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स्कूल के नाम में ‘महेश’, बच्चों को घुमाया चर्च, करवाया प्रेयर: अभिभावकों के विरोध के बाद माँगी माफ़ी, VHP ने कहा – 700 छात्र-छात्राओं को ले गए थे

बताया जा रहा है कि स्कूल मैनेजमेंट बच्चों के अभिभावकों को शांत करवा ही रहा था कि किसी ने पूरे मामले की सूचना 'विश्व हिन्दू परिषद' के कार्यकर्ताओं को दे दी।

राजस्थान के जोधपुर में एक स्कूल के छात्रों को टूर के तौर पर चर्च ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस दौरान बच्चों से ईसाई प्रेयर भी करवाया गया। खबर फैलते ही बच्चों के माता-पिता और ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ ने घटना पर नाराजगी जताई है। हालात तनावपूर्ण होने की सूचना पर पुलिस भी पहुँच गई। लोगों के विरोध को देखते हुए शुक्रवार (16 दिसंबर, 2022) को स्कूल के मैनेजमेंट ने माफ़ी माँगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवादों में घिरे शिक्षण संस्थान का नाम ‘महेश पब्लिक स्कूल’ है। यह जोधपुर के पहला पुलिया नाम की जगह पर स्थित है। इस स्कूल का प्रबंधन बच्चों को जोधपुर के ही सरदारपुरा इलाके में पड़ने वाले चर्च में ले गया था। आरोप है कि इस जगह पर बच्चों से चर्च में होने वाली प्रार्थना भी सामूहिक तौर पर करवाई गई थी। जब इसकी जानकारी कुछ बच्चों के माता-पिता को हुई तब वो स्कूल पहुँच कर विरोध दर्ज करवाने लगे।

बताया जा रहा है कि स्कूल मैनेजमेंट बच्चों के अभिभावकों को शांत करवा ही रहा था कि किसी ने पूरे मामले की सूचना ‘विश्व हिन्दू परिषद’ के कार्यकर्ताओं को दे दी। हिन्दू संगठन के लोग भी विरोध में शामिल हो गए। विरोध करने वालों का कहना था कि बच्चों के अभिभावकों को बिना बताए ऐसा करना उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान है। विरोध में शामिल सभी लोग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे थे। घटना की सूचना पर पहुँची पुलिस भी नाराज लोगों को समझाने का प्रयास करने लगी।

जिन बच्चों को चर्च ले जाया गया वो क्लास 1 से क्लास 5 के बीच के छात्र हैं। वायरल वीडियो में बच्चों के अभिभावको को कहते सुना गया, “आज ही एक्जाम शुरू हुआ और आज ही चर्च घुमाया जा रहा है। क्या सिर्फ चर्च ही था ले जाने के लिए, मंदिर नहीं?”

VHP नेता महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि जिन बच्चो को चर्च में घुमा फिर कर प्रार्थना करवाई गई थी, उनकी संख्या 600 से 700 के आस-पास थी। इस बीच हालात अपने खिलाफ देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने अपनी तरफ से बिना शर्त माफ़ी माँग ली। महेश पब्लिक स्कूल ने अपने प्रार्थना पत्र में भविष्य में बिना गार्जियन की अनुमति के बिना ऐसा कभी न करने का संकल्प लिया है। माफ़ी पात्र स्कूल के प्रिंसिपल की तरफ से लिखा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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