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रथ यात्रा में भगदड़ मची तो बना दिया ‘इमरजेंसी कॉरिडोर’, अस्पताल में ‘सेवा’ से लेकर साफ-सफाई तक का उठाया दायित्व: जानिए कैसे पुरी में भगवान जगन्नाथ के ‘सेवक’ बने 1500 स्वयंसेवक

रथयात्रा मेले की व्यवस्था सुचारु ढंग से चलाने और संभालने के लिए RSS ने निर्धारित जगह पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी के हिसाब से नियुक्त किया था। उदाहरण के लिए लगभग 200 स्वयंसेवक दो चिकित्सा केंद्रों पर तैनात थे, अन्य 200 बड़ा डंडा साफ करने में लगे हुए थे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ओडिशा के पुरी में आयोजित रथयात्रा में भी अपनी सेवाएँ दी हैं। RSS ने इस कार्यक्रम में 1500 स्वयंसेवक लगाए हैं। इन कार्यकर्ताओं ने यात्रा प्रबंधित करने से लेकर भगदड़ के दौरान सहायता पहुँचाने का काम किया। भगदड़ के दौरान उनकी सहायता से बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी।

रथयात्रा मेले की व्यवस्था सुचारु ढंग से चलाने और संभालने के लिए RSS ने निर्धारित जगह पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी के हिसाब से नियुक्त किया था। उदाहरण के लिए लगभग 200 स्वयंसेवक दो चिकित्सा केंद्रों पर तैनात थे, अन्य 200 बड़ा डंडा साफ करने में लगे हुए थे।

वहीं प्राथमिक चिकित्सा सेवा पाँच डॉक्टरों, दो फार्मासिस्टों और चार सहायकों वाली एक टीम द्वारा प्रदान की गई थीं। इसके अतिरिक्त, 100 स्वयंसेवकों को यातायात प्रबंधन के लिए तैनात किया गया था और 884 स्वयंसेवकों ने रथ स्थल से मेडिकल चौक तक फैले एम्बुलेंस कॉरिडोर का निर्माण और रखरखाव किया।

जहाँ एक तरफ ABVP की चिकित्सा शाखा  ‘मेडीविजन’ ने एम्बुलेंस सेवाएँ और अस्थायी स्वास्थ्य शिविर संचालित कर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार प्रदान किया और श्रद्वालुओं को आवश्यक दवाएँ वितरित कीं। वहीं विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच जैसे संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाकर पुण्य अर्जित किया।

समिति के रथ यात्रा सेवा संयोजक रुद्रनारायण महापात्रा ने सेवा योजना का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि कहा कि ऐसे शुभ अवसरों पर अक्सर भारी भीड़ और गर्मी के कारण श्रद्वालुओं के बेहोश होने या घायल होने की घटनाएँ होती हैं, जिसके कारण इस तरह की व्यापक आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू करने की आवश्यकता महसूस हुई।

RSS और उत्कल बिपन्न सहायता समिति के अलावा संघ से जुड़े कई अन्य संगठनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), विश्व हिंदू परिषद (VHP), हिंदू जागरण मंच और भारतीय मजदूर संघ भी रथयात्रा के अवसर पर सक्रिय रूप से सेवा में लगे हुए हैं। RSS के स्वयंसेवकों ने 29 जून, 2025 को सुबह हुई भगदड़ में काफी सहायता पहुँचाई।

RSS के स्वयंसेवकों कार्यकर्ताओं ने स्ट्रेचर और एंबुलेंस का उपयोग करके मेले में घायल और बेहोश भक्तों को अस्पताल पहुँचाया। जिस समय श्रद्धालु भीड़ और गर्मी से बेहोश हो रहे थे उस समय भी संघ ने बेहतरीन कदम उठाते हुए आपातकालीन गलियारे बनाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जिससे एंबुलेंस को बड़ा डंडा (ग्रैंड रोड) के किनारे भीड़ से मरीजों को निकालने और अस्पतालों में पहुँचाने मे बड़ी सहायता मिली।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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