और 79 कंटेनर जब्त

सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने मीडिया को बताया कि मौके से 79 कंटेनर बरामद किए गए, जिनमें से हर एक में करीब 30 किलो संदिग्ध पदार्थ भरा हुआ था। इसके अलावा 200 किलो क्षमता वाले 9 बड़े ड्रम भी मिले, जो जानवरों की चर्बी से भरे थे। पशु चिकित्सा विभाग ने सैंपल लेकर जाँच के लिए लैब भेज दिए हैं।

कुरैशी के घर पर अधिकारी (फोटो साभार: दैनिक जागरण)

अधिकारियों का कहना है कि पहली नजर में यह सामग्री जानवरों की चर्बी लग रही है, लेकिन इसकी असली प्रकृति और इस्तेमाल की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

FIR में क्या कहा गया है?

मामले की FIR कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। FIR के अनुसार, नगर निगम खंडवा के जोन प्रभारी की शिकायत पर मोगट रोड थाने में मामला दर्ज किया गया है। यह केस मध्य प्रदेश कृषि गोवंश संरक्षण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 292 के तहत अनवर शेख बिस्मिल्लाह कुरैशी के खिलाफ दर्ज हुआ है।

साभार: खंडवा पुलिस, मध्य प्रदेश

SHO धरवाल ने बताया कि उन्हें नगर निगम की ओर से एक पत्र मिला था, जिस पर जोन प्रभारी जाकिर अहमद और भुवन श्रीमाली के हस्ताक्षर थे, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई।

शिकायत के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट, सिटी सीएसपी, तहसीलदार, नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर, मोगट रोड थाने के SHO और अन्य अधिकारियों की टीम ने बेगम पार्क के सामने, परदेशीपुरा इलाके में संयुक्त निरीक्षण किया।

साभार: खंडवा पुलिस, मध्य प्रदेश

यह जगह अनवर कुरैशी की बताई गई, जहाँ वह अपने घर के अंदर जानवरों की चर्बी पिघला रहा था। मौके पर उसने नगर निगम का जो लाइसेंस दिखाया, वह किसी और के नाम पर था और उसकी वैधता 2023 में ही खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद वह चर्बी, खाल, सींग और अन्य जानवरों के अवशेषों का अवैध रूप से भंडारण और व्यापार कर रहा था।

छापे के दौरान अधिकारियों ने 15 किलो क्षमता के 69 टिन चर्बी, 200 लीटर क्षमता वाले 9 ड्रम जिनमें अज्ञात केमिकल था, 600 चमड़े के टुकड़े, भैंस या इसी तरह के जानवरों के 35 बोरे सींग और 6 बोरे पाइप जैसे हिस्से बरामद किए।

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, विधायक कंचन तंवे की प्रतिक्रिया

खंडवा CSP अभिराम वरांगे ने बताया कि आरोपित कुरैशी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कारोबार कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कई बार इस जगह को लेकर शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

लोगों का कहना है कि यहाँ जानवर लाए जाते थे, उन्हें काटा जाता था और उनकी चर्बी, हड्डियों और खाल को पकाकर प्रोसेस किया जाता था। छापे के बाद स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाया कि इतनी लंबे समय तक यह काम बिना किसी रोक-टोक के कैसे चलता रहा।

घटना के बाद खंडवा की विधायक कंचन तंवे मौके पर पहुँचीं और इस मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग की और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात कही।

(यह रिपोर्ट मूल रुप से अंग्रेजी में प्रकाशित है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।)

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Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over 22 years of professional experience, including more than six years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

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