सबरीमाला मंदिर में घुस रही थीं 50 से कम उम्र की 10 महिलाएँ: केरल पुलिस ने भगाया

शनिवार को वार्षिक मंडल पूजा पर्व के लिए सबरीमाला मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से 10 ऐसी महिलाएँ भी पहुँची थीं, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम थी। पुलिस ने उन महिलाओं को सबरीमाला मंदिर की....

सबरीमाला मंदिर में 50 से कम उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर राजनीति जारी है। केरल के भाजपा व कॉन्ग्रेस यूनिट ने वामपंथी राज्य सरकार को चेताया है कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का ख्याल रखा जाए। वहीं वामपंथी सरकार ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा और उसे लागू किया जाएगा। बाद में उसी केरल सरकार ने हाथ खड़े कर दिए। केरल की सरकार ने कहा कि वो सबरीमाला मंदिर का दर्शन करने आने वाले 50 से कम उम्र की महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थ है। इसके बाद कथित महिला एक्टिविस्ट तृप्ति देसाई ने कहा कि सुरक्षा मिले या नहीं, वो सबरीमाला जाएँगी।

उधर केरल पुलिस ने 10 ऐसी महिलाओं को मंदिर से लौटा दिया, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम थी और वो मंदिर के नियमों का उल्लंघन करते हुए अंदर प्रवेश करना चाहती थीं। शनिवार (नवंबर 16, 2019) को वार्षिक मंडल पूजा पर्व के लिए सबरीमाला मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से 10 ऐसी महिलाएँ भी पहुँची थीं, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम थी। पुलिस ने उन महिलाओं को सबरीमाला मंदिर की परंपरा के बारे में बताया और उलटे पाँव वापस कर दिया।

नीलक्कल में एक कैम्प बनाया गया है, जहाँ श्रद्धालुओं की चेकिंग की जा रही है। वहाँ पहुँचने वाली सभी गाड़ियों की भी तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला पर उनके निर्णय को लेकर आईं सभी समीक्षा याचिकाओं को 7 सदस्यीय खंडपीठ के पास भेज दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में जाने की इजाजत दे दी थी। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर की परंपरा की रक्षा के लिए भारी विरोध प्रदर्शन किया था।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

हालाँकि, पुलिस ने 50 से कम उम्र की महिलाओं को मंदिर की परंपरा का हवाला देकर वापस भेजने की बात से इनकार किया है। ‘द न्यूज़ मिनट’ से बात करते हुए पुलिस ने बताया कि उन महिलाओं को मंदिर की परंपरा के बारे में पता नहीं था और उन्हें जैसे ही इसका भान हुआ, वो ख़ुद वापस चली गईं। पुलिस ने बताया कि उन महिलाओं को समझाने की कोई ज़रूरत ही नहीं पड़ी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

उद्धव ठाकरे-शरद पवार
कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी के सावरकर को लेकर दिए गए बयान ने भी प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। इस मसले पर भाजपा और शिवसेना के सुर एक जैसे हैं। इससे दोनों के जल्द साथ आने की अटकलों को बल मिला है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

118,575फैंसलाइक करें
26,134फॉलोवर्सफॉलो करें
127,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: