Wednesday, July 28, 2021
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राजपथ पर भी राम मंदिर: 26 जनवरी की परेड में दुनिया देखेगी अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत

गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार अयोध्या की झाँकी विशेष तौर पर तैयार की जा रही है। ऐसा पहली बार होगा जब यूपी की झाँकी में श्रीराम मंदिर का मॉडल प्रदर्शित किया जाएगा। इस बार उत्तर प्रदेश की झाँकी का थीम होगा 'अयोध्या: सांस्कृतिक विरासत उत्तर प्रदेश'

दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में बन रहे भव्य और दिव्य मंदिर के वैभव की झाँकी भी दिखाई जाएगी। यह प्रस्ताव यूपी की योगी सरकार ने केन्द्र सरकार को बीते दिनों भेजा था। जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। परेड के दौरान भगवान राम से जुड़ी कई कथाएँ भी दुनियाभर के सामने दिखाई जाएगी।

दिल्ली में 26 जनवरी, 2021 को होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार अयोध्या की झाँकी विशेष तौर पर तैयार की जा रही है। ऐसा पहली बार होगा जब यूपी की झाँकी में श्रीराम मंदिर का मॉडल प्रदर्शित किया जाएगा। इस बार उत्तर प्रदेश की झाँकी का थीम होगा ‘अयोध्या: सांस्कृतिक विरासत उत्तर प्रदेश’

रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अगले महीने 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड की झाँकियों को लेकर दिल्ली में एक बैठक हुई थी। इस बैठक में यूपी की तरफ़ से राम मंदिर का प्रस्ताव दिया गया था। जिसकी अनुमति केंद्र द्वारा दे दी गई। राज्य के सूचना निदेशक शिशिर ने इस फ़ैसले की जानकारी दी है।

इतना ही नहीं योगी सरकार ने गणतंत्र दिवस की झाँकी में अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की झलक दिखाने का भी फैसला किया है। प्रदर्शित की जाने वाली कथाओं में उन प्रसंगों का चयन किया गया है, जिनसे समाजिक सद्भाव का संदेश लोगों तक पहुँचाया जा सके। जैसे राम केवट संवाद। जब भगवान वनवास के लिए निकले थे तब प्रयागराज के पास मल्लाह ने उन्हें गंगा पार कराया था। लेकिन नाव में बैठाने से पहले निषादराज ने राम के पाँव पखारे थे।

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय ख्याति के मृदंगाचार्य रामशंकरदास की मूर्ति को भी योगी सरकार ने झाँकी में शामिल करने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राम मंदिर आंदोलन के नेताओं और संतों के बीच राम मंदिर भूमि पूजन हुआ था। नवंबर 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में विवादित भूमि पर दशकों से चली आ रही लड़ाई को समाप्त करते हुए राम मंदिर निर्माण की अनुमति दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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