Tuesday, July 23, 2024
Homeदेश-समाजराजस्थान में 93 साल के महंत सियाराम दास की हत्या, सिर में नुकीली चीज...

राजस्थान में 93 साल के महंत सियाराम दास की हत्या, सिर में नुकीली चीज से वार: कुछ दिन पहले संत हरिराम दास के हाथ-पांव बाँधकर कर दी गई थी हत्या

कुछ दिन पहले नवगठित डीडवाना कुचामन जिले में एक संत की हत्या कर दी गई थी। कुचामन थाना इलाके में स्थित रसाल गाँव में हरिराम बाबा की बगीची के संत मोहनदास की निर्दयतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया गया था।शव के हाथ-पाँव बँधे हुए थे और उनकी आँखों पर भी पट्टी बंधी हुई थी। इस घटना के कारण इलाके में तनाव फैल गया था।

राजस्थान के टोंक में एक मंदिर के महंत की हत्या कर दी गई है। इसके बाद इलाके में बवाल हो गया है। महंत का नाम सियाराम दास बाबा भूरिया बताया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कॉन्ग्रेस की सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्थान में अपराधियों के निशाने पर साधु-महात्मा हैं।

जिले के मालपुरा स्थित डिग्गी में महंत सियाराम दास बाबा भूरिया महादेव मंदिर के महंत थे। बताया जा रहा है कि देर रात अज्ञात बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। जब बुधवार की सुबह लोग पूजा-पाठ करने के लिए मंदिर पहुँचे तो उन्होंने बाबा को अचेतावस्था में देखा पाया। नजदीक जाकर देखने पर उनके आसपास खून बिखरा हुआ था।

हालात को देखते हुए लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँच गए। उन्होंने शव को कब्जे में ले लिया और मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। एफएसएल और MIU की टीम सबूत इकट्ठा कर रही है। अपराधियों की पहचान के लिए इलाके के आसपास के सीसीटीवी को भी चेक किया जा रहा है। आसपास के लोगों से भी इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि।

बताया जा रहा है कि जिस वक्त अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया, उस वक्त महंत सियाराम दास मंदिर में अकेले थे। सियाराम करौली जिले के नादौती के रहने वाले थे। वो लगभग 50 सालों से मंदिर में अकेले रह रहे थे। वे अपना खाना खुद ही बनाते थे और वहीं आश्रम में रहकर पूजा पाठ करते थे। वो लगभग 93 साल के थे। उनकी हत्या से संत समाज में नाराजगी है। वहीं, कस्बावासियों ने विरोध में बाजार को बंद कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, बाबा के सिर में किसी भारी नुकीली चीज से वार किया गया है। इसके कारण उनके सिर से काफी खून बह गया। बाबा का शव आश्रम के बरामदे में पड़ा मिला था। पुलिस ने आश्रम का करीब 500 मीटर का एरिया सील कर दिया है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात किस वक्त हुई और इसे अंजाम देने वाले कौन थे? फिलहाल पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।

इस घटना को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “बहुत दु:खद है कि टोंक क्षेत्र के महंत संत सियाराम दास बाबा जी की निर्मम हत्या कर दी गई। राजस्थान में साधु-संत अपराधियों के निशाने पर क्यों हैं? देश में कहीं और ऐसा नहीं देखा गया।”

उन्होंने आगे कहा, “संत समाज की अवहेलना गहलोत सरकार की तुष्टिकरण नीति का हिस्सा है। अपना वोट बैंक बनाए रखने के लिए कॉन्ग्रेस साधु-संतों को प्रताड़ित करने वाले असामाजिक तत्वों को प्रोत्साहित करती है। यह ऐसा पाप है जिसका दंड अवश्वसंभावी है, शीघ्र ही जिसे सनातन धर्म को आघात पहुँचा रहे अधर्मियों को भुगतना होगा।”

बताते चलें कि कुछ दिन पहले नवगठित डीडवाना कुचामन जिले में एक संत की हत्या कर दी गई थी। कुचामन थाना इलाके में स्थित रसाल गाँव में हरिराम बाबा की बगीची के संत मोहनदास की निर्दयतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया गया था।शव के हाथ-पाँव बँधे हुए थे और उनकी आँखों पर भी पट्टी बंधी हुई थी। इस घटना के कारण इलाके में तनाव फैल गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेचुरल फार्मिंग क्या है, बजट में क्यों इसे 1 करोड़ किसानों से जोड़ने का ऐलान: गोबर-गोमूत्र के इस्तेमाल से बढ़ेगी किसानों की आय

प्राकृतिक खेती एक रसायनमुक्त व्यवस्था है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है।

नारी शक्ति को मोदी सरकार ने समर्पित किए ₹3 लाख करोड़: नौकरी कर रहीं महिलाओं और उनके बच्चों के लिए भी रहने की सुविधा,...

बजट में महिलाओं की हिस्सेदारी कार्यबल में बढ़ाने पर काम किया गया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का भी ऐलान हुआ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -