Monday, July 22, 2024
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राजस्थान की BJP सरकार ने 200 पुलिसकर्मियों को पीछे लगाया, तब पकड़े गए अलवर बीफ मंडी के सभी 22 ‘किरदार’: खुले में गाय काटकर करते थे होम डिलिवरी

राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने सघन अभियान चलाकर गोमांस की मंडी चलाने वाले सभी 22 नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 9 आरोपित सोमवार (26 फरवरी) को गिरफ्तार किए गए। इनके नाम साहुन, हारुन, इब्राहिम, सलीम खान, मनान, खालिद खाँ, हब्बी, सलीम और कयूम हैं। इनमें से कयूम पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले भी कई केस दर्ज हैं।

राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस ने सघन अभियान चलाकर गोमांस की मंडी चलाने वाले सभी 22 नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें 9 आरोपित सोमवार (26 फरवरी) को गिरफ्तार किए गए। इनके नाम साहुन, हारुन, इब्राहिम, सलीम खान, मनान, खालिद खाँ, हब्बी, सलीम और कयूम हैं। इनमें से कयूम पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर पहले भी कई केस दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपितों का रिमांड लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। 8 दिनों तक चले इस अभियान में लगभग 200 पुलिसकर्मी शामिल थे और उन्होंने दिन-रात दबिश देकर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें से गिरफ्तार एक आरोपित कयूम 2 वर्षों से फरार चल रहा था। उस पर प्रशासन की तरफ से 2000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कयूम पर अलग-अलग थानों में पहले से ही 5 मुकदमे दर्ज हैं। किशनगढ़बास और कोटपूतली थाने में दर्ज में इन FIR में गोकशी, आबकारी एक्ट और हत्या जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उस पर पहला मुकदमा 11 साल पहले 2013 में दर्ज हुआ था। पकड़ा गया एक अन्य आरोपित मनान भी पुराना हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उस पर ततारपुर में FIR दर्ज है।

इसके अलावा, इब्राहिम पर अलवर सदर थाने में मामला दर्ज है, जबकि साहून और खालिद पर किशनगढ़बास थाने में पहले से ही केस दर्ज हैं। बाकी आरोपितों के भी आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल करवाई जा रही है। ये सभी आरोपित इस इलाके में कई सालों से गोमांस की मंडी चला रहे थे।

बता दें कि सोमवार से पहले 13 आरोपित पकड़े गए थे। पुलिस उन सभी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। अब सोमवार को पकड़े गए इन आरोपितों की रिमांड भी अदालत से माँग सकती है। इनसे पूछताछ में गोमांस की मंडी वाले रैकेट से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

गोमांस मंडी के खुलासे के बाद किसनगढ़बास के एक थाने के 38 पुलिसकर्मियों के हटा दिया गया था। इसके अलावा सरकारी जमीन पर बिजली का कनेक्शन देने वाले AEN, गो-तस्करों द्वारा कब्जाई गई जमीन की रिपोर्ट नहीं देने वाले पटवारी और नायब तहसीलदार को हटाया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्री के अनुसार अब गोकशी की सूचना देने की जिम्मेदारी गाँवों के सरपंचों को दी गई है।

इस संबंध में सरपंचों से लिखित अंडरटेकिंग भी ली जा रही है। बता दें कि दैनिक भास्कर ने रविवार (18 फरवरी 2024) को अलवर के बास थाना क्षेत्र में चल रही इस बीफ मंडी का खुलासा किया था। खुलासे में ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिसमें बिरसंगपुर के पास रुंध गिदवडा के बीहड़ों में गायों को बेरहमी से मार कर उनकी खाल उतारी जा रही थी।

गायों की हत्या के बाद यहाँ से व्हाट्सएप के जरिए मांस के ऑर्डर लेकर घरों तक सप्लाई की जाती थी। इस मंडी में सैकड़ों की तादाद में खरीदार भी आते थे। गोकशी की यह मंडी करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई बताई गई थी। इस खबर का भाजपा सरकार ने संज्ञान लिया और तब से गोकशी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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